जैव विविधता प्रबंधन समितियां तथा जैव विविधता विरासत स्थल किस कानून में दिए गए हैं?
- A.जैव विविधता अधिनियम, 2002
- B.वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972
- C.वन अधिकार अधिनियम, 2006
- D.राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, जैव विविधता अधिनियम 2002 है, जो जैव विविधता अभिसमय को लागू करने के लिए भारत में पारित किया गया। वह तीन स्तर की व्यवस्था बनाता है: केंद्र में राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, राज्यों में राज्य जैव विविधता बोर्ड, और हर स्थानीय निकाय में जैव विविधता प्रबंधन समिति, जो अपने क्षेत्र के पौधों, जीवों तथा परंपरागत उपयोगों का जन जैव विविधता रजिस्टर रखती है। इसी अधिनियम की धारा 37 राज्य सरकार को विशेष जैव विविधता वाले क्षेत्र को जैव विविधता विरासत स्थल घोषित करने देती है।
विकल्प B गलत है, क्योंकि वन्यजीव कानून संरक्षित क्षेत्रों तथा प्रजातियों की अनुसूचियों से जुड़ा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वन अधिकार अधिनियम वन निवासियों के अधिकार, जिनमें सामुदायिक वन संसाधन अधिकार भी है, मान्य करता है पर कोई जैव विविधता समिति नहीं बनाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि 2010 के अधिनियम ने केवल पर्यावरण अधिकरण की स्थापना की।
पूरा लेख पढ़ें: पवित्र उपवन और सामुदायिक संरक्षण: परीक्षा नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत के किस राज्य में पवित्र उपवनों को काव कहा जाता है?
- A.केरल
- B.कर्नाटक
- C.ओडिशा
- D.मणिपुर
उत्तर देखें
केरल में पवित्र उपवन को काव कहा जाता है, और नाग देवताओं के लिए रखा गया उपवन, जो राज्य के लगभग हर पुराने घर के परिसर में होता था, सर्प काव कहलाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ओरण नामक पवित्र उपवन किस राज्य की विशेषता हैं?
- A.गुजरात
- B.राजस्थान
- C.हरियाणा
- D.मध्य प्रदेश
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ओरण पश्चिमी राजस्थान में किसी लोक देवता को समर्पित मरुस्थलीय वनस्पति का टुकड़ा है, जिसमें खेजड़ी, कैर, जाल और रोहिड़ा के वृक्ष तथा उनके बीच की घास होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लिंगदोह कुल द्वारा सहेजा गया प्रसिद्ध माफलांग पवित्र वन किस राज्य में है?
- A.नागालैंड
- B.मिजोरम
- C.मेघालय
- D.त्रिपुरा
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माफलांग शिलांग के दक्षिण में खासी पहाड़ियों में स्थित है और भारत का सबसे प्रसिद्ध पवित्र उपवन है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1730 में खेजड़ली में अमृता देवी के नेतृत्व में बिश्नोइयों ने किस वृक्ष की रक्षा के लिए प्राण दिए?
- A.खेजड़ी
- B.बरगद
- C.चंदन
- D.सागवान
उत्तर देखें
खेजड़ी, थार का प्रोसोपिस सिनेरेरिया, वही वृक्ष है जिसे बिश्नोई पवित्र मानते हैं, और वह राजस्थान का राज्य वृक्ष है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिश्नोई पंथ के संस्थापक, जिनके उनतीस नियम हरे वृक्ष काटने से रोकते हैं, कौन थे?
- A.गुरु जंभेश्वर
- B.संत पीपा
- C.धन्ना भगत
- D.जसनाथ जी
उत्तर देखें
जंभेश्वर, जिन्हें स्नेह से जंभोजी कहा जाता है, ने 1485 में बीकानेर के मरुस्थल में बिश्नोई पंथ की स्थापना की।
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