ग्लोबल पोज़िशनिंग सिस्टम (GPS) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.यह पृथ्वी के ऊपर परिक्रमा करने वाले उपग्रहों के जाल पर आधारित है।
- B.यह त्रिभुजन की पद्धति पर आधारित है।
- C.GPS अभिग्राही स्थिति को अक्षांश, देशांतर और ऊँचाई के रूप में बताते हैं।
- D.यह केवल सैन्य अभियानों के लिए सूचना प्रदान करता है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, यह केवल सैन्य अभियानों के लिए सूचना प्रदान करता है। यह कथन गलत है: GPS को अमेरिका ने अपनी सेना के लिए बनाया था, पर यह दशकों से पूरी दुनिया के नागरिक उपयोगकर्ताओं के लिए खुला है।
GPS मध्यम भू-कक्षा में लगभग 24 या अधिक उपग्रहों के समूह का उपयोग करता है, जिनमें से हर एक समय-अंकित संकेत भेजता है। अभिग्राही कई उपग्रहों से संकेत पहुँचने में लगा समय मापकर हर एक से अपनी दूरी निकालता है; कम से कम चार उपग्रहों से उसकी स्थिति और समय तय होते हैं। आज यह कारों, जहाज़ों, विमानों, मोबाइल फ़ोन, सर्वेक्षण और खेती में मार्गदर्शन करता है। भारत की अपनी क्षेत्रीय प्रणाली NavIC है।
A सही है, क्योंकि GPS पृथ्वी की परिक्रमा करते उपग्रहों के जाल पर निर्भर है। B सही है, क्योंकि स्थिति कई उपग्रहों की दूरियों को मिलाकर निकाली जाती है, जिसे त्रिभुजन (ठीक कहें तो त्रिपार्श्वन) कहते हैं। C सही है, क्योंकि अभिग्राही स्थिति अक्षांश, देशांतर और ऊँचाई के रूप में देता है।
परीक्षा टिप: GPS अमेरिका, GLONASS रूस, Galileo यूरोप, BeiDou चीन, NavIC भारत।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस वलन में अक्षीय तल लगभग क्षैतिज पाया जाता है?
- A.समनत (आइसोक्लाइनल)
- B.अपनति (एंटीक्लाइनल)
- C.शयान (रिकम्बेंट)
- D.एकनत (मोनोक्लाइनल)
उत्तर देखें
शयान वलन में चट्टानी परतें इतनी अधिक झुक जाती हैं कि वलन करवट लेकर लेट जाता है और उसका अक्षीय तल लगभग क्षैतिज हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. भूकंपलेखी (सीस्मोग्राफ) में P तरंगें S तरंगों से पहले दर्ज होती हैं।
II. P तरंगों में कण तरंग के संचरण की दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं, जबकि S तरंगों में कण संचरण की दिशा के समकोण पर ऊपर-नीचे कंपन करते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I
- B.केवल II
- C.I और II दोनों
- D.न तो I और न ही II
उत्तर देखें
P तरंगें सबसे तेज़ भूकंपीय तरंगें हैं और भूकंपलेखी पर सबसे पहले पहुँचती हैं; वे अनुदैर्ध्य हैं, जबकि S तरंगें अनुप्रस्थ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों के शीतोष्ण वन क्या कहलाते हैं?
- A.मिरिस्टिका
- B.कार वन
- C.देवराकाडु
- D.शोला
उत्तर देखें
पश्चिमी घाट की नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों की ऊँची घाटियों में मिलने वाले सदाबहार शीतोष्ण वनों के टुकड़े शोला कहलाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →समुद्र की सतह पर किसी दिए गए स्थान पर दो क्रमिक ज्वारों के आने के बीच समय का अंतर कितना होता है?
- A.12 घंटे
- B.12 घंटे 26 मिनट
- C.24 घंटे
- D.24 घंटे 52 मिनट
उत्तर देखें
अधिकांश स्थानों पर दिन में दो उच्च ज्वार आते हैं, और चंद्रमा हर दिन लगभग 52 मिनट देर से उगता है, इसलिए हर उच्च ज्वार पिछले के लगभग 12 घंटे 26 मिनट बाद आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, अक्षर कूट Cfa किसे दर्शाता है?
- A.उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु
- B.आर्द्र उपोष्ण जलवायु
- C.टुंड्रा जलवायु
- D.उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क जलवायु
उत्तर देखें
कोपेन के कूट में C का अर्थ गर्म शीतोष्ण जलवायु, f का अर्थ बिना शुष्क ऋतु के सभी ऋतुओं में वर्षा, और a का अर्थ गर्म ग्रीष्म है।
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