गैलीलियो द्वारा खोजे गए सिद्धांत का उपयोग करते हुए पहली लोलक घड़ी किसने बनाई थी?
- A.आइजैक न्यूटन
- B.क्रिस्टियान हाइगेंस
- C.रॉबर्ट हुक
- D.योहानेस केपलर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, क्रिस्टियान हाइगेंस है। डच वैज्ञानिक हाइगेंस ने 1656 में पहली कार्यशील लोलक घड़ी बनाई, इससे पहले गैलीलियो ने देखा था कि झूलता दीपक चाहे अधिक झूले या कम, प्रत्येक झूले में समान समय लेता है; इस गुण को समकालिता कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि न्यूटन ने गति तथा गुरुत्वाकर्षण के नियम दिए, जिन पर लोलक का सूत्र आधारित है, परंतु उन्होंने ऐसी घड़ी नहीं बनाई। विकल्प C गलत है, क्योंकि हुक ने प्रत्यास्थता का नियम दिया, जिसके कारण स्प्रिंग से लटका भार सरल आवर्त गति करता है; वे हाइगेंस के समकालीन थे, इसलिए यह विकल्प आकर्षक लगता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि केपलर ने ग्रहों की गति के तीन नियम दिए, जिनका लोलक घड़ी से कोई संबंध नहीं है। संक्षेप में—सिद्धांत गैलीलियो ने खोजा और उसका उपयोग हाइगेंस ने किया।
पूरा लेख पढ़ें: दोलन: सरल आवर्त गति और सरल लोलक के नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयदि कोई कण सरल आवर्त गति कर रहा है, तो माध्य स्थिति पर उसका वेग _________ होता है।
- A.अधिकतम
- B.शून्य
- C.न्यूनतम
- D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें
सरल आवर्त गति में वेग ω√(A² - x²) होता है। माध्य स्थिति पर विस्थापन x शून्य होता है, अत: वेग अपने अधिकतम मान Aω पर पहुंच जाता है; इसी कारण गतिज ऊर्जा भी वहीं सर्वाधिक होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक बच्चा झूले पर बैठा है। भूमि से उसकी न्यूनतम और अधिकतम ऊंचाई क्रमश: 0.75 मीटर तथा 2 मीटर है। उसकी अधिकतम चाल होगी
- A.10 मी/से
- B.5 मी/से
- C.8 मी/से
- D.15 मी/से
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झूला एक लोलक की तरह है और उसकी चाल निम्नतम बिंदु पर सर्वाधिक होती है, जहां ऊपर प्राप्त सारी स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सरल लोलक का आवर्तकाल निम्नलिखित में से किस पर निर्भर नहीं करता?
- A.लोलक की लंबाई
- B.गोलक का द्रव्यमान
- C.गुरुत्वीय त्वरण
- D.इन सभी पर
उत्तर देखें
सरल लोलक का आवर्तकाल T = 2π√(l/g) होता है, जिसमें गोलक का द्रव्यमान कहीं नहीं आता; समान लंबाई के भारी और हल्के गोलक एक ही समय देते हैं, और यही द्रव्यमान का नियम है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जहां गुरुत्वीय त्वरण 9.8 मीटर प्रति वर्ग सेकंड है, वहां सेकंड लोलक की लंबाई लगभग कितनी होती है?
- A.1 मीटर
- B.2 मीटर
- C.0.5 मीटर
- D.9.8 मीटर
उत्तर देखें
सेकंड लोलक वह है, जिसका आवर्तकाल ठीक दो सेकंड हो, अर्थात एक ओर से दूसरी ओर का प्रत्येक झूला एक सेकंड लेता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यदि सरल लोलक की लंबाई चार गुनी कर दी जाए, तो उसका आवर्तकाल हो जाएगा
- A.चार गुना
- B.दो गुना
- C.आधा
- D.एक चौथाई
उत्तर देखें
आवर्तकाल लंबाई के वर्गमूल के अनुक्रमानुपाती होता है, अत: लंबाई चार गुनी करने पर आवर्तकाल √4 = 2 गुना हो जाता है; किसी लोलक का आवर्तकाल दोगुना करने के लिए उसकी लंबाई चार गुनी करनी पड़ती है।
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