गैलेक्सआई की मल्टी-सेंसर उपग्रह परियोजना की कुल स्वीकृत लागत कितनी है?
- A.147.69 करोड़ रुपये
- B.247.69 करोड़ रुपये
- C.347.69 करोड़ रुपये
- D.447.69 करोड़ रुपये
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 247.69 करोड़ रुपये है। यह पूरी परियोजना की स्वीकृत लागत है, जिसका एक हिस्सा प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन फंड से दे रहा है और शेष कंपनी उठाएगी। यह भेद मायने रखता है, क्योंकि ऐसा सार्वजनिक कोष महंगे प्रौद्योगिकी कार्यक्रम का जोखिम बांटने के लिए होता है, उसे पूरा चुकाने के लिए नहीं, और इसी कारण सहायता ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स के रूप में दी जा रही है। विकल्प A, C और D में दशमलव भाग वही रखकर केवल पहला अंक बदला गया है, इसलिए जिस अभ्यर्थी ने आंकड़ा ढीले ढंग से याद किया है, वह इनमें अंतर नहीं कर पाएगा। नोट्स में सहायता और कुल लागत, दोनों को जोड़ी बनाकर लिखें, तो अलग-अलग याद रखने से आसान रहेगा।
पूरा लेख पढ़ें: टीडीबी ने गैलेक्सआई को ऑप्टोएसएआर हेतु 63.84 करोड़ रुपये दिए
अभ्यास प्रश्न
प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने आरडीआई फंड के तहत गैलेक्सआई को कितनी सहायता देने पर सहमति दी है?
- A.36.48 करोड़ रुपये
- B.63.84 करोड़ रुपये
- C.84.63 करोड़ रुपये
- D.127.50 करोड़ रुपये
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इसे उसी घोषणा के दूसरे धन-आंकड़े से अलग रखें, यानी परियोजना की स्वीकृत कुल लागत से, जो इससे कहीं बड़ी है; प्रश्न में दोनों को साथ रखकर यही देखा जाता है कि अभ्यर्थी सहायता और कुल लागत में भेद कर पाता है या नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गैलेक्सआई की ऑप्टोएसएआर प्रौद्योगिकी किन दो प्रकार की इमेजिंग को एक साथ लाती है?
- A.सिंथेटिक अपर्चर रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल इमेजिंग
- B.लिडार और थर्मल इन्फ्रारेड इमेजिंग
- C.हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग और रडार अल्टीमेट्री
- D.उपग्रह नेविगेशन संकेत और सोनार इमेजिंग
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दोनों को एक मंच पर इसलिए रखा जाता है कि उनकी कमजोरियां एक जैसी नहीं हैं, ऑप्टिकल इमेजिंग बारीक दृश्य विवरण देती है पर बादल और अंधेरा उसे रोक देते हैं, जबकि रडार उजाले की परवाह किए बिना काम करता है और बादलों के आर-पार देख लेता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आरडीआई सहायता ऑप्टोएसएआर प्रौद्योगिकी को किन तैयारी स्तरों से गुजारने के लिए है?
- A.टीआरएल-1 से टीआरएल-4
- B.टीआरएल-3 से टीआरएल-6
- C.टीआरएल-6 से टीआरएल-9
- D.टीआरएल-4 से टीआरएल-7
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प्रौद्योगिकी तैयारी स्तर वह पैमाना है जो बताता है कि कोई प्रौद्योगिकी विचार से नियमित उपयोग तक कितनी दूर पहुंची है, और यहां बताया गया चरण आखिरी हिस्से का है, जहां वास्तविक परिस्थितियों के करीब दिखा दी गई प्रणाली को इंजीनियरिंग, परीक्षण और वैलिडेशन से गुजारकर सेवा में खरा उतारना…
पूरी व्याख्या पढ़ें →6 नवंबर 2026 तक I-STEM पोर्टल पर कितने उपकरण सूचीबद्ध थे?
- A.4,044
- B.18,250
- C.31,540
- D.45,000
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6 नवंबर 2026 तक, यानी जिस दिन स्टार्टअप इंडिया पोर्टल के साथ इसका एपीआई एकीकरण शुरू हुआ, I-STEM पर 4,044 पंजीकृत संस्थानों के 31,540 उपकरण दर्ज थे, जो शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों के लिए बड़ा राष्ट्रीय संसाधन है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →6 नवंबर 2026 को स्टार्टअप इंडिया और I-STEM पोर्टल के एपीआई एकीकरण के शुभारंभ की अध्यक्षता किसने की?
- A.डॉ. परविंदर मैनी
- B.प्रो. अजय कुमार सूद
- C.अतीश कुमार सिंह
- D.डॉ. विशाल चौधरी
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उन्होंने इस एकीकरण को संस्थाओं का तालमेल बताया, जिससे शोध और विकास का खर्च घटेगा, महंगी सुविधाओं का दोहराव रुकेगा और सार्वजनिक धन से बने ढांचे का बेहतर उपयोग होगा।
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