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GK24
पर्यावरणमध्यम

एनडीसी-टीआईए द्वितीय चरण की पहल को जर्मन सरकार के किस कार्यक्रम से समर्थन मिला है?

  1. A.हरित जलवायु कोष
  2. B.अंतर्राष्ट्रीय जलवायु पहल (आईकेआई)
  3. C.वैश्विक पर्यावरण सुविधा
  4. D.स्वच्छ विकास तंत्र

सही उत्तर

B. अंतर्राष्ट्रीय जलवायु पहल (आईकेआई)

व्याख्या

सही उत्तर अंतर्राष्ट्रीय जलवायु पहल है, जिसे संक्षेप में आईकेआई कहा जाता है और जो जर्मन सरकार का कार्यक्रम है। यही एशिया के लिए क्षेत्रीय पहल एनडीसी-टीआईए द्वितीय को समर्थन देता है, और इसी के तहत नीति आयोग तथा जीआईजेड ने 3 नवंबर 2026 को भारत में सड़क माल ढुलाई का डीकार्बोनाइजेशन तेज करने के लिए कार्यान्वयन समझौता किया। विकल्प A का हरित जलवायु कोष संयुक्त राष्ट्र के जलवायु ढांचे के अंतर्गत बहुपक्षीय कोष है, जर्मनी का कार्यक्रम नहीं। विकल्प C की वैश्विक पर्यावरण सुविधा कई पर्यावरण अभिसमयों के लिए बहुपक्षीय वित्त संस्था है। विकल्प D का स्वच्छ विकास तंत्र क्योटो प्रोटोकॉल के तहत परियोजना आधारित कार्बन क्रेडिट व्यवस्था थी। याद रखें कि नीति आयोग भारत सरकार का नीति थिंक टैंक है।

पूरा लेख पढ़ें: नीति आयोग और जीआईजेड ने एनडीसी-टीआईए द्वितीय समझौता किया

Q1.पर्यावरणमध्यम

नीति आयोग ने एनडीसी-टीआईए द्वितीय चरण के तहत कार्यान्वयन समझौता किस संगठन के साथ किया?

  1. A.जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी
  2. B.ड्यूश गेसेलशाफ्ट फूर इंटरनेशनेल जुसामेनरबीट (जीआईजेड) जीएमबीएच
  3. C.संयुक्त राज्य अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी
  4. D.फ्रांसीसी विकास एजेंसी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ड्यूश गेसेलशाफ्ट फूर इंटरनेशनेल जुसामेनरबीट (जीआईजेड) जीएमबीएच

यह समझौता 3 नवंबर 2026 को एशिया के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान-परिवहन पहल के द्वितीय चरण के अंतर्गत हुआ, जिसका उद्देश्य भारत में सड़क माल ढुलाई के डीकार्बोनाइजेशन में तेजी लाना है, और यह पहल जर्मन सरकार की अंतर्राष्ट्रीय जलवायु पहल से समर्थित है।

Q2.पर्यावरणआसान

एनडीसी-टीआईए द्वितीय चरण के तहत हुए कार्यान्वयन समझौते का केंद्रबिंदु कौन सा क्षेत्र है?

  1. A.सड़क माल ढुलाई का डीकार्बोनाइजेशन
  2. B.मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार
  3. C.उर्वरक संयंत्रों के लिए हरित हाइड्रोजन
  4. D.अपतटीय पवन ऊर्जा उत्पादन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सड़क माल ढुलाई का डीकार्बोनाइजेशन

समझौता परियोजना भागीदारों के सहयोग को औपचारिक रूप देता है, जिससे सड़क से माल की आवाजाही में उत्सर्जन घटाने का काम तेज हो, और इसे भारत के उस बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है जिसमें परिवहन प्रणाली टिकाऊ, ऊर्जा-सक्षम और कम कार्बन वाली बनेगी।

Q3.पर्यावरणमध्यम

योजना के तहत बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए न्यूनतम घरेलू सामग्री की शर्त कितनी रखी गई है?

  1. A.20 प्रतिशत
  2. B.30 प्रतिशत
  3. C.40 प्रतिशत
  4. D.50 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 40 प्रतिशत

योजना से सहायता मांगने वाली बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं को न्यूनतम 40 प्रतिशत घरेलू सामग्री की शर्त पूरी करनी होगी।

Q4.पर्यावरणमध्यम

योजना से बनने वाली 92 गीगावाट घंटा क्षमता में पंप भंडारण जल परियोजनाओं का हिस्सा कितना है?

  1. A.2 गीगावाट घंटा
  2. B.30 गीगावाट घंटा
  3. C.45 गीगावाट घंटा
  4. D.60 गीगावाट घंटा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 60 गीगावाट घंटा

योजना में 60 गीगावाट घंटा पंप भंडारण जल परियोजनाओं से, 30 गीगावाट घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली से और 2 गीगावाट घंटा वैकल्पिक ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकियों से जोड़ने का प्रस्ताव है, जिनका योग कुल 92 गीगावाट घंटा बनता है।

Q5.पर्यावरणआसान

ग्रिड स्तरीय ऊर्जा भंडारण के लिए मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण योजना में कुल कितनी वित्तीय सहायता दी जाएगी?

  1. A.9,500 करोड़ रुपये
  2. B.12,500 करोड़ रुपये
  3. C.14,500 करोड़ रुपये
  4. D.18,500 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 14,500 करोड़ रुपये

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ग्रिड स्तरीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के विकास के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण योजना को इसी राशि के साथ वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए मंजूरी दी है।