हेक्साडेसिमल संख्या C6 को बाइनरी संख्या में बदलें।
- A.10010110
- B.11000100
- C.11000110
- D.10100110
सही उत्तर
C. 11000110
व्याख्या
सही उत्तर है C, 11000110। हेक्साडेसिमल का प्रत्येक अंक ठीक चार बाइनरी अंकों के बराबर होता है, इसलिए दो अंकों की हेक्स संख्या आठ बिट की बाइनरी संख्या बन जाती है। यहाँ C का दशमलव मान 12 है, जो बाइनरी में 1100 होता है, और 6 बाइनरी में 0110 है। दोनों समूहों को साथ लिखने पर 1100 0110 यानी 11000110 मिलता है। जाँच भी कर सकते हैं: बाइनरी 11000110 का मान 128 धन 64 धन 4 धन 2 यानी 198 है, और हेक्स C6 का मान 12 गुणा 16 धन 6 यानी 198 ही है। प्रति अंक चार बिट की यही सरल विधि कारण है कि मेमोरी पते और रंग कोड हेक्साडेसिमल में लिखे जाते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि 10010110 हेक्स में 96 है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 11000100 हेक्स में C4 है, अर्थात दूसरा अंक 6 नहीं 4 है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 10100110 हेक्स में A6 है, अर्थात पहला अंक A है। परीक्षा टिप: चार-बिट समूह याद रखें, 8 = 1000, A = 1010, C = 1100, F = 1111।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा इंटरनेट प्रोटोकॉल यह निर्धारित करता है कि इंटरनेट पर डेटा का आदान-प्रदान कैसे हो और उसे आईपी पैकेटों में कैसे तोड़ा जाए?
- A.पीपीपी
- B.एचटीटीपी
- C.टीसीपी
- D.एसएमटीपी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. टीसीपी
व्याख्या
सही उत्तर है C, टीसीपी। ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल तय करता है कि इंटरनेट पर डेटा का आदान-प्रदान कैसे हो, और यह संदेश को क्रमांकित पैकेटों में तोड़ता है, जिन्हें फिर आईपी गंतव्य तक पहुँचाता है। प्राप्त करने वाले सिरे पर टीसीपी पैकेटों को क्रम में लगाता है, उनकी जाँच करता है और छूटे हुए पैकेट फिर माँगता है, इसीलिए इसे संबंध-उन्मुख और विश्वसनीय प्रोटोकॉल कहा जाता है। यह आईपी के साथ मिलकर टीसीपी/आईपी समूह बनाता है, जो इंटरनेट का आधार है, और इसे विंट सर्फ तथा रॉबर्ट काह्न ने बनाया था। A गलत है क्योंकि पीपीपी अर्थात पॉइंट-टू-पॉइंट प्रोटोकॉल केवल दो नोड को सीधे जोड़ता है, जैसे डायल-अप संबंध में। B गलत है क्योंकि एचटीटीपी वेब पृष्ठ भेजने वाला अनुप्रयोग स्तर का प्रोटोकॉल है। D गलत है क्योंकि एसएमटीपी अनुप्रयोग स्तर का वह प्रोटोकॉल है जो मेल सर्वरों के बीच ईमेल भेजता है। परीक्षा टिप: स्तर अलग रखें - टीसीपी और आईपी परिवहन तथा नेटवर्क स्तर पर काम करते हैं, जबकि एचटीटीपी, एसएमटीपी और एफटीपी अनुप्रयोग स्तर पर हैं।
इंटरनेट पर वेब पेज पहुँचाने के लिए कौन-सा प्रोटोकॉल उत्तरदायी है?
- A.FTP
- B.SMTP
- C.HTTP
- D.ARP
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. HTTP
व्याख्या
सही उत्तर है C, HTTP। HTTP यानी हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल एप्लिकेशन लेयर का वह प्रोटोकॉल है, जिससे ब्राउज़र वेब सर्वर से कोई पेज माँगता है और उसे बनाने वाले HTML, चित्र तथा स्क्रिप्ट प्राप्त करता है। यह अनुरोध और उत्तर के चक्र में काम करता है: ब्राउज़र GET जैसा अनुरोध भेजता है और सर्वर एक स्थिति कोड के साथ उत्तर देता है, सफलता पर 200, पेज न मिलने पर 404 और सर्वर की गड़बड़ी पर 500। HTTPS यही प्रोटोकॉल है, पर TLS एन्क्रिप्शन में लिपटा हुआ, इसीलिए बैंकिंग और लॉगिन पेजों पर ताले का चिह्न दिखता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि FTP यानी फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल क्लाइंट और सर्वर के बीच फाइलें भेजने-लाने का काम करता है, पेज दिखाने का नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि SMTP यानी सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकॉल ईमेल भेजने के लिए प्रयोग होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ARP यानी एड्रेस रेज़ोल्यूशन प्रोटोकॉल किसी स्थानीय नेटवर्क में IP पते को हार्डवेयर के MAC पते से जोड़ता है। परीक्षा टिप: वेब पेज के लिए HTTP, फाइल के लिए FTP, मेल भेजने के लिए SMTP और पाने के लिए POP3 तथा IMAP।
HTML में फॉर्म के लिए चेकबॉक्स किस टैग से बनाया जाता है?
- A.<input checkbox>
- B.<checkbox>
- C.<input=checkbox>
- D.<input type="checkbox">
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. <input type="checkbox">
व्याख्या
सही उत्तर है D, यानी input टैग जिसमें type विशेषता का मान checkbox रखा गया हो। HTML में चेकबॉक्स नाम का कोई अलग तत्व ही नहीं होता। फॉर्म का हर सामान्य नियंत्रण एक ही input टैग से लिखा जाता है, और type विशेषता तय करती है कि ब्राउज़र क्या बनाएगा, टेक्स्ट, पासवर्ड, रेडियो, चेकबॉक्स, सबमिट, फाइल या हिडन। इसलिए चेकबॉक्स बनाने के लिए input लिखकर type का मान checkbox रखा जाता है, और name तथा value विशेषताएँ सर्वर को बताती हैं कि कौन-कौन से बॉक्स चुने गए। कई चेकबॉक्स एक ही name साझा कर सकते हैं, जिससे उपयोगकर्ता एक से अधिक उत्तर चुन सकता है; वहीं एक ही name वाले रेडियो बटन में केवल एक विकल्प चुना जा सकता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि यहाँ checkbox को type का मान बनाए बिना अकेला शब्द लिख दिया गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि HTML में checkbox नाम का कोई तत्व नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि बराबर का चिह्न टैग के नाम के ठीक बाद लगा है, किसी सही विशेषता के भीतर नहीं। परीक्षा टिप: input टैग एक ही है, नियंत्रण अनेक, और बदलती है केवल type विशेषता।
डेटा संचार के संदर्भ में PPP का पूरा रूप क्या है?
- A.पैकेट टू पॉइंट प्रोटोकॉल
- B.पॉइंट टू पॉइंट प्रोटोकॉल
- C.पॉइंट टू पैकेट प्रोटोकॉल
- D.पैकेट टू पैकेट प्रोटोकॉल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पॉइंट टू पॉइंट प्रोटोकॉल
व्याख्या
सही उत्तर है B, पॉइंट टू पॉइंट प्रोटोकॉल। PPP डेटा लिंक लेयर का एक प्रोटोकॉल है, जो किसी एक ही कड़ी, जैसे टेलीफोन लाइन, लीज्ड लाइन या सीरियल केबल, पर दो नोड के बीच सीधे डेटा पहुँचाता है। डायल-अप इंटरनेट के दिनों में यह घर-घर पहुँचा, जब कंप्यूटर इसी के सहारे सेवा प्रदाता से जुड़ता था, और ब्रॉडबैंड में यह आज भी PPPoE यानी PPP ओवर ईथरनेट के रूप में चलता है। PPP तीन काम करता है: डेटा को फ्रेम में बाँधना, PAP या CHAP के द्वारा उपयोगकर्ता की पहचान जाँचना, और एक ही लिंक पर कई नेटवर्क प्रोटोकॉल ढोना। इसने पुराने SLIP को हटाया, जिसमें न त्रुटि जाँच थी न पहचान जाँच। विकल्प A गलत है, क्योंकि नाम का पहला शब्द पैकेट नहीं, पॉइंट है। विकल्प C गलत है, क्योंकि दूसरा शब्द भी पॉइंट ही है, नाम में पैकेट कहीं नहीं आता। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह दोनों शब्द बदल देता है और ऐसा कोई प्रोटोकॉल नहीं है। परीक्षा टिप: PPP डेटा लिंक लेयर पर ठीक दो बिंदुओं को जोड़ता है, और PPPoE इसका ब्रॉडबैंड रूप है।
निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से नॉन-वोलेटाइल मेमोरी का उदाहरण है/हैं?
- A.फ्लैश मेमोरी
- B.ROM
- C.हार्ड ड्राइव
- D.सभी विकल्प
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सभी विकल्प
व्याख्या
सही उत्तर है D, सभी विकल्प। फ्लैश मेमोरी, ROM और हार्ड ड्राइव, तीनों बिजली बंद होने के बाद भी अपना डेटा बनाए रखते हैं, और नॉन-वोलेटाइल का अर्थ ठीक यही है। कंप्यूटर मेमोरी दो वर्गों में बँटी होती है। वोलेटाइल मेमोरी, जैसे RAM और कैश, को लगातार बिजली चाहिए; मशीन बंद होते ही उसका डेटा मिट जाता है, इसीलिए बिजली जाने पर बिना सेव किया काम चला जाता है। नॉन-वोलेटाइल मेमोरी डेटा स्थायी रूप से रखती है: ROM में BIOS और चालू होने के निर्देश रहते हैं, फ्लैश मेमोरी से पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड और SSD चलते हैं, और हार्ड डिस्क फाइलों को चुंबकीय रूप से संग्रहित करती है। विकल्प A अधूरा है, क्योंकि फ्लैश मेमोरी तीन उदाहरणों में से केवल एक है। विकल्प B अधूरा है, क्योंकि ROM के साथ बाकी दोनों भी नॉन-वोलेटाइल हैं। विकल्प C इसी कारण अधूरा है। परीक्षा टिप: RAM और कैश वोलेटाइल हैं; ROM, फ्लैश, SSD, हार्ड डिस्क, CD और DVD नॉन-वोलेटाइल हैं।