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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

ईएसटीआईसी 2026 की परिकल्पना क्या है?

  1. A.क्रिएटिव माइंड्स, कैटलाइजिंग साइंस, एम्पावरिंग टेक्नोलॉजीज
  2. B.साइंस फॉर सोसाइटी, टेक्नोलॉजी फॉर ऑल
  3. C.इनोवेट इन इंडिया, इनोवेट फॉर द वर्ल्ड
  4. D.यंग माइंड्स, ग्रीन टेक्नोलॉजीज, स्ट्रॉन्ग नेशन

सही उत्तर

A. क्रिएटिव माइंड्स, कैटलाइजिंग साइंस, एम्पावरिंग टेक्नोलॉजीज

व्याख्या

सही उत्तर 'क्रिएटिव माइंड्स, कैटलाइजिंग साइंस, एम्पावरिंग टेक्नोलॉजीज' है। यही वाक्य उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन के 2026 संस्करण की घोषित परिकल्पना है। इस सम्मेलन को भारत का प्रमुख विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंच बताया गया है, जो मंत्रालयों, नीति-निर्माताओं, वरिष्ठ वैज्ञानिकों, शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत और डीप-टेक स्टार्टअप को एक साथ लाता है, और यह विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़ा है। विकल्प B, C और D सुनने में भरोसेमंद नारे लगते हैं, पर इनमें से कोई भी इस सम्मेलन की परिकल्पना नहीं है। परीक्षार्थियों को शब्दावली ठीक से याद रखनी चाहिए, क्योंकि बड़े राष्ट्रीय आयोजनों की थीम या परिकल्पना पर प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं और भ्रमित करने वाले विकल्प दूसरी सरकारी मुहिमों के नारों से गढ़े जाते हैं।

पूरा लेख पढ़ें: आईआईटीएम पुणे में एपार्क प्रारंभिक कैरियर कार्यशाला आयोजित

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Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

ईएसटीआईसी की पूर्वपीठिका बनी एपार्क प्रारंभिक कैरियर शोधकर्ता कार्यशाला 2026 का आयोजन किस संस्थान ने किया?

  1. A.भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु
  2. B.भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे
  3. C.राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, गोवा
  4. D.राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र, नोएडा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे है। प्रारंभिक कैरियर शोधकर्ताओं के लिए 'द ईसीआर नेक्सस: कनेक्टिंग वॉइसेस, टूल्स एंड साइंस टू सोसाइटी' शीर्षक वाली यह कार्यशाला आईआईटीएम पुणे के मेघदूत हॉल में हुई और यही कार्यक्रम उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन की पूर्वपीठिका भी बना। आईआईटीएम पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का संस्थान है और इसके निदेशक डॉ. सूर्यचंद्र ए. राव ने स्वागत भाषण दिया। विकल्प A यानी भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु एक अग्रणी शोध संस्थान है, पर इस आयोजन से उसका कोई संबंध नहीं था। विकल्प C यानी राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, गोवा समुद्र विज्ञान पर काम करता है और यहां स्थल नहीं था। विकल्प D यानी नोएडा का राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र पृथ्वी विज्ञान से जुड़ी दूसरी संस्था है, लेकिन उसने यह कार्यशाला नहीं कराई। इसलिए केवल आईआईटीएम पुणे ही सही उत्तर बनता है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

11 अक्टूबर 2026 को हुई ईएसटीआईसी की पूर्वपीठिका में मुख्य संबोधन किसने दिया?

  1. A.डॉ. सूर्यचंद्र ए. राव
  2. B.डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार
  3. C.डॉ. मारिया मोलिना
  4. D.डॉ. सुवर्णा फडणवीस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार हैं, जो पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव हैं। उन्होंने दिन का मुख्य संबोधन दिया, सम्मेलन की परिकल्पना और रणनीतिक उद्देश्य रखे तथा कहा कि भारत के भविष्य के विकास और मजबूत शोध तंत्र के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नीति का मेल जरूरी है। विकल्प A यानी डॉ. सूर्यचंद्र ए. राव आईआईटीएम के निदेशक हैं और उन्होंने स्वागत भाषण दिया, मुख्य संबोधन नहीं। विकल्प C यानी मैरीलैंड विश्वविद्यालय की डॉ. मारिया मोलिना ने पृथ्वी विज्ञान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग पर मुख्य व्याख्यान दिया, जो अलग सत्र था। विकल्प D यानी डॉ. सुवर्णा फडणवीस आईआईटीएम के सीसीसीआर की परियोजना निदेशक हैं और उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस तरह केवल पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव ही इस विवरण पर खरे उतरते हैं।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

आईआईटीएम पुणे की एपार्क प्रारंभिक कैरियर शोधकर्ता कार्यशाला 2026 में देश-विदेश के लगभग कितने प्रतिभागी शामिल हुए?

  1. A.लगभग 60
  2. B.लगभग 120
  3. C.लगभग 250
  4. D.लगभग 500
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लगभग 120

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 120 है। कार्यशाला में भारत और दूसरे देशों के करीब 120 प्रतिभागी शामिल हुए और इसमें जान-बूझकर नए शोधकर्ताओं के साथ वरिष्ठ वैज्ञानिक, विषय विशेषज्ञ, पत्रिकाओं के संपादक तथा अलग-अलग संस्थानों के पेशेवर जोड़े गए। यही मिश्रण आयोजन का असली मकसद था, क्योंकि सत्र इस तरह बनाए गए थे कि नए शोधकर्ता स्थापित वैज्ञानिकों से सीधे सवाल कर सकें और अपने साथियों से अनुदान, गतिशीलता, आंकड़ों तथा कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुंच और वैज्ञानिक नेतृत्व के रास्तों पर अनुभव साझा कर सकें। विकल्प A यानी लगभग 60 वास्तविक उपस्थिति से कम है। विकल्प C और D यानी लगभग 250 और लगभग 500 इस एक दिवसीय और एक ही सभागार में हुई केंद्रित कार्यशाला के आकार से बहुत बड़े हैं। इसलिए केवल 120 का आंकड़ा सही बैठता है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

आईसीएमआर-चैंप के शिलान्यास कार्यक्रम में स्थानीय हिमालयी पौधे किस पहल के अंतर्गत लगाए जाएंगे?

  1. A.हरित आईसीएमआर परिसर पहल
  2. B.मिशन लाइफ हिमालय
  3. C.नीलगिरि हरित परिसर मिशन
  4. D.स्वच्छ हिमालय अभियान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. हरित आईसीएमआर परिसर पहल

व्याख्या

सही उत्तर हरित आईसीएमआर परिसर पहल है। मंत्रालय के अनुसार केलांग में भूमि पूजन, औपचारिक खनन और शिलापट्ट के अनावरण के बाद इसी पहल के अंतर्गत स्थानीय हिमालयी पौधे लगाए जाएंगे, तथा कार्यक्रम में एक वैज्ञानिक प्रदर्शनी का उद्घाटन, केंद्र के संस्थागत वीडियो और वेबसाइट का शुभारंभ, भवन के खाके की प्रस्तुति और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा स्मारक डाक विशेष आवरण का विमोचन भी होगा। विकल्प B गलत है, क्योंकि इस नाम का कोई कार्यक्रम विज्ञप्ति में नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह किसी दूसरे पर्वतीय क्षेत्र से जुड़ा नाम है और इस योजना में उसका स्थान नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यहां बात एक शोध केंद्र के परिसर में पौधारोपण की है, किसी स्वच्छता अभियान की नहीं। नामों से जुड़े ऐसे छोटे विवरण परीक्षाओं में प्रिय रहते हैं।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

भारत में उच्च तुंगता चिकित्सा और जन स्वास्थ्य शोध का पहला समर्पित केंद्र कौन सी संस्था स्थापित कर रही है?

  1. A.रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन
  2. B.अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान
  3. C.भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद
  4. D.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद है। यह केंद्र स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य शोध विभाग के अधीन आईसीएमआर स्थापित कर रहा है, और घोषणा में इसे उच्च तुंगता चिकित्सा तथा जन स्वास्थ्य शोध के लिए परिषद का पहला समर्पित केंद्र बताया गया है। विकल्प A गलत है, क्योंकि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन रक्षा क्षेत्र की शोध संस्था है और यह केंद्र उसकी ओर से नहीं बन रहा, हालांकि सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं सहयोगी संस्थान के रूप में शामिल हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एक चिकित्सा संस्थान है और इस परियोजना का प्रवर्तक नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद किसी अन्य विभाग के अधीन काम करती है। मूल विभाग का नाम भी याद रखें।