जलीय पौधों में बड़ी वायु-कोष्ठिकाएं उन्हें उत्प्लावन प्रदान करती हैं। ये कोष्ठिकाएं निम्नलिखित में से किस प्रकार के ऊतक से घिरी होती हैं?
- A.मृदूतक (पैरेनकाइमा)
- B.स्थूलकोण ऊतक (कॉलेनकाइमा)
- C.दृढ़ ऊतक (स्क्लेरेनकाइमा)
- D.जटिल ऊतक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, मृदूतक (पैरेनकाइमा)। जलीय पौधों में मृदूतक कोशिकाएं बड़ी वायु गुहाओं को घेरे रहती हैं; इस विशेष रूप को वायूतक (एरेनकाइमा) कहते हैं, और यह पौधों को तैरने में मदद करता है।
मृदूतक सबसे सरल स्थायी पादप ऊतक है, जो जीवित, पतली भित्ति वाली कोशिकाओं से बना होता है और कोशिकाओं के बीच रिक्त स्थान होते हैं। यह भोजन संचित करता है और हरितलवक होने पर प्रकाश-संश्लेषण भी करता है, जिसे हरित ऊतक (क्लोरेनकाइमा) कहते हैं। जलकुंभी और कमल जैसे जलीय पौधों में ये रिक्त स्थान बड़े वायु कक्ष बन जाते हैं, जो पत्तियों और तनों को तैराते हैं और श्वसन के लिए वायु रखते हैं। इससे पौधा ऑक्सीजन की कमी वाले जलभराव में भी जीवित रहता है।
B, स्थूलकोण ऊतक की कोशिकाएं कोनों पर मोटी होती हैं और तनों तथा पर्णवृंतों को लचीलापन देती हैं, उत्प्लावन नहीं।
C, दृढ़ ऊतक लिग्निन युक्त भित्ति वाली मृत कोशिकाओं से बनता है, जैसे नारियल के छिलके के रेशे, और कठोरता व मजबूती देता है।
D, जटिल ऊतक, यानी जाइलम और फ्लोएम, पौधे में जल और भोजन का परिवहन करते हैं।
Exam tip: वायूतक, उत्प्लावन; हरित ऊतक, प्रकाश-संश्लेषण; स्थूलकोण ऊतक, लचीलापन; दृढ़ ऊतक, मजबूती।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकागज़ वर्णलेखन (पेपर क्रोमैटोग्राफी) में निहित सिद्धांत है
- A.अवशोषण
- B.वितरण (पार्टीशन)
- C.विलेयता
- D.वाष्पशीलता
उत्तर देखें
कागज़ वर्णलेखन में पदार्थ इसलिए अलग होते हैं क्योंकि हर पदार्थ दो द्रव प्रावस्थाओं के बीच अलग-अलग अनुपात में बँटता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी परिघटना ध्वनि तरंगों द्वारा प्रदर्शित नहीं की जा सकती?
- A.परावर्तन
- B.अपवर्तन
- C.व्यतिकरण
- D.ध्रुवण
उत्तर देखें
वायु में ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग है, और केवल अनुप्रस्थ तरंगों का ही ध्रुवण हो सकता है। ध्रुवण का अर्थ है तरंग के कंपनों को एक ही तल तक सीमित कर देना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी वस्तु दीप्त (स्वयं प्रकाशमान) नहीं है?
- A.सूर्य
- B.विद्युत लैंप
- C.मोमबत्ती
- D.चंद्रमा
उत्तर देखें
चंद्रमा का अपना कोई प्रकाश नहीं होता; वह केवल सूर्य का प्रकाश परावर्तित करता है, इसलिए वह अदीप्त वस्तु है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रयोग #1 में एक छड़ चुंबक को उसके उत्तरी ध्रुव को चालक तार के एक लूप की ओर रखते हुए, अक्ष के अनुदिश लूप की ओर ले जाया जाता है। प्रयोग #2 में यही प्रक्रिया दोहराई जाती है, केवल अंतर यह है कि चुंबक का दक्षिणी ध्रुव लूप की ओर रहता है। इस संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.दोनों प्रयोगों में लूप में धारा की दिशा परस्पर विपरीत होगी।
- B.दोनों प्रयोगों में लूप में धारा की दिशा समान होगी।
- C.दोनों में से किसी भी प्रयोग में धारा प्रवाहित नहीं होगी।
- D.प्रयोग #1 में लूप में अधिक धारा प्रवाहित होगी।
उत्तर देखें
लूप की ओर आने वाला ध्रुव बदलने से चुंबकीय फ्लक्स का परिवर्तन उलट जाता है, इसलिए प्रेरित धारा भी उलट जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पौधों के वर्गीकरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.थैलोफाइटा की शारीरिक संरचना सुविभेदित होती है
- B.फ्यूनेरिया एक कवक है
- C.सभी टेरिडोफाइटा फैनेरोगैम हैं
- D.ब्रायोफाइटा में संवहन तंत्र नहीं पाया जाता
उत्तर देखें
मॉस और लिवरवर्ट में जाइलम या फ्लोएम नहीं होते, इसलिए उनमें जल एक कोशिका से दूसरी कोशिका में जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →