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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

इंडिया वाल्व रजिस्ट्री मुख्य रूप से किस चिकित्सा प्रक्रिया का डेटा जुटाती है?

  1. A.ट्रांसकैथेटर वाल्व हस्तक्षेप
  2. B.गुर्दा प्रत्यारोपण
  3. C.मोतियाबिंद की सर्जरी
  4. D.घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी

सही उत्तर

A. ट्रांसकैथेटर वाल्व हस्तक्षेप

व्याख्या

सही उत्तर ट्रांसकैथेटर वाल्व हस्तक्षेप है। विज्ञप्ति रजिस्ट्री को ऐसी सहयोगी बहु-केंद्रित पहल बताती है, जो देश भर में ट्रांसकैथेटर वाल्व हस्तक्षेपों का व्यवस्थित, सुरक्षित और पहचान रहित वास्तविक डेटा जुटाएगी, ताकि भारत-विशिष्ट नैदानिक साक्ष्य मजबूत हों और रोगी देखभाल सुधरे। विकल्प B, विकल्प C और विकल्प D आम सर्जरी प्रक्रियाओं के नाम हैं, जिनका इस रजिस्ट्री से कोई संबंध नहीं है, और इन्हें उस विद्यार्थी को पकड़ने के लिए रखा जाता है जिसे केवल रजिस्ट्री शब्द याद रहता है। चिकित्सा संदर्भ भी नोट्स में एक पंक्ति का हकदार है, क्योंकि इंडिया वाल्व्स 2026 का विषय वाल्वुलर और संरचनात्मक हृदय रोग है, और वाल्व रजिस्ट्री यह दर्ज करती है कि किस रोगी का वाल्व हस्तक्षेप हुआ, उसे कौन सा उपचार मिला और समय के साथ परिणाम कैसे बदले। उपराष्ट्रपति ने इसका उद्देश्य याद रहने वाले वाक्य में रखा, यानी ऐसी रजिस्ट्रियां हमारे देशवासियों के लिए हमारे देश का अपना डेटा बनाती हैं।

पूरा लेख पढ़ें: उपराष्ट्रपति ने चेन्नई में इंडिया वाल्व रजिस्ट्री शुरू की

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Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

इंडिया वाल्व्स 2026 में इंडिया वाल्व रजिस्ट्री का शुभारंभ किसने किया?

  1. A.भारत की राष्ट्रपति
  2. B.भारत के उपराष्ट्रपति
  3. C.केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री
  4. D.तमिलनाडु के मुख्यमंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारत के उपराष्ट्रपति

व्याख्या

सही उत्तर भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन हैं। विज्ञप्ति दर्ज करती है कि उन्होंने चेन्नई में आयोजित इंडिया वाल्व्स 2026 में इंडिया वाल्व रजिस्ट्री का शुभारंभ किया, और यह सम्मेलन वाल्वुलर तथा संरचनात्मक हृदय रोगों पर केंद्रित राष्ट्रीय शैक्षणिक आयोजन है। विकल्प C और विकल्प D वैसे भ्रम हैं जो अतिथि सूची से बनाए जाते हैं, क्योंकि कार्यक्रम में तमिलनाडु के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण मंत्री के. जी. अरुणराज तथा चेन्नई, नई दिल्ली और गुरुग्राम के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ मौजूद थे, पर शुभारंभ उपराष्ट्रपति ने किया। विकल्प A गलत है, क्योंकि इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति की कोई भूमिका नहीं थी। उसी दिन राष्ट्रपति नई दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान कर रही थीं, जो अलग समाचार है। जब एक ही सप्ताह में मिलते-जुलते शुभारंभ आएं, तो हर एक को उसके पदाधिकारी और शहर के साथ जोड़कर याद रखें।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत को इनमें से क्या भी होना चाहिए?

  1. A.आत्मनिर्भर भारत
  2. B.डिजिटल भारत
  3. C.स्वस्थ भारत
  4. D.स्वच्छ भारत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्वस्थ भारत

व्याख्या

सही उत्तर स्वस्थ भारत है। 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत को स्वस्थ भारत भी होना चाहिए, और विज्ञप्ति इस वाक्य को अपनी प्रमुख पंक्तियों में रखती है। विकल्प A, विकल्प B और विकल्प D देश के अन्य जाने-पहचाने अभियानों और नारों के नाम हैं, जिन्हें विद्यार्थी किसी भी सरकारी संबोधन से जोड़ सकता है, पर इस अवसर पर विकसित भारत के साथ स्वस्थ भारत की जोड़ी बनी। संबोधन के बाकी हिस्से भी इसी विचार को आगे बढ़ाते हैं, यानी स्वास्थ्य सेवा एक मानवाधिकार है और सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए, चिकित्सा विज्ञान की हर प्रगति के साथ लाभ समावेशी बनाने की जिम्मेदारी आती है, और कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने अपने लोगों के लिए टीके बनाकर लगभग 100 देशों को भी टीके उपलब्ध कराए। नारे के साथ वर्ष 2047 भी याद रखें, क्योंकि प्रश्न इसी जोड़ी पर बनता है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

जीएसएलवी-एफ17 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो को किसने बधाई दी?

  1. A.राष्ट्रपति
  2. B.उपराष्ट्रपति
  3. C.प्रधानमंत्री
  4. D.शिक्षा मंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रधानमंत्री

व्याख्या

सही उत्तर प्रधानमंत्री है। यह विज्ञप्ति प्रधानमंत्री कार्यालय ने जारी की थी और इसमें बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस प्रक्षेपण को इसरो की एक और शानदार उपलब्धि तथा देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने अपनी बात एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से रखी। उनके अनुसार यह सफल प्रक्षेपण भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की उत्कृष्टता, नवाचार और बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसरो और भारतीय उद्योग के बीच गहरी होती साझेदारी अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ताकत और विस्तार दे रही है तथा पूरे अंतरिक्ष इकोसिस्टम में देश की क्षमताएं बढ़ा रही है। विकल्प क में दिए राष्ट्रपति और विकल्प ख में दिए उपराष्ट्रपति वे दो पद हैं जिन्हें छात्र अक्सर प्रधानमंत्री की जगह चुन लेते हैं, पर ये कथन उनके नहीं हैं। विकल्प घ में दिए शिक्षा मंत्री का इस प्रक्षेपण से कोई संबंध नहीं है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

ईओएस-05 किस कक्षा से काम करने वाला भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह है?

  1. A.निम्न भू कक्षा
  2. B.सूर्य तुल्यकालिक कक्षा
  3. C.जियोसिंक्रोनस कक्षा
  4. D.ध्रुवीय कक्षा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जियोसिंक्रोनस कक्षा

व्याख्या

सही उत्तर जियोसिंक्रोनस कक्षा है। इस विज्ञप्ति में ईओएस-05 की सबसे बड़ी विशेषता यही बताई गई है कि यह जियोसिंक्रोनस कक्षा से काम करने वाला भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह है। यही एक तथ्य इस प्रक्षेपण को परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाता है और प्रधानमंत्री ने भी अपने संदेश में यही शब्द इस्तेमाल किए। इस कक्षा में रखा गया उपग्रह पृथ्वी के घूर्णन के साथ चलता है, इसलिए वह लगभग एक ही क्षेत्र के ऊपर बना रहता है। विकल्प क में दी निम्न भू कक्षा में बहुत से उपग्रह काम करते हैं, लेकिन विज्ञप्ति में ईओएस-05 को वहां नहीं बताया गया है। विकल्प ख में दी सूर्य तुल्यकालिक कक्षा और विकल्प घ में दी ध्रुवीय कक्षा पहले के दूर संवेदन उपग्रहों से जुड़ी हैं, इसीलिए ये आकर्षक भ्रामक विकल्प बनते हैं। इनमें से कोई भी इस विज्ञप्ति में नहीं है। उपलब्धि के शब्द ठीक से याद रखें।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

ईओएस-05 उपग्रह को किस प्रक्षेपण यान से अंतरिक्ष में भेजा गया?

  1. A.पीएसएलवी-सी58
  2. B.जीएसएलवी-एफ17
  3. C.एलवीएम3-एम4
  4. D.एसएसएलवी-डी3
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जीएसएलवी-एफ17

व्याख्या

सही उत्तर जीएसएलवी-एफ17 है। विज्ञप्ति के अनुसार इसरो ने ईओएस-05 उपग्रह ले जा रहे जीएसएलवी-एफ17 का सफल प्रक्षेपण किया और प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि पर अंतरिक्ष एजेंसी की सराहना की। जीएसएलवी का पूरा नाम जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल है और एफ17 इसी रॉकेट परिवार की इस विशेष उड़ान को दर्शाता है। विकल्प क में दिया पीएसएलवी यानी पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल एक अलग रॉकेट परिवार है और इस विज्ञप्ति में उसका कोई उल्लेख नहीं है। विकल्प ग में दिया एलवीएम3 भारी उपग्रहों के लिए प्रयुक्त यान है, जिसका इस प्रक्षेपण से कोई संबंध नहीं है। विकल्प घ में दिया एसएसएलवी छोटे उपग्रहों के लिए बना यान है और वह भी यहां नहीं आता। छात्र अक्सर रॉकेट और उपग्रह के नाम आपस में मिला देते हैं, इसलिए जीएसएलवी-एफ17 और ईओएस-05 को हमेशा एक जोड़ी के रूप में याद रखना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इस उड़ान को देश के लिए गर्व का क्षण बताया था।