घोड़ों के लिए प्राचीन भारतीय चिकित्सा ग्रंथ अश्वशास्त्र का श्रेय निम्नलिखित में से किस व्यक्ति को दिया जाता है?
- A.सातवीं शताब्दी के वाग्भट
- B.ऋषि शालिहोत्र
- C.सातवीं शताब्दी के भर्तृहरि
- D.छठी शताब्दी के वराहमिहिर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, ऋषि शालिहोत्र। भारतीय परंपरा अश्व-विज्ञान का श्रेय शालिहोत्र को देती है, और उन्हीं के नाम पर घोड़ों की चिकित्सा को शालिहोत्र शास्त्र कहा जाने लगा।
शालिहोत्र को भारत में पशु-चिकित्सा विज्ञान का संस्थापक माना जाता है। उनसे जुड़े ग्रंथ में घोड़ों की नस्लों, देखभाल, रोगों और उपचार के साथ उनकी शारीरिक बनावट और लक्षणों का वर्णन है। घोड़ों और हाथियों पर बाद के ग्रंथों ने इसी परंपरा से सामग्री ली, और भारत के कई भागों में लंबे समय तक घोड़ों के वैद्य को "सलोत्री" कहा जाता रहा, जो उनके नाम से बना शब्द है।
A गलत है क्योंकि वाग्भट ने मानव चिकित्सा का आयुर्वेदिक ग्रंथ अष्टांग हृदय लिखा। C गलत है क्योंकि भर्तृहरि व्याकरण पर वाक्यपदीय और तीन शतकों के लिए प्रसिद्ध हैं। D गलत है क्योंकि वराहमिहिर ने बृहत्संहिता और पंचसिद्धांतिका जैसे ग्रंथों में खगोल और ज्योतिष पर लिखा।
Exam tip: घोड़ों के लिए शालिहोत्र, हाथियों के लिए पालकाप्य (हस्त्यायुर्वेद), मनुष्यों के लिए चरक और सुश्रुत।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंजैन धर्म के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्धमान महावीर को जृम्भिकग्राम नगर के बाहर, ऋजुपालिका नदी के किनारे, सामग नामक गृहस्थ के खेत में कैवल्य ज्ञान प्राप्त हुआ। 2. वह अवस्था जब कर्म-कण जीव को बाँधने के लिए वास्तव में उसकी ओर बहने लगते हैं, आस्रव कहलाती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
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दोनों कथन जैन परंपरा से मेल खाते हैं: महावीर के ज्ञान-प्राप्ति का स्थान भी और आस्रव का अर्थ भी। महावीर ने लगभग तीस वर्ष की आयु में घर छोड़ा और करीब बारह वर्ष कठोर तप किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत आए निम्नलिखित विदेशी यात्रियों को सबसे पहले वाले से आरंभ करते हुए कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए : 1. पीटर मुंडी 2. एंटोनियो मोन्सेरात 3. अफ़ानासी निकितिच निकितिन 4. इब्न बतूता नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.2-1-4-3
- B.2-3-4-1
- C.4-3-2-1
- D.3-4-1-2
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इब्न बतूता 14वीं सदी में, निकितिन 15वीं में, मोन्सेरात 16वीं में और पीटर मुंडी 17वीं सदी में भारत आए। मोरक्को के इब्न बतूता 1333 में भारत पहुँचे और मुहम्मद बिन तुगलक के अधीन दिल्ली के काज़ी रहे; उनका यात्रा-वृत्तांत रिहला है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →औद्योगिक क्रांति के दौरान, निम्नलिखित में से किसने 'फ्लाइंग शटल करघे' का डिज़ाइन बनाया था?
- A.सैमुअल क्रॉम्पटन
- B.एडमंड कार्टराइट
- C.जॉन के
- D.रिचर्ड आर्कराइट
उत्तर देखें
अंग्रेज़ आविष्कारक जॉन के ने 1733 में फ्लाइंग शटल का पेटेंट कराया, जो औद्योगिक क्रांति की शुरुआती मशीनों में से एक था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हड़प्पा सभ्यता में नहरों के अवशेष कहाँ पाए गए हैं?
- A.बनावली
- B.लोथल
- C.शोर्तुगई
- D.धोलावीरा
उत्तर देखें
उत्तर-पूर्वी अफ़गानिस्तान में स्थित हड़प्पा की व्यापारिक बस्ती शोर्तुगई वह स्थल है जहाँ सिंचाई नहरों के अवशेष मिले हैं। अधिकतर हड़प्पाई किसान नदी की बाढ़ और कुओं पर निर्भर थे, और सिंधु क्षेत्र के मुख्य भाग में कोई नहर नहीं मिली है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →24-8-1925 को केंद्रीय विधान सभा के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित होने वाले पहले गैर-सरकारी सदस्य निम्नलिखित में से कौन थे?
- A.विट्ठलभाई जे. पटेल
- B.मुहम्मद याकूब
- C.जी. वी. मावलंकर
- D.सरदार हुकम सिंह
उत्तर देखें
24 अगस्त 1925 को विट्ठलभाई पटेल केंद्रीय विधान सभा के पहले निर्वाचित भारतीय (गैर-सरकारी) अध्यक्ष बने। केंद्रीय विधान सभा भारत सरकार अधिनियम, 1919 (मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार) के तहत बनी थी।
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