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GK24
कंप्यूटर ज्ञानआसानपूछा गया: राजस्थान · 12 Aug 2018

इनमें से कौन डेटाबेस प्रबंधन सॉफ्टवेयर नहीं है?

  1. A.ओरेकल
  2. B.ड्रुपल
  3. C.माय-एसक्यूएल
  4. D.एमएस एक्सेस

सही उत्तर

B. ड्रुपल

व्याख्या

सही उत्तर है B, ड्रुपल। ड्रुपल एक कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम है, यानी वेबसाइट बनाने और चलाने वाला निःशुल्क सॉफ्टवेयर; यह अपने पृष्ठ किसी डेटाबेस में रखता है, पर स्वयं डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली नहीं है। डीबीएमएस वह सॉफ्टवेयर परत है जो डेटा बनाती, संचित करती, उससे प्रश्न पूछती और उसकी सुरक्षा करती है, और शेष तीनों नाम डीबीएमएस उत्पाद ही हैं। विकल्प A, ओरेकल, बड़ा व्यावसायिक रिलेशनल डेटाबेस है, जिसका उपयोग बैंक और बड़ी कंपनियां करती हैं। विकल्प C, माय-एसक्यूएल, मुक्त स्रोत रिलेशनल डेटाबेस है जिस पर वेब का बड़ा हिस्सा चलता है; ड्रुपल और वर्डप्रेस भी अपनी सामग्री माय-एसक्यूएल डेटाबेस में ही रखते हैं, और इससे दोनों प्रकार के सॉफ्टवेयर का अंतर साफ हो जाता है। विकल्प D, एमएस एक्सेस, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के साथ आने वाला छोटा डेस्कटॉप डेटाबेस है, जो तालिका, क्वेरी, फॉर्म और रिपोर्ट एक ही फाइल में रखता है। परीक्षा टिप: ओरेकल, माय-एसक्यूएल, एमएस एक्सेस और एसक्यूएल सर्वर डेटाबेस हैं; ड्रुपल, जूमला और वर्डप्रेस कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम।

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Q1.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

इंटरनेट पर किसी दूरस्थ सर्वर पर फाइलें चढ़ाने और उससे उतारने के लिए किस प्रोटोकॉल का उपयोग होता है?

  1. A.एसएमटीपी
  2. B.टेलनेट
  3. C.एफटीपी
  4. D.आईमैप
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एफटीपी

व्याख्या

सही उत्तर C, एफटीपी है। एफटीपी का पूरा रूप फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल है। यह सर्वर के साथ दो माध्यम खोलता है, एक आदेशों के लिए पोर्ट 21 पर और एक सामग्री के लिए पोर्ट 20 पर, और पूरी फाइलें दोनों दिशाओं में ले जाता है; इसी से वेब पृष्ठ होस्टिंग सर्वर पर चढ़ाए जाते हैं।

विकल्प A, एसएमटीपी, बाहर जाने वाला ईमेल ले जाता है और किसी फाइल को केवल पत्र के अनुलग्नक के रूप में भेज सकता है, सीधे हस्तांतरण के रूप में नहीं। विकल्प B, टेलनेट, उपयोगकर्ता को पोर्ट 23 से दूर के कंप्यूटर में लॉग-इन कर आदेश देने देता है; यह मशीन पर नियंत्रण देता है, परंतु स्वयं फाइलें नहीं ले जाता। विकल्प D, आईमैप, मेल पढ़ने का प्रोटोकॉल है जो पत्र सर्वर पर रखता है। केवल फाइल हस्तांतरण के लिए उत्तर सदा एफटीपी है, अथवा उसके सुरक्षित रूप एफटीपीएस और एसएफटीपी।

Q2.कंप्यूटर ज्ञानआसान

किसी वेब पते में .gov डोमेन बताता है कि वह साइट किसकी है?

  1. A.व्यापारिक कंपनी की
  2. B.सरकारी निकाय की
  3. C.शिक्षण संस्थान की
  4. D.नेटवर्क प्रदाता की
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सरकारी निकाय की

व्याख्या

सही उत्तर B, सरकारी निकाय की है। डोमेन नाम का अंतिम भाग टॉप-लेवल डोमेन कहलाता है और बताता है कि स्वामी किस प्रकार का है। सरकारी कार्यालय .gov का प्रयोग करते हैं, अक्सर देश कोड जोड़कर, जैसे भारत सरकार के राष्ट्रीय पोर्टल का पता india.gov.in है।

विकल्प A गलत है क्योंकि व्यापारिक संस्थान .com लेते हैं, जिसका अर्थ कमर्शियल है और जो वेब पर सबसे प्रचलित डोमेन है। विकल्प C गलत है क्योंकि शिक्षण संस्थान .edu लेते हैं और भारत में महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय इसी काम के लिए ac.in लेते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि नेटवर्क प्रदाता .net लेते हैं। इनके साथ दो और याद रखने योग्य हैं: गैर-लाभकारी संगठनों के लिए .org और सैन्य प्रतिष्ठानों के लिए .mil। इस प्रकार पते का अंतिम भाग पढ़ते ही पता चल जाता है कि साइट किस प्रकार की संस्था चलाती है।

Q3.कंप्यूटर ज्ञानआसान

india.gov.in जैसे डोमेन नाम को अंकों वाले पते में बदलने वाली प्रणाली कहलाती है

  1. A.डीएनएस
  2. B.डीएचसीपी
  3. C.एचटीटीपी
  4. D.यूआरएल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. डीएनएस

व्याख्या

सही उत्तर A, डीएनएस है। डोमेन नेम सिस्टम इंटरनेट की निर्देशिका है। लोग नाम याद रखते हैं, जबकि मशीनें अंकों से मार्ग तय करती हैं, इसलिए डीएनएस सर्वर ब्राउज़र में लिखा नाम खोजकर उससे मिलता आईपी पता लौटाता है और तब पृष्ठ लाया जाता है। यह पोर्ट 53 पर सुनता है।

विकल्प B, डीएचसीपी अर्थात डायनैमिक होस्ट कॉन्फ़िगरेशन प्रोटोकॉल, किसी मशीन के नेटवर्क में जुड़ने पर उसे आईपी पता देता है; यह पते बाँटता है, नाम नहीं बदलता। विकल्प C, एचटीटीपी, पता ज्ञात होने के बाद पृष्ठ पहुँचाता है और कोई रूपांतरण नहीं करता। विकल्प D, यूआरएल अर्थात यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर, पृष्ठ का लिखित पता है और उसमें डोमेन नाम रहता है, परंतु वह पते का रूप है, पता हल करने वाली सेवा नहीं। रूपांतरण केवल डीएनएस करता है।

Q4.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

क्लाइंट से मेल सर्वर तक बाहर जाने वाला ईमेल भेजने के लिए किस प्रोटोकॉल का उपयोग होता है?

  1. A.एसएमटीपी
  2. B.पीओपी3
  3. C.आईमैप
  4. D.एफटीपी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एसएमटीपी

व्याख्या

सही उत्तर A, एसएमटीपी है। एसएमटीपी का पूरा रूप सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकॉल है और यही नियम-समूह पत्र को आपके मेल कार्यक्रम से सर्वर तक और आगे एक सर्वर से दूसरे सर्वर तक धकेलता है, जब तक वह पाने वाले के मेलबॉक्स में न पहुँच जाए। इसका सामान्य पोर्ट 25 है।

विकल्प B, पीओपी3 अर्थात पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल संस्करण 3, उलटी दिशा में काम करता है: यह आया हुआ मेल एक उपकरण पर उतारता है और सामान्यतः सर्वर से हटा देता है। विकल्प C, आईमैप, भी आने वाला मेल सँभालता है, परंतु पत्रों को सर्वर पर रखता है जिससे वही मेलबॉक्स हर उपकरण पर एक जैसा दिखे। विकल्प D, एफटीपी, फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल है और मेल से इसका कोई संबंध नहीं। भेजना एसएमटीपी है; पाना पीओपी3 या आईमैप।

Q5.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

आईपीवी6 पता कितने बिट का होता है?

  1. A.32 बिट
  2. B.64 बिट
  3. C.128 बिट
  4. D.256 बिट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 128 बिट

व्याख्या

सही उत्तर C, 128 बिट है। आईपीवी6 इसलिए बनाया गया क्योंकि पुरानी व्यवस्था के पते समाप्त होने लगे थे, और इसकी 128 बिट लंबाई से पतों का भंडार इतना बड़ा हो जाता है कि कमी की चिंता ही नहीं रहती। ऐसा पता कोलन से अलग किए गए हेक्साडेसिमल अंकों के आठ समूहों में लिखा जाता है।

विकल्प A, 32 बिट, आईपीवी4 पते की लंबाई है, जो बिंदुओं से अलग 0 से 255 तक के चार दशमलव अंक-समूहों में लिखा जाता है, और भूल से सबसे अधिक यही चुना जाता है। विकल्प B, 64 बिट, किसी आईपी पते का माप नहीं है; यह प्रोसेसर और रजिस्टर की चौड़ाई बताता है। विकल्प D, 256 बिट, एईएस-256 जैसी कूटलेखन कुंजियों में मिलता है, पते में नहीं। इसलिए जोड़ी याद रखें: आईपीवी4 32 बिट और आईपीवी6 128 बिट, अर्थात चार गुना।