एक्स-किरणों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.इनकी तरंगदैर्घ्य लगभग 1 Å होती है।
- B.इन्हें उच्च ऊर्जा वाले इलेक्ट्रॉनों से किसी धातु लक्ष्य पर बमबारी करके उत्पन्न किया जा सकता है।
- C.तरंगदैर्घ्य छोटी होने के कारण इनका उपयोग रडार प्रणालियों में किया जा सकता है।
- D.इनका उपयोग कुछ प्रकार के कैंसर के उपचार में भी होता है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C। रडार में एक्स-किरणें इस्तेमाल नहीं होतीं; रडार सूक्ष्म तरंगों (माइक्रोवेव) से काम करता है, जिनकी तरंगदैर्घ्य कुछ सेंटीमीटर होती है।
विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम में एक्स-किरणें पराबैंगनी और गामा किरणों के बीच आती हैं। इनकी तरंगदैर्घ्य लगभग 10 nm से 0.01 nm तक होती है, इसलिए 1 Å (0.1 nm) इनके लिए सामान्य है। एक्स-रे नली में तेज इलेक्ट्रॉन टंगस्टन जैसी भारी धातु से टकराकर अचानक रुकते हैं, तब एक्स-किरणें निकलती हैं। रडार को ऐसी तरंगें चाहिए जो हवा में दूर तक जाएं और विमान या जहाज से लौट आएं, इसलिए उसमें सूक्ष्म तरंगें ली जाती हैं।
A सही कथन है, क्योंकि 1 Å एक्स-किरणों की सीमा के भीतर है।
B सही कथन है, क्योंकि एक्स-रे नली ठीक इसी तरह काम करती है।
D सही कथन है, क्योंकि रेडियोथेरेपी में उच्च ऊर्जा की एक्स-किरणें कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करती हैं।
Exam tip: रडार और माइक्रोवेव ओवन में सूक्ष्म तरंगें; एक्स-किरणें चित्रण, क्रिस्टल अध्ययन और रेडियोथेरेपी में।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंहाइड्रोजन बम और यूरेनियम बम क्रमशः किस पर आधारित हैं?
- A.नाभिकीय संलयन और विखंडन
- B.विखंडन और तापनाभिकीय संलयन
- C.भूतापीय विखंडन और संलयन
- D.भूतापीय संलयन और विखंडन
उत्तर देखें
हाइड्रोजन बम हल्के हाइड्रोजन नाभिकों को जोड़ता है, जबकि यूरेनियम बम भारी यूरेनियम-235 नाभिकों को तोड़ता है। नाभिकीय विखंडन में यूरेनियम-235 जैसा भारी नाभिक एक न्यूट्रॉन सोखकर दो हल्के नाभिकों में टूटता है और ऊर्जा तथा दो-तीन नए न्यूट्रॉन छोड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आवृतबीजी पौधों के बीजांड में निम्नलिखित में से कौन-सी अगुणित कोशिका नहीं है?
- A.बीजांडकाय (न्यूसेलस)
- B.सहायक कोशिका
- C.अंड
- D.प्रतिमुखी कोशिका
उत्तर देखें
बीजांडकाय यानी न्यूसेलस बीजांड का अपना द्विगुणित ऊतक है, जबकि सहायक कोशिकाएँ, अंड और प्रतिमुखी कोशिकाएँ भ्रूणकोष की अगुणित कोशिकाएँ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक द्विध्रुवी संधि ट्रांजिस्टर में
- A.तीनों क्षेत्रों (उत्सर्जक, आधार और संग्राहक) में अशुद्धि की सांद्रता बराबर होती है
- B.उत्सर्जक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- C.संग्राहक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- D.आधार में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
उत्तर देखें
आधार को पतला और हल्का अपमिश्रित रखा जाता है ताकि उत्सर्जक से आए अधिकांश आवेश वाहक उसे पार कर संग्राहक तक पहुँच जाएँ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाशिक उपकरण बनाने में निम्नलिखित में से किस प्रकार के काँच का प्रयोग होता है?
- A.पाइरेक्स काँच
- B.मृदु काँच
- C.कठोर काँच
- D.फ्लिंट काँच
उत्तर देखें
फ्लिंट काँच में लेड ऑक्साइड होता है, जिससे इसका अपवर्तनांक ऊँचा और पारदर्शिता अच्छी होती है, इसलिए यह प्रकाशिक उपकरणों के लेंस और प्रिज़्म में लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लाइसोसोम निम्नलिखित में से किस कोशिकांग से बनता है?
- A.केंद्रक
- B.अंतर्द्रव्यी जालिका
- C.गॉल्जी काय
- D.राइबोसोम
उत्तर देखें
लाइसोसोम गॉल्जी उपकरण से छोटी झिल्लीदार थैलियों के रूप में अलग होते हैं, जिनमें पाचक एंजाइम भरे रहते हैं। लाइसोसोम के जल-अपघटक एंजाइम पहले खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका से जुड़े राइबोसोम पर बनते हैं।
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