HIV वायरस व्यक्ति की प्रतिरक्षा को कमज़ोर करता है, क्योंकि यह नष्ट करता है
- A.मास्ट कोशिकाओं को
- B.प्लेटलेट्स को
- C.लाल रक्त कणिकाओं (एरिथ्रोसाइट्स) को
- D.लसीकाणुओं (लिम्फोसाइट्स) को
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, लसीकाणुओं (लिम्फोसाइट्स) को। HIV सहायक T लसीकाणुओं को संक्रमित कर नष्ट करता है, जो शरीर की प्रतिरक्षा अनुक्रिया का संचालन करने वाली श्वेत रक्त कोशिकाएँ हैं, इसलिए प्रतिरक्षा धीरे-धीरे ढह जाती है।
HIV, यानी ह्यूमन इम्यूनोडेफ़िशिएंसी वायरस, एक रेट्रोवायरस है: इसमें RNA होता है और यह रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज़ एंजाइम से पोषक कोशिका के भीतर अपने जीनोम की DNA प्रति बनाता है। इसका मुख्य निशाना सहायक T कोशिका है, जिसे CD4 कोशिका भी कहते हैं। वायरस बढ़ने के साथ CD4 संख्या घटती है और शरीर तपेदिक व निमोनिया जैसे सामान्य संक्रमणों से भी नहीं लड़ पाता। यही अंतिम अवस्था AIDS, यानी उपार्जित प्रतिरक्षा न्यूनता संलक्षण, है। जाँच के लिए सामान्यतः ELISA परीक्षण होता है, और एंटीरेट्रोवायरल उपचार वायरस को नियंत्रित रखता है, पर संक्रमण को ठीक नहीं करता।
A गलत है: मास्ट कोशिकाएँ एलर्जी में हिस्टामिन छोड़ती हैं और HIV का मुख्य निशाना नहीं हैं।
B गलत है: प्लेटलेट्स रक्त का थक्का जमाने में मदद करती हैं।
C गलत है: लाल रक्त कणिकाएँ ऑक्सीजन ढोती हैं।
परीक्षा टिप: HIV = सहायक T (CD4) कोशिकाओं पर हमला करने वाला रेट्रोवायरस; जाँच ELISA से, पुष्टि वेस्टर्न ब्लॉट से; विश्व एड्स दिवस 1 दिसंबर।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित प्राणियों पर विचार कीजिए :
1. हेजहॉग (कंटकचूहा)
2. मारमॉट
3. पैंगोलिन (सल्लू साँप)
शिकारियों द्वारा पकड़े जाने की संभावना कम करने के लिए उपर्युक्त में से कौन-सा/से प्राणी स्वयं को लपेटकर गोल हो जाता/जाते है/हैं और अपने कमज़ोर अंगों की रक्षा करता/करते है/हैं?
- A.1 और 2
- B.केवल 2
- C.केवल 3
- D.1 और 3
उत्तर देखें
ख़तरा होने पर हेजहॉग और पैंगोलिन कसकर गेंद जैसे गोल हो जाते हैं और नरम पेट तथा चेहरे को काँटों या शल्कों से ढक लेते हैं; मारमॉट ऐसा नहीं करता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्राकृतिक मच्छर-विकर्षक बनाने में निम्नलिखित में से किसका उपयोग होता है?
- A.कांग्रेस घास
- B.हाथी घास
- C.लेमनग्रास
- D.मोथा घास (नट ग्रास)
उत्तर देखें
लेमनग्रास और उसकी निकट संबंधी सिट्रोनेला घास से ऐसे सुगंधित तेल मिलते हैं जो मच्छरों को दूर रखते हैं, इसलिए ये कई प्राकृतिक विकर्षकों का आधार हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी युक्ति अन-ओमीय है?
- A.चालक तांबे की कुंडली
- B.विद्युत तापन कुंडली
- C.अर्धचालक डायोड
- D.धारा नियंत्रक (रियोस्टैट)
उत्तर देखें
डायोड ओम के नियम का पालन नहीं करता: इसमें बहने वाली धारा इसके सिरों के विभवांतर के समानुपाती नहीं होती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निर्जल सोडियम कार्बोनेट का सूत्र द्रव्यमान क्या है? (दिया गया है कि सोडियम, कार्बन और ऑक्सीजन के परमाणु द्रव्यमान क्रमशः 23 u, 12 u और 16 u हैं)
- A.286 u
- B.106 u
- C.83 u
- D.53 u
उत्तर देखें
निर्जल सोडियम कार्बोनेट Na₂CO₃ है, और 2 × 23 + 12 + 3 × 16 = 106 u। सूत्र द्रव्यमान किसी आयनिक यौगिक की एक सूत्र इकाई के सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा खनिज नाभिकीय विद्युत संयंत्रों में ईंधन के रूप में प्रयुक्त होता है?
- A.बॉक्साइट
- B.क्वार्ट्ज
- C.फेल्सपार
- D.पिचब्लेंड
उत्तर देखें
पिचब्लेंड, यानी यूरेनिनाइट, यूरेनियम का मुख्य अयस्क है, और अधिकांश नाभिकीय विद्युत संयंत्रों में यूरेनियम ही ईंधन है। पिचब्लेंड भारी, काला खनिज है जो मुख्य रूप से यूरेनियम ऑक्साइड से बना होता है।
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