एनवीएस-03 दूसरी पीढ़ी की नाविक श्रृंखला का कौन सा उपग्रह है?
- A.पहला
- B.दूसरा
- C.तीसरा
- D.पांचवां
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर तीसरा है। नौवहन उपग्रहों की दूसरी पीढ़ी की श्रृंखला एनवीएस-01 से एनवीएस-05 तक है और इन पांच उपग्रहों में एनवीएस-03 तीसरा प्रक्षेपित उपग्रह है। विकल्प A गलत है, क्योंकि श्रृंखला का पहला उपग्रह एनवीएस-01 था, जो जीएसएलवी-एफ12 से उड़ा, वह उस यान की पंद्रहवीं उड़ान थी, और उसमें अहमदाबाद के अंतरिक्ष उपयोग केंद्र में बनी स्वदेशी रूबिडियम परमाणु घड़ी लगी थी। विकल्प B गलत है, क्योंकि श्रृंखला का दूसरा उपग्रह एनवीएस-02 था, जो जीएसएलवी-एफ15 से भेजा गया और प्रक्षेपण के बाद आक्सीकारक वाल्व न खुलने के कारण उसकी कक्षा नहीं उठाई जा सकी, जिससे वह अपने नियत स्थान तक नहीं पहुंच पाया। विकल्प D गलत है, क्योंकि चौथा और पांचवां उपग्रह एनवीएस-04 तथा एनवीएस-05 अभी प्रक्षेपित होने हैं। यह श्रृंखला नाविक सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए तैनात की जा रही है।
पूरा लेख पढ़ें: एनवीएस-03 ने नाविक मिशन में पहला कक्षा उन्नयन पूरा किया
अभ्यास प्रश्न
जीएसएलवी-एफ18/एनवीएस-03 मिशन किस प्रक्षेपण केंद्र से भरा गया?
- A.विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, तिरुवनंतपुरम
- B.सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा
- C.यू आर राव उपग्रह केंद्र, बेंगलूरु
- D.अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, अहमदाबाद
उत्तर देखें
नौवहन उपग्रह एनवीएस-03 जीएसएलवी-एफ18 यान से कक्षा में पहुंचा और यह यान 30 अक्टूबर 2026 को 23:51 बजे श्रीहरिकोटा से उड़ा तथा उपग्रह को निर्धारित भूसमकालिक अंतरण कक्षा में छोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एनवीएस-03 को किस कक्षीय स्थान पर स्थापित किया जाना है?
- A.83 डिग्री पूर्व
- B.93.5 डिग्री पूर्व
- C.111.75 डिग्री पूर्व
- D.55 डिग्री पूर्व
उत्तर देखें
प्रक्षेपण यान ने एनवीएस-03 को भूसमकालिक अंतरण कक्षा में छोड़ा, इसके बाद उपग्रह ने उन प्रज्वलनों की श्रृंखला शुरू की जो उसे कार्यकारी भूसमकालिक स्थिति तक उठाएंगे, और उसके लिए निर्धारित स्थान 111.75 डिग्री पूर्व है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एनवीएस-03 में नौवहन पेलोड किन आवृत्ति बैंडों में लगे हैं?
- A.केवल एल1 और एल5
- B.केवल एल5 और एस
- C.एल1, एल5 और एस
- D.केवल एल1 और एस
उत्तर देखें
एनवीएस-03 पर लगे नौवहन पेलोड इन तीनों बैंडों में प्रसारण करते हैं और पुराने एल5 तथा एस संकेतों के साथ एल1 संकेत जुड़ना दूसरी पीढ़ी की श्रृंखला से नाविक को मिली बढ़त में से एक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →GSLV-F18 और NVS-03 का यह प्रक्षेपण किस संस्था ने किया?
- A.डीआरडीओ
- B.इसरो
- C.एचएएल
- D.बीईएल
उत्तर देखें
बधाई इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को दी गई, क्योंकि GSLV-F18 के साथ NVS-03 का प्रक्षेपण इसी संस्था ने किया और NavIC समूह के उपग्रह भी यही बनाती तथा संचालित करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →NVS-03 का प्रक्षेपण भारत की किस प्रणाली को मजबूत करने के लिए किया गया?
- A.गगन
- B.भुवन
- C.NavIC
- D.एंट्रिक्स
उत्तर देखें
इस मिशन को NavIC को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया, जो भारत की स्वदेशी उपग्रह नौवहन प्रणाली है, और कहा गया कि उन्नत क्षमताओं वाला NVS-03 नागरिकों के लिए नौवहन सेवाओं को बल देगा।
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