ई-संजीवनी के कुल उपयोग में महिलाओं का हिस्सा कितना है?
- A.16.25 प्रतिशत
- B.40.15 प्रतिशत
- C.47.14 प्रतिशत
- D.57.14 प्रतिशत
सही उत्तर
D. 57.14 प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर 57.14 प्रतिशत है। ई-संजीवनी के कुल उपयोग में महिलाओं का इतना हिस्सा है, जिससे पता चलता है कि टेलीमेडिसिन उन लोगों तक पहुँच रही है जिनके लिए अस्पताल तक जाना समय, पैसा तथा परेशानी का काम है। विकल्प B यानी 40.15 प्रतिशत वह हिस्सा है जो 46 वर्ष तथा उससे अधिक उम्र के नागरिक लेते हैं, इसलिए वह आयु वर्ग का आंकड़ा है, महिलाओं का नहीं। विकल्प A यानी 16.25 प्रतिशत 60 वर्ष तथा उससे ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों का हिस्सा है, जो उसी बड़ी उम्र वाले समूह का भाग हैं। विकल्प C देखने में सही उत्तर के बहुत करीब लगता है, पर यह आंकड़ा कहीं नहीं बताया गया; ऐसे मिलते-जुलते अंक परीक्षा में अधूरी याद पकड़ने के लिए रखे जाते हैं। तीनों हिस्सों को साथ याद रखना चाहिए।
पूरा लेख पढ़ें: ई-संजीवनी ने 50 करोड़ टेली-परामर्श का आंकड़ा पार किया
अभ्यास प्रश्न
50 करोड़ टेली-परामर्श पार करने वाली ई-संजीवनी सेवा किस केंद्रीय मंत्रालय के अधीन चलती है?
- A.इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- B.स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
- C.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- D.ग्रामीण विकास मंत्रालय
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सही उत्तर: B. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय है। ई-संजीवनी भारत की राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा है और इसके संचालन तथा समय के साथ इसमें होने वाले बदलावों का मार्गदर्शन यही मंत्रालय करता है। इसी मंत्रालय ने बताया कि इस मंच पर टेली-परामर्श का आंकड़ा 50 करोड़ से आगे निकल गया है, और यह पड़ाव 15 सितंबर 2026 को पूरा हुआ, जब सभी 36 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों में कुल 50,00,92,730 परामर्श दर्ज हो चुके थे। विकल्प A गलत है, क्योंकि सेवा का सॉफ्टवेयर सी-डैक ने बनाया है, लेकिन सेवा चलाने वाला मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इस सेवा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं बताई गई है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ग्रामीण विकास मंत्रालय ग्रामीण रोजगार तथा ग्रामीण ढाँचे का काम देखता है, टेलीमेडिसिन का नहीं। इसलिए उत्तर स्वास्थ्य मंत्रालय ही है।
ई-संजीवनी ने 50 करोड़ टेली-परामर्श का आंकड़ा किस तारीख को पार किया?
- A.15 अगस्त 2026
- B.1 सितंबर 2026
- C.15 सितंबर 2026
- D.6 अक्टूबर 2026
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सही उत्तर: C. 15 सितंबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर 15 सितंबर 2026 है। उस दिन ई-संजीवनी पर टेली-परामर्श की कुल संख्या 50,00,92,730 तक पहुँच गई थी, जिससे यह मंच सभी 36 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को मिलाकर 50 करोड़ के आंकड़े से आगे निकल गया। विकल्प A तथा विकल्प B उसी वर्ष की पहले की तारीखें हैं, जिन पर ऐसा कोई पड़ाव दर्ज नहीं हुआ, इसलिए दोनों गलत हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि उस दिन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह उपलब्धि सामने रखी थी; घोषणा की तारीख और आंकड़ा पार करने की तारीख एक ही नहीं होती। जल्दबाज़ी में पढ़ने वाला अभ्यर्थी घोषणा का दिन चुन लेता है। परीक्षा में दोनों तारीखें अलग-अलग पूछी जा सकती हैं, इसलिए इन्हें अलग-अलग याद रखना चाहिए। इसी कारण सही विकल्प 15 सितंबर 2026 है।
ई-संजीवनी डिजिटल स्वास्थ्य मंच को किस संस्था ने विकसित किया है?
- A.सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक)
- B.राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी)
- C.भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो)
- D.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)
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सही उत्तर: A. सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक)
व्याख्या
सही उत्तर सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) है। ई-संजीवनी को स्वदेशी डिजिटल स्वास्थ्य समाधान बताया गया है, जिसे सी-डैक ने तैयार किया है, और सी-डैक मोहाली शुरुआत से इसका पूरा तकनीकी विकास तथा इंजीनियरिंग सहयोग संभाल रहा है। हब-एंड-स्पोक ढाँचे से शुरू होकर यह मंच राष्ट्रीय स्तर का डिजिटल स्वास्थ्य मंच बन गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इस मंच के निर्माता के रूप में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र का नाम नहीं आता। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसरो अंतरिक्ष अभियानों तथा उपग्रहों पर काम करता है, इस तरह की टेलीमेडिसिन सेवा पर नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सीएसआईआर अनुसंधान प्रयोगशालाओं की शृंखला चलाता है और इस कहानी में उसकी कोई भूमिका नहीं है। सी-डैक तथा सी-डैक मोहाली की जोड़ी याद रखना पर्याप्त है।
वीबी-जी राम जी के तहत कार्य किस योजना के जरिये लिए जाएँगे और उसे कौन मंजूरी देगा?
- A.जिला विकास योजना, जिला परिषद की मंजूरी से
- B.विकसित ग्राम पंचायत योजना, ग्राम सभा की मंजूरी से
- C.प्रखंड कार्य योजना, प्रखंड समिति की मंजूरी से
- D.राज्य ग्रामीण योजना, राज्य विधानमंडल की मंजूरी से
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सही उत्तर: B. विकसित ग्राम पंचायत योजना, ग्राम सभा की मंजूरी से
व्याख्या
सही उत्तर विकसित ग्राम पंचायत योजना, ग्राम सभा की मंजूरी से है। नए ढाँचे में हर कार्य नीचे से ऊपर की विकेंद्रित प्रक्रिया से शुरू होगा और काम शुरू होने से पहले योजना को ग्राम सभा की मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद हर कार्य की निगरानी विकसित भारत नेशनल रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टैक पर होगी, जो एक डिजिटल व्यवस्था है और जिसका मकसद केंद्र, राज्य तथा स्थानीय योजनाओं का धन एक ही काम पर जोड़ना तथा एक ही काम दो बार होने से रोकना है। विकल्प A, C तथा D मंजूरी का अधिकार क्रमशः जिला, प्रखंड तथा राज्य स्तर पर रखते हैं, जो सूची के गाँव स्तरीय और नीचे से ऊपर वाले ढाँचे के विपरीत है। याद रखने की बात यह जोड़ी है: योजना ग्राम पंचायत की, मंजूरी ग्राम सभा की।
स्वीकार्य कार्यों की यह सूची वीबी-जी राम जी के किस वर्ष के अधिनियम के तहत अधिसूचित हुई है?
- A.2023
- B.2024
- C.2025
- D.2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2025
व्याख्या
सही उत्तर 2025 है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के इसी वर्ष के अधिनियम के तहत स्वीकार्य कार्यों की सूची अधिसूचित की है, और सूची 6 अक्टूबर 2026 को जारी हुई। विकल्प A तथा विकल्प B अधिनियम से पहले के वर्ष हैं, इसलिए गलत हैं। विकल्प D लुभाने वाला है, क्योंकि सूची उस वर्ष अधिसूचित हुई; लेकिन प्रश्न अधिनियम का वर्ष पूछ रहा है, अधिसूचना का नहीं, और दोनों में एक वर्ष का अंतर है। अभ्यर्थी को क्रम याद रखना चाहिए: अधिनियम 2025 का, 375 कार्यों की सूची की अधिसूचना 2026 में, तथा पूरा प्रयास 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ा। तीनों वर्षों को मिला देना यहाँ सबसे आम गलती है।