जब अंडों को गर्म किया जाता है, तो ज़र्दी के चारों ओर का पारदर्शी द्रव भाग ठोस और अपारदर्शी सफ़ेद हो जाता है। ऐसा किसके ऊष्मीय विकृतीकरण के कारण होता है?
- A.वसा
- B.प्रोटीन
- C.राइबोज़ शर्करा
- D.कार्बोहाइड्रेट
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, प्रोटीन। अंडे का सफ़ेद भाग मुख्यतः पानी और प्रोटीन है और ऊष्मा इन प्रोटीनों को विकृत कर देती है, जिससे वे अपारदर्शी सफ़ेद ठोस बन जाते हैं।
अंडे का पारदर्शी भाग, जिसे एल्ब्यूमेन कहते हैं, लगभग 90 प्रतिशत पानी और लगभग 10 प्रतिशत प्रोटीन है, जिसमें मुख्य ओवएल्ब्यूमिन है। कच्चे अंडे में प्रोटीन की शृंखलाएँ कमज़ोर बंधों से बँधी सघन आकृतियों में मुड़ी रहती हैं और प्रकाश को पार जाने देती हैं। ऊष्मा इन कमज़ोर बंधों को तोड़ देती है, शृंखलाएँ खुल जाती हैं और फिर आपस में उलझकर जुड़ जाती हैं, जिसे स्कंदन कहते हैं। यह नया जाल पानी को रोक लेता है और प्रकाश को बिखेरता है, इसलिए द्रव ठोस और सफ़ेद हो जाता है। ठंडा करने पर यह परिवर्तन उलटता नहीं।
A गलत है क्योंकि अंडे की लगभग सारी वसा ज़र्दी में होती है, सफ़ेद भाग में नहीं। C गलत है क्योंकि राइबोज़ आरएनए की शर्करा है और सफ़ेद भाग के जमने में उसकी कोई भूमिका नहीं है। D गलत है क्योंकि अंडे के सफ़ेद भाग में कार्बोहाइड्रेट नाममात्र ही होता है।
परीक्षा टिप: अंडा पकाना, अम्ल से दूध फाड़ना और पनीर जमाना प्रोटीन विकृतीकरण के रोज़मर्रा के उदाहरण हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
पूरी व्याख्या पढ़ें →