जब सामान्य ब्याज दर बहुत नीचे पहुंच जाती है, तो निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही होगा?
- A.अधिकांश लोग भविष्य में ब्याज दर बढ़ने की अपेक्षा करेंगे।
- B.अधिकांश लोग बॉन्ड रखना पसंद करेंगे।
- C.अधिकांश लोग ब्याज दर में और गिरावट का अनुमान लगाएंगे।
- D.मुद्रा आपूर्ति में कोई भी वृद्धि ब्याज दर को और नीचे ले जाएगी।
सही उत्तर
A. अधिकांश लोग भविष्य में ब्याज दर बढ़ने की अपेक्षा करेंगे।
व्याख्या
सही उत्तर है A, अधिकांश लोग भविष्य में ब्याज दर बढ़ने की अपेक्षा करेंगे। जब ब्याज दर पहले ही बहुत नीची हो, तो लोग मानते हैं कि अब यह और नहीं गिर सकती और आगे बढ़ेगी ही, इसलिए वे बॉन्ड के बजाय नकदी अपने पास रखते हैं। कीन्स ने इसे मुद्रा की सट्टा मांग कहा, और वह चरम स्थिति जिसमें अत्यंत नीची दर पर सभी नकदी पसंद करते हैं, तरलता जाल कहलाती है। इसका कारण बॉन्ड की कीमत और ब्याज दर का संबंध है - ब्याज दर बढ़ने पर पुराने बॉन्ड की कीमत गिरती है, इसलिए बॉन्ड रखने वाले को पूंजीगत हानि होती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसी हानि के भय से लोग उस समय बॉन्ड से बचते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि दर के निम्नतम स्तर के निकट पहुंचने पर लोग और गिरावट की अपेक्षा छोड़ देते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि तरलता जाल में बढ़ी हुई मुद्रा नकदी के रूप में ही रखी जाती है और ब्याज दर अपरिवर्तित रहती है। परीक्षा टिप: बहुत नीची ब्याज दर - मुद्रा की ऊंची सट्टा मांग - तरलता जाल।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंउपभोक्ता सिद्धांत यह बताता है कि लोग अपना ______ खर्च करने का निर्णय कैसे लेते हैं।
- A.समय
- B.संबंध
- C.ऊर्जा
- D.धन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. धन
व्याख्या
सही उत्तर है D, धन। उपभोक्ता सिद्धांत इस बात का अध्ययन करता है कि कोई परिवार उपलब्ध वस्तुओं और सेवाओं पर अपना धन किस प्रकार खर्च करने का निर्णय लेता है।
यह सिद्धांत तीन बातों पर आधारित है, उपभोक्ता की आवश्यकताएँ, वस्तुओं की कीमतें और हाथ में उपलब्ध आय, जिसे बजट सीमा कहा जाता है। आय सीमित होने के कारण उपभोक्ता वही संयोजन चुनता है जिससे खर्च किए धन पर सर्वाधिक संतुष्टि या उपयोगिता प्राप्त हो, और जब खर्च के किसी भी फेरबदल से संतुष्टि नहीं बढ़ सके तो उसे उपभोक्ता संतुलन कहा जाता है। घटती सीमांत उपयोगिता का नियम, तटस्थता वक्र और माँग का नियम सूक्ष्म अर्थशास्त्र की इसी शाखा में आते हैं।
विकल्प A गलत है क्योंकि समय के उपयोग का अध्ययन श्रम और अवकाश के चयन के रूप में अलग किया जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि संबंध सामाजिक विषय हैं, आर्थिक चयन नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि यहाँ ऊर्जा का कोई आर्थिक अर्थ नहीं बनता।
परीक्षा टिप: उपभोक्ता सिद्धांत आवश्यकता, कीमत और आय को जोड़कर माँग वक्र की व्याख्या करता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति का प्राथमिक उद्देश्य किसे बनाए रखना है?
- A.संपत्ति
- B.विनिमय दर
- C.संवृद्धि
- D.मूल्य स्थिरता
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. मूल्य स्थिरता
व्याख्या
सही उत्तर है D, मूल्य स्थिरता। 2016 में संशोधित भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम कहता है कि मौद्रिक नीति का प्राथमिक उद्देश्य संवृद्धि के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। मुद्रास्फीति लक्ष्य ढाँचे के तहत सरकार, रिज़र्व बैंक से परामर्श करके, उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति का लक्ष्य चार प्रतिशत तय करती है, जिसमें दोनों ओर दो प्रतिशत का दायरा रहता है। छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति, जिसमें गवर्नर सहित रिज़र्व बैंक के तीन सदस्य होते हैं और गवर्नर के पास निर्णायक मत होता है तथा तीन सदस्य सरकार नियुक्त करती है, आमतौर पर हर दो महीने में रेपो दर तय करती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि संपत्ति बनाना मौद्रिक नीति का काम नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि रिज़र्व बैंक फेमा के तहत विनिमय दर देखता है, पर केवल तेज उतार-चढ़ाव रोकने के लिए, मुख्य उद्देश्य के रूप में नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि संवृद्धि ध्यान में रखा जाने वाला उद्देश्य है, पर कानून में वह मूल्य स्थिरता के बाद आता है। परीक्षा टिप: पहले मूल्य स्थिरता, साथ में संवृद्धि का ध्यान, और चार प्रतिशत का मुद्रास्फीति लक्ष्य दो प्रतिशत के दायरे के साथ।
भारत के संविधान में पंचवर्षीय योजनाओं की अवधारणा _______ से ली गई है।
- A.रूस
- B.इंग्लैंड
- C.संयुक्त राज्य अमेरिका
- D.जर्मनी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रूस
व्याख्या
सही उत्तर है A, रूस। पंचवर्षीय योजनाओं का विचार भारत ने तत्कालीन सोवियत संघ से लिया, जिसने 1928 में स्टालिन के नेतृत्व में अपनी पहली योजना शुरू की थी। इसके साथ ही भारत ने सोवियत संविधान से मौलिक कर्तव्य और प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक न्याय का आदर्श भी लिया। भारत की पहली पंचवर्षीय योजना 1951 से 1956 तक चली और उसका जोर कृषि तथा सिंचाई पर था; 1950 में बने योजना आयोग ने योजनाएँ तैयार कीं और प्रधानमंत्री उसके अध्यक्ष होते थे। 2017 में समाप्त बारहवीं योजना अंतिम थी और 2015 में नीति आयोग ने योजना आयोग का स्थान लिया। विकल्प B गलत है, क्योंकि इंग्लैंड से संसदीय शासन, विधि का शासन और एकल नागरिकता ली गई। विकल्प C गलत है, क्योंकि अमेरिका से मौलिक अधिकार और न्यायिक पुनरावलोकन लिए गए। विकल्प D गलत है, क्योंकि जर्मनी यानी वाइमर संविधान से आपातकाल में मौलिक अधिकारों के निलंबन का प्रावधान लिया गया। परीक्षा टिप: सोवियत संघ से मौलिक कर्तव्य, पंचवर्षीय योजनाएँ और प्रस्तावना में न्याय का आदर्श।
किसी वर्ष में देश के भीतर उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मौद्रिक मूल्य को _________ कहा जाता है।
- A.प्रति व्यक्ति आय
- B.शुद्ध घरेलू उत्पाद
- C.राष्ट्रीय आय
- D.सकल घरेलू उत्पाद
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सकल घरेलू उत्पाद
व्याख्या
सही उत्तर है D, सकल घरेलू उत्पाद। सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी किसी देश की सीमा के भीतर एक वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मौद्रिक मूल्य है। इस परिभाषा में दो शब्द महत्वपूर्ण हैं। घरेलू का अर्थ है उत्पादन वहीं गिना जाता है जहाँ वह हुआ, चाहे साधन का स्वामी कोई भी हो, इसलिए भारत में काम करने वाली विदेशी कंपनी की कमाई भी भारत की जीडीपी में शामिल है। सकल का अर्थ है मशीनों और भवनों की घिसावट यानी मूल्यह्रास घटाया नहीं गया है। भारत में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय जीडीपी का अनुमान लगाता है और हर तिमाही आँकड़े जारी करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय आय को जनसंख्या से भाग देकर निकाली गई औसत आय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि शुद्ध घरेलू उत्पाद जीडीपी में से मूल्यह्रास घटाने पर मिलता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय आय देश के निवासियों की कमाई गिनती है, चाहे वे कहीं भी कमाएँ। परीक्षा टिप: घरेलू का अर्थ सीमा के भीतर, राष्ट्रीय का अर्थ निवासियों द्वारा; सकल में मूल्यह्रास शामिल, शुद्ध में घटा दिया गया।
मुद्रास्फीति रोकने के लिए रिज़र्व बैंक जब रेपो दर बढ़ाता है, तो तात्कालिक प्रभाव क्या होता है?
- A.साख महँगी हो जाती है और मुद्रा आपूर्ति की वृद्धि धीमी पड़ती है
- B.साख सस्ती हो जाती है और उधार बढ़ जाता है
- C.केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा अपने आप घट जाता है
- D.वैधानिक तरलता अनुपात उसी अनुपात में बढ़ जाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. साख महँगी हो जाती है और मुद्रा आपूर्ति की वृद्धि धीमी पड़ती है
व्याख्या
सही उत्तर A है। रेपो दर बढ़ने से बैंकों के लिए रिज़र्व बैंक से उधार लेने की लागत बढ़ती है, इसलिए वे अपनी उधार दरें भी बढ़ा देते हैं। ऋण महँगे हो जाते हैं, परिवार और फर्में कम उधार लेकर कम व्यय करते हैं, साख तथा मुद्रा आपूर्ति की वृद्धि धीमी होती है और कीमतों पर माँग का दबाव घटता है। इसे महँगी मुद्रा या संकुचनकारी नीति कहा जाता है।
विकल्प B रेपो दर में कटौती का प्रभाव बताता है, अर्थात सस्ती मुद्रा की नीति, जो मुद्रास्फीति कम होने पर वृद्धि को सहारा देने के लिए अपनाई जाती है। विकल्प C इसलिए गलत है कि राजकोषीय घाटा सरकार के अपने कर और व्यय से तय होता है; उल्टे महँगी साख से सरकार का ब्याज भार बढ़ जाता है। विकल्प D इसलिए गलत है कि वैधानिक तरलता अनुपात बैंककारी विनियमन अधिनियम के अंतर्गत अलग उपकरण है और नीतिगत दर के साथ अपने आप नहीं बदलता।