जंतु और पादप प्रजातियों की सबसे अधिक विविधता कहाँ पाई जाती है?
- A.शीतोष्ण वन
- B.मरुस्थल और सवाना
- C.आर्कटिक और अल्पाइन तंत्र
- D.उष्णकटिबंधीय आर्द्र वन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, उष्णकटिबंधीय आर्द्र वन। उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों में किसी भी अन्य स्थलीय पारितंत्र से अधिक पादप और जंतु प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
ये वन पृथ्वी के स्थल भाग के केवल छह-सात प्रतिशत हिस्से पर फैले हैं, फिर भी माना जाता है कि ज्ञात स्थलीय प्रजातियों में से आधी से अधिक इन्हीं में रहती हैं। साल भर गर्मी, भारी वर्षा और तेज धूप के कारण पौधे लगातार बढ़ते हैं। ज़मीन से लेकर सबसे ऊँची छतरी तक वन की कई परतें अनगिनत आवास बनाती हैं। अमेज़न बेसिन, कांगो बेसिन, दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत में पश्चिमी घाट व पूर्वोत्तर इसके उदाहरण हैं। सामान्यतः ध्रुवों से भूमध्य रेखा की ओर प्रजातियों की संख्या बढ़ती है।
A गलत है: शीतोष्ण वनों में ठंडी सर्दियाँ और छोटा वृद्धि काल होता है, इसलिए प्रजातियाँ कम हैं।
B गलत है: मरुस्थल और सवाना कम या मौसमी वर्षा से सीमित रहते हैं।
C गलत है: आर्कटिक और अल्पाइन तंत्र ठंडे हैं और इनमें चारों में सबसे कम विविधता है।
Exam tip: जैव विविधता ध्रुवों से भूमध्य रेखा की ओर बढ़ती है; उष्णकटिबंधीय वर्षा वन सबसे समृद्ध स्थलीय बायोम हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिसी तालाब, महासागर, वन या एक्वेरियम जैसे अपने परिवेश सहित एक जैविक समुदाय को क्या कहा जाता है?
- A.बायोम (जीवोम)
- B.समुदाय
- C.अजैविक पर्यावरण
- D.पारितंत्र
उत्तर देखें
पारितंत्र जीवों का एक समुदाय और उसके साथ क्रिया करने वाला निर्जीव पर्यावरण है, और यह महासागर जितना बड़ा या एक्वेरियम जितना छोटा हो सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. भारत में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन 0.5 t CO2/प्रति व्यक्ति से कम है।
II. ईंधन दहन से CO2 उत्सर्जन के मामले में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दूसरे स्थान पर है।
III. भारत में बिजली और ऊष्मा उत्पादक CO2 उत्सर्जन के सबसे बड़े स्रोत हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I और III
- B.केवल II
- C.केवल II और III
- D.I, II और III
उत्तर देखें
ईंधन दहन से CO2 उत्सर्जन में भारत एशिया-प्रशांत में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक है और बिजली व ऊष्मा उत्पादन इसका सबसे बड़ा स्रोत है, पर इसका प्रति व्यक्ति उत्सर्जन 0.5 टन से काफ़ी अधिक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'घरेलू अंश आवश्यकता' (डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट) शब्द कभी-कभी समाचारों में किसके संदर्भ में दिखाई देता है?
- A.हमारे देश में सौर ऊर्जा उत्पादन का विकास
- B.हमारे देश में विदेशी टी.वी. चैनलों को लाइसेंस देना
- C.हमारे खाद्य उत्पादों का अन्य देशों को निर्यात
- D.विदेशी शैक्षणिक संस्थानों को हमारे देश में अपने परिसर स्थापित करने की अनुमति
उत्तर देखें
घरेलू अंश आवश्यकता (DCR) वह नियम है जिसके अनुसार कुछ सौर परियोजनाओं में भारत में बने सौर सेल और मॉड्यूल ही लगाने होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किसके संदर्भ में कुछ वैज्ञानिक पक्षाभ मेघ विरलन (सिरस क्लाउड थिनिंग) तकनीक और समतापमंडल में सल्फेट वायुविलय के अंतःक्षेपण के उपयोग का सुझाव देते हैं?
- A.कुछ क्षेत्रों में कृत्रिम वर्षा कराना
- B.उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की बारंबारता और तीव्रता घटाना
- C.पृथ्वी पर सौर पवनों के प्रतिकूल प्रभाव घटाना
- D.भूमंडलीय तापन घटाना
उत्तर देखें
दोनों उपाय भू-अभियांत्रिकी (जियोइंजीनियरिंग) के प्रस्ताव हैं, जिनका उद्देश्य पृथ्वी में आने या उससे जाने वाली ऊष्मा बदलकर ग्रह को ठंडा करना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किनकी प्रजातियाँ अन्य जीवों के साथ सहजीवी संबंध स्थापित कर सकती हैं?
1. नाइडेरियन
2. कवक
3. प्रोटोज़ोआ
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
नाइडेरियन, कवक और प्रोटोज़ोआ, तीनों में ऐसी प्रजातियाँ हैं जो अन्य जीवों के साथ घनिष्ठ, परस्पर लाभकारी साझेदारी में रहती हैं।
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