हाल ही में हमारे देश में हिमालयी बिच्छू बूटी (गिरार्डिनिया डाइवर्सिफ़ोलिया) के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ी, क्योंकि यह किसका एक संधारणीय स्रोत पाई गई है?
- A.मलेरिया-रोधी औषधि
- B.जैव-डीज़ल
- C.कागज़ उद्योग के लिए लुगदी
- D.वस्त्र रेशा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, वस्त्र रेशा। हिमालयी बिच्छू बूटी से एक मज़बूत प्राकृतिक रेशा मिलता है, जिसे कातकर और बुनकर कपड़ा बनाया जा सकता है।
गिरार्डिनिया डाइवर्सिफ़ोलिया, जिसे हिमालयी विशाल बिच्छू बूटी या 'अल्लो' कहते हैं, डंक मारने वाली झाड़ी है जो उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पूर्वोत्तर और नेपाल सहित हिमालय के नम वनों में अपने आप उगती है। इसकी छाल के लंबे रेशे मज़बूत, हल्के और प्राकृतिक रूप से चमकीले होते हैं, और पहाड़ी समुदाय परंपरागत रूप से इनसे रस्सी, बोरे, थैले और मोटा कपड़ा बनाते आए हैं। यह पौधा बिना सिंचाई, खाद या कीटनाशक के उगता है और कटाई के बाद फिर उग आता है, इसलिए इसे पर्यावरण-अनुकूल वस्त्र रेशे के रूप में बढ़ावा दिया जाता है; उत्तराखंड की सहकारी संस्थाएँ इसे ऊन और कपास के साथ मिलाकर जैकेट और शॉल बनाती हैं।
A गलत है: मलेरिया-रोधी दवाएँ सिनकोना (कुनैन) और आर्टेमिसिया एनुआ (आर्टेमिसिनिन) जैसे पौधों से मिलती हैं।
B गलत है: जैव-डीज़ल रतनजोत (जट्रोफ़ा) और करंज जैसे तिलहनों से बनता है।
C गलत है: कागज़ की लुगदी मुख्यतः बाँस, यूकेलिप्टस और अन्य लकड़ियों से आती है।
Exam tip: हिमालयी बिच्छू बूटी (अल्लो) = वस्त्र रेशा; जट्रोफ़ा = जैव-डीज़ल; सिनकोना = कुनैन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपादप और जंतु कोशिकाओं के बीच सामान्य अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. पादप कोशिकाओं में सेल्युलोज़ की कोशिका भित्ति होती है जबकि जंतु कोशिकाओं में नहीं होती। 2. पादप कोशिकाओं में प्लाज़्मा झिल्ली नहीं होती, जबकि जंतु कोशिकाओं में होती है। 3. परिपक्व पादप कोशिका में एक बड़ी रिक्तिका होती है जबकि जंतु कोशिका में कई छोटी रिक्तिकाएँ होती हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
पादप कोशिका में सेल्युलोज़ की भित्ति और एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका होती है, पर उसमें भी जंतु कोशिका की तरह प्लाज़्मा झिल्ली होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में ज़ीका वायरस रोग उसी मच्छर से फैलता है जो डेंगू फैलाता है। 2. ज़ीका वायरस रोग का यौन संचरण संभव है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
ज़ीका मुख्य रूप से उसी एडीज़ मच्छर से फैलता है जो डेंगू फैलाता है, और यह यौन संपर्क से भी फैल सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन (PCV) के उपयोग का क्या महत्व है? 1. ये टीके निमोनिया के साथ-साथ मेनिनजाइटिस और सेप्सिस के विरुद्ध भी प्रभावी हैं। 2. उन एंटीबायोटिक दवाओं पर निर्भरता कम की जा सकती है जो दवा-प्रतिरोधी जीवाणुओं पर प्रभावी नहीं हैं। 3. इन टीकों का कोई दुष्प्रभाव नहीं है और ये कोई एलर्जी नहीं करते। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
यह टीका न्यूमोकोकस से होने वाले कई रोगों से बचाता है और इससे एंटीबायोटिक का उपयोग घटता है, पर कोई भी टीका दुष्प्रभाव से पूरी तरह मुक्त नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य नहीं है?
- A.इसका उपयोग रासायनिक उद्योगों में अपचायक के रूप में होता है
- B.इसका उपयोग कागज़ कारखानों में लकड़ी की लुगदी के विरंजन के लिए होता है
- C.इसका उपयोग पेयजल को रोगाणुमुक्त करने के लिए होता है
- D.इसका उपयोग वस्त्र उद्योग में लिनन के विरंजन के लिए होता है
उत्तर देखें
विरंजक चूर्ण ऑक्सीकारक है, अपचायक नहीं, इसलिए यही कथन असत्य है। विरंजक चूर्ण, यानी कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (CaOCl₂), शुष्क बुझे चूने Ca(OH)₂ पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करके बनाया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक गेंद को 40 m/s की चाल से ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है। गेंद द्वारा अधिकतम ऊंचाई तक पहुंचने में लिया गया समय लगभग होगा
- A.2 s
- B.3 s
- C.4 s
- D.5 s
उत्तर देखें
गेंद हर सेकंड लगभग 9.8 m/s धीमी होती जाती है, जब तक शीर्ष पर उसकी चाल शून्य न हो जाए, और इसमें 40 ÷ 9.8 ≈ 4 सेकंड लगते हैं।
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