एनजीएमवी के निर्माण का अनुबंध किस माह और वर्ष में संपन्न हुआ था?
- A.मार्च 2023
- B.मार्च 2021
- C.सितंबर 2026
- D.अगस्त 2024
सही उत्तर
A. मार्च 2023
व्याख्या
सही उत्तर मार्च 2023 है। रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार एनजीएमवी के निर्माण का अनुबंध मार्च 2023 में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के साथ संपन्न हुआ था, जबकि पहले पोत का कील-लेइंग 18 सितंबर 2026 को हुआ। अभ्यर्थियों को इन दोनों तिथियों को अलग-अलग याद रखना चाहिए, क्योंकि अनुबंध की तिथि आदेश देने का समय बताती है और कील-लेइंग की तिथि निर्माण के औपचारिक आरंभ का।
विकल्प C, सितंबर 2026, वास्तव में कील-लेइंग समारोह का माह है, अनुबंध का नहीं, और इसी में सबसे अधिक भ्रम होने की संभावना रहती है। विकल्प B और D में दिए गए वर्षों का इस अनुबंध से कोई संबंध विज्ञप्ति में नहीं बताया गया है। परीक्षाओं में आदेश के वर्ष और निर्माण आरंभ के वर्ष का यही अंतर बार-बार पूछा जाता है, इसलिए दोनों तिथियाँ शिपयार्ड और मंत्रालय के नाम के साथ याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: नौसेना के पहले एनजीएमवी पोत का निर्माण कोच्चि में शुरू
अभ्यास प्रश्न
भारतीय नौसेना के पहले अगली पीढ़ी के मिसाइल पोत (एनजीएमवी) का कील-लेइंग किस शिपयार्ड में हुआ?
- A.मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, मुंबई
- B.कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, कोच्चि
- C.गार्डन रीच शिपबिल्डर्स, कोलकाता
- D.हिंदुस्तान शिपयार्ड, विशाखापत्तनम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, कोच्चि
व्याख्या
सही उत्तर कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, कोच्चि है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारतीय नौसेना की अगली पीढ़ी की मिसाइल पोत परियोजना के पहले पोत का कील-लेइंग समारोह 18 सितंबर 2026 को कोच्चि स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में आयोजित किया गया, जिसमें युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण नियंत्रक वाइस एडमिरल संजय साधु मुख्य अतिथि थे। एनजीएमवी के निर्माण का अनुबंध भी मार्च 2023 में इसी शिपयार्ड के साथ संपन्न हुआ था, इसलिए अनुबंध और कील-लेइंग दोनों एक ही यार्ड से जुड़े हैं।
शेष विकल्पों में दिए गए शिपयार्ड का इस समारोह से कोई संबंध विज्ञप्ति में नहीं बताया गया है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स मुंबई, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स कोलकाता और हिंदुस्तान शिपयार्ड विशाखापत्तनम का उल्लेख इस विज्ञप्ति में नहीं है, अतः इनमें से किसी को उत्तर मानना गलत होगा। परीक्षा की दृष्टि से यह संयोजन याद रखें: एनजीएमवी परियोजना, पहला पोत, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, कोच्चि और तिथि 18 सितंबर 2026।
स्लाईनेक्स-26 के संदर्भ में वीबीएसएस का पूरा रूप क्या है?
- A.विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर
- B.वेसल बर्थिंग एंड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स
- C.विजुअल बीकन सिग्नलिंग सिस्टम
- D.वर्टिकल बोर्डिंग एंड सी सर्वे
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर
व्याख्या
सही उत्तर विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर है। विज्ञप्ति में वीबीएसएस को समुद्री चरण के उन अभ्यासों में गिनाया गया है जो विशेष बलों ने किए, और इसके साथ स्लिथरिंग ऑपरेशन का भी उल्लेख है। वीबीएसएस वह मानक प्रक्रिया है जिसमें नौसैनिक दल किसी संदिग्ध जहाज को रोकता है, उस पर चढ़ता है, तलाशी लेता है और कानून की अनुमति होने पर उसे जब्त करता है। हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैती और तस्करी रोकने में यही सबसे महत्वपूर्ण कौशल माना जाता है। विकल्प ख गढ़ा हुआ नाम है और बंदरगाह के नियमन से संबंधित लगता है, किसी नौसैनिक अभ्यास से नहीं। विकल्प ग भी काल्पनिक उपकरण का नाम है और विशेष बलों की गतिविधि नहीं है। विकल्प घ दो अलग-अलग बातों को मिला देता है और विज्ञप्ति में कहीं नहीं आता। समुद्री चरण में इसके अलावा समन्वित युद्धाभ्यास, हवाई अभियान और रात में समुद्र में आपूर्ति का अभ्यास भी हुआ।
सितंबर 2026 में आयोजित स्लाईनेक्स अभ्यास कौन सा संस्करण था?
- A.11वां
- B.12वां
- C.13वां
- D.14वां
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 13वां
व्याख्या
सही उत्तर 13वां है। रक्षा मंत्रालय ने 17 से 21 सितंबर 2026 तक चले इस अभ्यास को भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास का 13वां संस्करण बताया, जो विशाखापत्तनम में संपन्न हुआ। नियमित रूप से होने वाले अभ्यासों के बारे में संस्करण संख्या सबसे अधिक पूछी जाने वाली जानकारी है, इसलिए इसे स्थान और वर्ष के साथ याद रखना चाहिए। विकल्प क यानी 11वां और विकल्प ख यानी 12वां इस श्रृंखला के पिछले संस्करणों की ओर संकेत करते हैं, न कि उस संस्करण की ओर जो सितंबर 2026 में समाप्त हुआ। विकल्प घ यानी 14वां आगे आने वाला संस्करण होगा, जो अभी आयोजित नहीं हुआ है। इस अभ्यास के दो चरण रहे, बंदरगाह चरण और समुद्री चरण, और समुद्री चरण में समन्वित युद्धाभ्यास, हवाई अभियान, रात में आपूर्ति, स्लिथरिंग तथा वीबीएसएस जैसे अभ्यास शामिल थे।
विशाखापत्तनम में संपन्न हुआ स्लाईनेक्स-26 भारत और किस देश के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है?
- A.बांग्लादेश
- B.श्रीलंका
- C.मालदीव
- D.इंडोनेशिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. श्रीलंका
व्याख्या
सही उत्तर श्रीलंका है। स्लाईनेक्स भारतीय नौसेना और श्रीलंका नौसेना के बीच होने वाला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है और इसका नाम भी इन्हीं दो देशों से बना है। इसका 13वां संस्करण 17 से 21 सितंबर 2026 तक चला तथा विशाखापत्तनम में संपन्न हुआ। इसमें पहले बंदरगाह चरण हुआ, जिसमें पेशेवर बातचीत और क्रॉस-डेक दौरे शामिल थे, और उसके बाद समुद्री चरण हुआ, जिसमें समन्वित युद्धाभ्यास, हवाई अभियान, रात में समुद्र में आपूर्ति और विशेष बलों के अभ्यास किए गए। विकल्प क यानी बांग्लादेश गलत है, क्योंकि बांग्लादेश की नौसेना के साथ होने वाले अभ्यास का नाम अलग है और इस विज्ञप्ति में उसका उल्लेख नहीं है। विकल्प ग यानी मालदीव भी गलत है, क्योंकि इस अभ्यास में मालदीव की कोई भागीदारी नहीं बताई गई। विकल्प घ यानी इंडोनेशिया इसलिए गलत है कि रक्षा मंत्रालय ने इसे पूरी तरह भारत और श्रीलंका का द्विपक्षीय अभ्यास बताया है, जिसमें कोई तीसरी नौसेना शामिल नहीं थी।
वीर गार्डियन 2026 में जापान वायु आत्मरक्षा बल ने किस युद्धक विमान से भाग लिया?
- A.एफ-15जे
- B.एफ-2ए
- C.एफ-35ए
- D.मित्सुबिशी एफ-1
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एफ-2ए
व्याख्या
सही उत्तर एफ-2ए है। रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में स्पष्ट लिखा है कि जापान वायु आत्मरक्षा बल ने इस अभ्यास में एफ-2ए युद्धक विमान के साथ हिस्सा लिया, जबकि भारतीय वायु सेना ने सुखोई-30 एमकेआई, राफेल और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस उतारे। विकल्प क गलत है, क्योंकि जोधपुर आए जापानी विमानों में इस प्रकार का नाम नहीं दिया गया है। विकल्प ग भी गलत है, क्योंकि इस अभ्यास में जापान की ओर से किसी पांचवीं पीढ़ी के विमान की भागीदारी दर्ज नहीं है। विकल्प घ गलत है, क्योंकि उस पुराने विमान का उल्लेख विज्ञप्ति में कहीं नहीं मिलता। संयुक्त अभ्यासों पर आधारित प्रश्नों में प्रायः यही पूछा जाता है कि किस पक्ष ने कौन-सा विमान उतारा, इसलिए भारतीय विमानों की सूची और जापान के एकमात्र विमान को साथ में याद रखना उपयोगी है।