जहाँआरा द्वारा लिखी गई शेख़ मुईनुद्दीन चिश्ती की जीवनी किस नाम से जानी जाती है?
- A.मुनिस अल-अरवाह
- B.फ़वाइद-उल-फ़ुवाद
- C.सीरत-उल-औलिया
- D.मुरक्का-ए-देहली
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, मुनिस अल-अरवाह। शाहजहाँ की सबसे बड़ी बेटी जहाँआरा बेगम ने 1640 में भारत में चिश्ती सिलसिले के संस्थापक शेख़ मुईनुद्दीन चिश्ती की जीवनी के रूप में मुनिस अल-अरवाह ("आत्माओं का विश्वासपात्र") लिखी। वह इस संत और चिश्ती सिलसिले की गहरी अनुयायी थीं। इस पुस्तक में उन्होंने अजमेर की दरगाह की अपनी यात्रा का वर्णन किया है, जहाँ उन्होंने दरगाह में झाड़ू लगाई और नंगे पाँव प्रार्थना की। मुईनुद्दीन चिश्ती 12वीं शताब्दी के अंत में भारत आए और अजमेर में बस गए, जहाँ 1236 में उनका निधन हुआ। उनकी दरगाह उपमहाद्वीप के बड़े तीर्थों में से एक बनी और अकबर कई बार वहाँ गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि फ़वाइद-उल-फ़ुवाद शेख़ निज़ामुद्दीन औलिया की बातचीत का संकलन है, जिसे कवि अमीर हसन सिज्ज़ी ने तैयार किया। विकल्प C गलत है, क्योंकि अमीर खुर्द की सियर-उल-औलिया दिल्ली के चिश्ती संतों का इतिहास है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुरक्का-ए-देहली दरगाह क़ुली ख़ान का 1730 के दशक की दिल्ली के जीवन और संस्कृति का वर्णन है। परीक्षा टिप: जहाँआरा ने मुईनुद्दीन चिश्ती पर मुनिस अल-अरवाह लिखी; अमीर हसन सिज्ज़ी ने निज़ामुद्दीन औलिया पर फ़वाइद-उल-फ़ुवाद।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमध्यकालीन बंगाल की सबसे बड़ी मस्जिद, पांडुआ की अदीना मस्जिद किसने बनवाई?
- A.सिकंदर शाह
- B.होशंग शाह
- C.इब्राहीम शाह शर्की
- D.अहमद शाह प्रथम
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सही उत्तर है A, सिकंदर शाह, जो शम्सुद्दीन इलियास शाह का पुत्र और उत्तराधिकारी था और जिसने चौदहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में पांडुआ में अदीना मस्जिद ऐसे पैमाने पर बनवाई जो पूर्वी भारत में अद्वितीय है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अलाउद्दीन हुसैन शाह, जिसके समय मध्यकालीन बंगाल का स्वर्ण युग आया, किस धार्मिक व्यक्तित्व का समकालीन था?
- A.कबीर
- B.चैतन्य महाप्रभु
- C.गुरु नानक देव
- D.रामानुज
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बंगाल में कृष्ण भक्ति के महान प्रचारक अलाउद्दीन हुसैन शाह के शासनकाल में हुए, जिसने बांग्ला साहित्य को संरक्षण दिया और जिसके शासन में वैष्णव भक्ति प्रांत में व्यापक रूप से फैली।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1484 में जौनपुर को दिल्ली सल्तनत में किस शासक ने मिलाया?
- A.बहलोल लोदी
- B.सिकंदर लोदी
- C.इब्राहीम लोदी
- D.अकबर
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लोदी वंश के संस्थापक ने अपने शासन का बड़ा भाग शर्की राज्य को दबाने में लगाया, हुसैन शाह शर्की को पराजित किया, जो बंगाल भाग गया, और 1484 में जौनपुर को मिला लिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1342 में बंगाल को एक करने, इलियास शाही वंश की स्थापना करने और शाह-ए-बंगाला की उपाधि धारण करने वाला शासक कौन था?
- A.शम्सुद्दीन इलियास शाह
- B.अलाउद्दीन हुसैन शाह
- C.जलालुद्दीन मुहम्मद शाह
- D.दाऊद खाँ करारानी
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उसने 1342 में बंगाल के तीनों भागों को एक सत्ता के अधीन किया, अपने नाम पर वंश की स्थापना की, शाह-ए-बंगाला की उपाधि ली और फिरोज शाह तुगलक के दोनों आक्रमणों को विफल किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मालवा के किस शासक ने राजधानी धार से मांडू स्थानांतरित कर उसका नाम शादियाबाद रखा?
- A.दिलावर खाँ गोरी
- B.होशंग शाह
- C.महमूद खिलजी प्रथम
- D.बाज बहादुर
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दिलावर खाँ गोरी के पुत्र ने शासन का केंद्र मैदानी नगर धार से हटाकर मांडू के पहाड़ी किले में किया, उसका नाम शादियाबाद अर्थात आनंद नगर रखा और वहाँ जामा मस्जिद बनवाई; मांडू में उसका अपना मकबरा भारत का पहला पूर्णतः संगमरमर आच्छादित भवन है, जिसका अध्ययन करने शाहजहाँ ने…
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