गांधीजी ने सत्याग्रह की तकनीकें सबसे पहले कहां विकसित कीं?
- A.इंग्लैंड
- B.दक्षिण अफ्रीका
- C.उत्तरी अफ्रीका
- D.भारत
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, दक्षिण अफ्रीका। भारतीयों के विरुद्ध नस्लीय कानूनों से लड़ते हुए गांधीजी ने सत्याग्रह को वहीं पहली बार अपनाया और गढ़ा।
गांधीजी 1893 में वकील के रूप में दक्षिण अफ्रीका गए और लगभग 21 वर्ष वहां रहे। 1906 में उन्होंने ट्रांसवाल में भारतीयों के पंजीकरण और पास रखने के कानून के विरुद्ध भारतीय समुदाय का नेतृत्व किया, और अहिंसक प्रतिरोध की जो विधि विकसित हुई उसे सत्याग्रह, यानी सत्य के प्रति आग्रह, कहा गया। उन्होंने वहीं फीनिक्स आश्रम और टॉल्स्टॉय फार्म भी बसाए और जनवरी 1915 में भारत लौटे।
A गलत है, क्योंकि इंग्लैंड में गांधीजी ने केवल कानून की पढ़ाई की, वहां कोई आंदोलन नहीं चलाया।
C गलत है, क्योंकि उत्तरी अफ्रीका में उन्होंने कोई राजनीतिक कार्य नहीं किया।
D गलत है, क्योंकि भारत में उनके पहले सत्याग्रह, 1917 में चंपारण और फिर खेड़ा व अहमदाबाद, दक्षिण अफ्रीका में इस विधि को आजमाने के बाद हुए।
Exam tip: सत्याग्रह का जन्म दक्षिण अफ्रीका में (1906, ट्रांसवाल); भारत में पहला = चंपारण 1917, फिर अहमदाबाद और खेड़ा 1918।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंगांधीजी के दांडी मार्च के समय भारत का वायसराय कौन था?
- A.लॉर्ड इरविन
- B.लॉर्ड लिनलिथगो
- C.लॉर्ड रीडिंग
- D.लॉर्ड विलिंगडन
उत्तर देखें
वे 1926 से 1931 तक वायसराय रहे, और 1930 का दांडी मार्च इसी काल में हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →फ्लाइंग शटल का आविष्कार निम्नलिखित में से किसने किया?
- A.जेम्स हरग्रीव्स
- B.जॉन के
- C.रिचर्ड आर्कराइट
- D.हम्फ्री डेवी
उत्तर देखें
उन्होंने 1733 में इंग्लैंड में फ्लाइंग शटल का पेटेंट कराया। फ्लाइंग शटल से एक ही बुनकर डोरी खींचकर धागे को करघे के आर-पार भेज सकता था, इसलिए चौड़ा कपड़ा कहीं तेजी से बुना जाने लगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में महात्मा गांधी की पहली प्रमुख सार्वजनिक उपस्थिति कहाँ थी?
- A.चंपारण (1917)
- B.खेड़ा (1918)
- C.बनारस हिंदू विश्वविद्यालय का उद्घाटन (1916)
- D.रौलट सत्याग्रह (1919)
उत्तर देखें
भारत में गांधीजी की पहली प्रमुख सार्वजनिक उपस्थिति फ़रवरी 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के उद्घाटन पर दिया गया उनका भाषण था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा प्राचीन भारत में युद्ध के अस्त्र के रूप में धनुष (और बाण) को संदर्भित नहीं करता?
- A.शार्ङ्ग
- B.कुंत
- C.कोदंड
- D.कार्मुक
उत्तर देखें
कुंत भाला या बरछी है, यानी भोंकने वाला हथियार, जबकि बाकी तीनों धनुष के संस्कृत नाम हैं। प्राचीन भारतीय ग्रंथ, विशेषकर महाकाव्य और धनुर्वेद (धनुर्विद्या का शास्त्र), धनुष के लिए अनेक शब्द इस्तेमाल करते हैं और कई प्रसिद्ध धनुषों के अपने नाम हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन जैन आचार्य नहीं था/थी?
- A.भद्रबाहु
- B.खेमा
- C.हरिभद्र
- D.सिद्धसेन दिवाकर
उत्तर देखें
खेमा एक बौद्ध भिक्षुणी थीं, जैन आचार्य नहीं; बाकी तीनों प्रसिद्ध जैन आचार्य हैं। खेमा मगध के राजा बिंबिसार की रानी थीं, जो बुद्ध की शिष्या बनकर भिक्षुणी संघ में शामिल हुईं।
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