अध्ययन में पहचाने गए चार चरणों में निम्नलिखित में से कौन-सी जलवायु घटना शामिल थी?
- A.लघु हिमयुग
- B.कार्बनी हिमनदन
- C.क्रिटेशस तापीय चरम
- D.पर्मियन विलुप्ति
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर लघु हिमयुग है। शोधकर्ताओं ने झील के अभिलेख में चार प्रमुख पर्यावरणीय चरण पहचाने, जो प्रमुख जलवायु घटनाओं से जुड़े हैं और जिनमें लगभग चार दशमलव दो हजार वर्ष पहले की शुष्क घटना, रोमन गर्म अवधि तथा लघु हिमयुग शामिल हैं। लघु हिमयुग के ठंडे दौर में पश्चिमी हवाओं से आई नमी ने क्षेत्र में बाढ़ के स्पष्ट प्रमाण छोड़े। विकल्प B, C और D में बताई गई घटनाएं कहीं अधिक प्राचीन भूवैज्ञानिक युगों की हैं, जो इस अध्ययन की उत्तर होलोसीन अवधि से करोड़ों वर्ष पहले घटीं, इसलिए वे इस अभिलेख में आ ही नहीं सकतीं। परीक्षा के लिए तीनों नामित घटनाएं एक साथ याद रखें। साथ ही यह भी याद रखें कि मानसून के उतार-चढ़ाव ने सी3 और सी4 वनस्पति के बीच बदलाव तथा झील में जमा कार्बनिक पदार्थ के स्वरूप को भी प्रभावित किया।
पूरा लेख पढ़ें: बीएसआईपी ने 4600 वर्षों के मानसून इतिहास का पुनर्निर्माण किया
अभ्यास प्रश्न
करेला झील से 4600 वर्षों के मानसून और पर्यावरणीय इतिहास का पुनर्निर्माण किस संस्थान ने किया?
- A.वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान
- B.बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान
- C.राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान
- D.भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान
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इसके वैज्ञानिकों ने करेला झील पर स्थिर समस्थानिकों, वनस्पति परिवर्तनों तथा पुरातात्विक और अवसादी अभिलेखों की मदद से पुरा-पर्यावरणीय स्थितियों का पता लगाया और हजारों वर्ष पुराना अभिलेख तैयार किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अध्ययन का स्थल करेला झील किस शहर के पास स्थित है?
- A.पटना
- B.प्रयागराज
- C.लखनऊ
- D.कानपुर
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करेला झील उत्तर प्रदेश में लखनऊ के निकट मोहनलाल गंज के हुलास खेड़ा में स्थित एक गोखुर झील है और मध्य गंगा मैदान में आती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस अध्ययन में जिप्सम वाला कौन सा मंगल सदृश रेगिस्तान भारत से बाहर है?
- A.अटाकामा रेगिस्तान, चिली
- B.सहारा रेगिस्तान, अफ्रीका
- C.गोबी रेगिस्तान, मंगोलिया
- D.कालाहारी रेगिस्तान, बोत्सवाना
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वहां और तमिलनाडु के अर्ध-शुष्क भूवैज्ञानिक एवं पुराजलवायु क्षेत्र तिरुचिरापल्ली बैडलैंड्स में जिप्सम की पहचान हुई, इसलिए दोनों स्थान अतीत की जल गतिविधि के अध्ययन के लिए मंगल सदृश स्थल माने गए हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लेजर रामन स्पेक्ट्रोमीटर से मंगल सदृश स्थलों की पहचान किस संस्थान के दल ने की?
- A.भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद
- B.केरल विश्वविद्यालय, भूविज्ञान विभाग
- C.भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान, बेंगलुरु
- D.राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान अध्ययन केंद्र
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इस शोध में प्रयुक्त लेजर रामन स्पेक्ट्रोमीटर इसी विभाग में डीएसटी-फिस्ट कार्यक्रम के तहत उपलब्ध है, और शोध दल का नेतृत्व डीएसटी-फिस्ट के परियोजना समन्वयक डॉ. सजिन कुमार के. एस. ने किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तमिलनाडु के नेवेली को मंगल सदृश स्थल सिद्ध करने में किस खनिज की पहचान सहायक रही?
- A.मेलेंटेराइट
- B.जिप्सम
- C.हेमेटाइट
- D.ओलिवीन
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नेवेली में यह खनिज लिग्नाइट की परत में मौजूद मार्कासाइट से सल्फाइड ऑक्सीकरण के जरिये बनता है और अल्पकालिक आर्द्र, अम्लीय तथा ऑक्सीकारक परिस्थितियों को दर्ज करता है।
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