एनएसई के सामाजिक शेयर बाजार पर एनएसडीसी के पहले शून्य कूपन शून्य मूलधन निर्गम में किस संस्थान ने राशि लगाई?
- A.सिडबी
- B.नाबार्ड
- C.एक्जिम बैंक
- D.राष्ट्रीय आवास बैंक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर नाबार्ड है, यानी राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक, जिसने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के पहले शून्य कूपन शून्य मूलधन निर्गम में एनएसई के सामाजिक शेयर बाजार मंच पर 4 करोड़ रुपये की राशि लगाई। नाबार्ड के अध्यक्ष ने इसे नवोन्मेषी विकास वित्त मॉडल तलाशने तथा अधिक संस्थागत व निजी भागीदारी आकर्षित करने के प्रयास का हिस्सा बताया। विकल्प A सिडबी लघु उद्योगों के लिए विकास बैंक है और इस निर्गम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। विकल्प C एक्जिम बैंक विदेश व्यापार का वित्तपोषण करता है और वह निवेशक नहीं था। विकल्प D राष्ट्रीय आवास बैंक आवास वित्त का पुनर्वित्त करता है और इससे असंबद्ध है। तीनों गलत विकल्प राष्ट्रीय स्तर के विकास वित्त संस्थान हैं, प्रश्न इसी तरह बनाया जाता है, इसलिए नाबार्ड को 4 करोड़ रुपये और एनएसडीसी के पदार्पण के साथ जोड़कर याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: एनएसडीसी एनएसई के सामाजिक शेयर बाजार मंच पर सूचीबद्ध
अभ्यास प्रश्न
सामाजिक शेयर बाजार से वित्तपोषित एनएसडीसी के कौशल कार्यक्रम में विदेश में सफल नियोजन पर मध्य प्रदेश सरकार लागत का कितना हिस्सा देगी?
- A.15 प्रतिशत
- B.35 प्रतिशत
- C.50 प्रतिशत
- D.75 प्रतिशत
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कार्यक्रम का वित्तपोषण तीन हिस्सों में बंटा है, लाभार्थी की भागीदारी से लागत का 15 प्रतिशत, सामाजिक शेयर बाजार से जुटाई राशि से 35 प्रतिशत और शेष 50 प्रतिशत मध्य प्रदेश सरकार से, जो उम्मीदवारों के विदेश में सफलतापूर्वक नियोजित होने के बाद मिलेगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सामाजिक शेयर बाजार के जरिए शुरू हुआ एनएसडीसी कार्यक्रम मध्य प्रदेश के युवाओं को किन दो देशों में रोजगार के लिए तैयार करता है?
- A.जापान और जर्मनी
- B.जापान और ऑस्ट्रेलिया
- C.जर्मनी और कनाडा
- D.दक्षिण कोरिया और जर्मनी
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यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर अन्य पिछड़ा वर्ग परिवारों के 600 युवाओं को विदेश में काम के लिए तैयार करेगा, जिनमें 300 को जापान और 300 को जर्मनी के लिए तैयार किया जाएगा, और इसके लिए जापानी तथा जर्मन भाषा का आवासीय प्रशिक्षण रोजगार कौशल प्रशिक्षण…
पूरी व्याख्या पढ़ें →विद्युत मंत्रालय के अलावा भारतीय रेलवे कोयले की कुशल निकासी के लिए किस मंत्रालय के साथ समन्वय कर रहा है?
- A.खान मंत्रालय
- B.कोयला मंत्रालय
- C.भारी उद्योग मंत्रालय
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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रेलवे खदानों से कोयले की कुशल निकासी पर उसके साथ काम करता है, जबकि विद्युत मंत्रालय के साथ उसका समन्वय ढुलाई और आपूर्ति बनाए रखने से जुड़ा है, ताकि ताप विद्युत संयंत्रों में भरोसेमंद उत्पादन के लिए पर्याप्त भंडार रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भारतीय रेलवे ने ताप विद्युत संयंत्रों को औसतन प्रतिदिन कितने कोयला रेक भेजे?
- A.87
- B.340
- C.430
- D.530
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यह वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में ताप विद्युत संयंत्रों को भेजे गए कोयला रेक का दैनिक औसत है, और यह पिछले वर्ष की इसी छमाही की रवानगी दर से 7.1 प्रतिशत अधिक रहा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्टूबर 2026 में 18 तारीख तक भारतीय रेलवे के कोयला लदान में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में कितनी वृद्धि हुई?
- A.7.1 प्रतिशत
- B.14 प्रतिशत
- C.22.5 प्रतिशत
- D.32.5 प्रतिशत
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यह वही वृद्धि है जो रेलवे ने महीने की अठारहवीं तारीख तक कोयला लदान में दर्ज की, और इसकी तुलना पिछले वर्ष की उसी अवधि से की गई है, तथा यह कोयला लदान का सर्वकालिक उच्च स्तर है।
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