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GK24
सरकारी योजनाएंमध्यम

एक जोश टीम का गठन किस प्रकार होता है?

  1. A.दस माई भारत स्वयंसेवक, नेतृत्व एक चिकित्सक
  2. B.पांच माई भारत स्वयंसेवक और पांच एनसीसी कैडेट, नेतृत्व क्लास-वन अधिकारी
  3. C.पांच आशा कार्यकर्ता और पांच एनएसएस स्वयंसेवक, नेतृत्व सरपंच
  4. D.तीन एनसीसी कैडेट और सात एनएसएस स्वयंसेवक, नेतृत्व जिलाधिकारी

सही उत्तर

B. पांच माई भारत स्वयंसेवक और पांच एनसीसी कैडेट, नेतृत्व क्लास-वन अधिकारी

व्याख्या

सही उत्तर पांच माई भारत स्वयंसेवक और पांच एनसीसी कैडेट, नेतृत्व क्लास-वन अधिकारी है। यह ढांचा सोच-समझकर बनाया गया है, क्योंकि माई भारत युवाओं की भागीदारी का मंच देता है, राष्ट्रीय कैडेट कोर अनुशासन और पहुंच जोड़ता है, और ब्लॉक या वार्ड स्तर का नामित क्लास-वन अधिकारी टीम के काम को सरकारी समर्थन देता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि टीमें केवल माई भारत स्वयंसेवकों से नहीं बनतीं और नेतृत्व के लिए किसी चिकित्सक का उल्लेख नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि आशा कार्यकर्ता और राष्ट्रीय सेवा योजना इन दस्तों के लिए नामित दो धाराएं नहीं हैं, हालांकि व्यापक अभियान में कई तरह के स्वास्थ्यकर्मी और स्वयंसेवक सहयोग करते हैं। विकल्प D दोनों आधार पर गलत है, क्योंकि दोनों धाराओं में बराबर बंटवारा है और जिलाधिकारी को टीम का नेता नहीं बनाया गया है। ध्यान रहे कि रक्षा मंत्रालय इसी कारण साझेदार है, क्योंकि इसमें एनसीसी कैडेट शामिल हैं।

पूरा लेख पढ़ें: टीबी मुक्त भारत के लिए जोश टीमों की शुरुआत

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Q1.सरकारी योजनाएंआसान

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शुरू की गई पहल में जोश का पूरा नाम क्या है?

  1. A.जॉइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ
  2. B.यूथ स्क्वाड फॉर हाइजीन
  3. C.जॉइंट आउटरीच फॉर सोशल हेल्थ
  4. D.जूनियर ऑफिसर्स फॉर सोशल हेल्थ
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जॉइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ

व्याख्या

सही उत्तर जॉइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में जोश टीमों की शुरुआत की और ये दस्ते टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिला तथा ब्लॉक स्तर पर काम करेंगे, जिसमें बचाव, जांच और इलाज की जानकारी घर-घर पहुंचाई जाएगी। विकल्प B गलत है, क्योंकि टीमें युवाओं के नेतृत्व वाली जरूर हैं, पर स्वच्छता उन व्यवहारों में से केवल एक है जिन्हें स्वयंसेवक बढ़ावा देंगे और वह नाम का हिस्सा नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पूरे नाम में आउटरीच की जगह स्क्वाड शब्द आता है, भले समुदाय तक पहुंच ही इन टीमों का काम हो। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रत्येक टीम का नेतृत्व ब्लॉक या वार्ड स्तर का क्लास-वन अधिकारी करता है, इसलिए नाम में जूनियर अधिकारियों का उल्लेख नहीं है। स्क्वाड शब्द ही संकेत है, क्योंकि हर इकाई में स्वयंसेवक और कैडेट एक दल के रूप में जुड़ते हैं।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

जोश टीमों के शुभारंभ में बताए अनुसार भारत में टीबी के मामलों में कितनी गिरावट आई है?

  1. A.12 प्रतिशत
  2. B.18 प्रतिशत
  3. C.21 प्रतिशत
  4. D.32 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 21 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 21 प्रतिशत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत में टीबी के मामलों में इक्कीस प्रतिशत की कमी आई है, जो वैश्विक गिरावट से काफी आगे है। विकल्प A यानी बारह प्रतिशत इस प्रश्न का उत्तर नहीं है, पर इसे अलग से याद रखना चाहिए, क्योंकि यही आंकड़ा इसी अवधि की वैश्विक गिरावट का है और परीक्षा में दोनों संख्याओं को साथ पूछा जाता है। विकल्प B यानी अठारह प्रतिशत गलत है और वह दोनों वास्तविक आंकड़ों के बीच का भरोसेमंद लगने वाला मान है। विकल्प D यानी बत्तीस प्रतिशत उपलब्धि को बढ़ाकर बताता है, इसलिए गलत है। साथ में याद रखने लायक आंकड़े हैं भारत में इलाज का दायरा बानवे प्रतिशत और दुनिया में अठहत्तर प्रतिशत, तथा 2030 का वह वैश्विक लक्ष्य जिसे भारत समय से पहले पाना चाहता है।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

जोश टीमों के शुभारंभ में वर्ष 2026 में कितनी पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया?

  1. A.597 जिलों की 47,933 पंचायतें
  2. B.697 जिलों की 67,933 पंचायतें
  3. C.797 जिलों की 77,933 पंचायतें
  4. D.497 जिलों की 57,933 पंचायतें
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 697 जिलों की 67,933 पंचायतें

व्याख्या

सही उत्तर 697 जिलों की 67,933 पंचायतें है। कार्यक्रम में जिला स्तर पर टीबी मुक्त पंचायतों को सम्मानित किया गया और स्वास्थ्य मंत्री ने इस उपलब्धि को समुदाय की भागीदारी तथा स्थानीय नेतृत्व की ताकत बताया, जिसका श्रेय उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं और स्वयंसेवकों को दिया। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि इनमें पंचायतों की संख्या या जिलों की संख्या बदल दी गई है और परीक्षा में इस तथ्य के दोनों हिस्से साथ पूछे जाते हैं। इससे अलग रखने लायक आंकड़ा देश के उन कुल जिलों का है जो राष्ट्रीय शुभारंभ में वर्चुअल रूप से जुड़े, जिनकी संख्या टीबी मुक्त पंचायतों वाले जिलों से अधिक है। यह भी ध्यान रखें कि यह सम्मान टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत दिया गया, उसी अभियान के तहत जोश टीमें शुरू हुईं।

Q4.सरकारी योजनाएंमध्यम

प्रशस्त किस कानून के दायरे में आने वाली स्थितियों की जांच करता है?

  1. A.शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009
  2. B.दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016
  3. C.किशोर न्याय अधिनियम, 2015
  4. D.मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016

व्याख्या

सही उत्तर दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 है। इस कानून में सूचीबद्ध स्थितियां ही प्रशस्त की जांच सूची का दायरा तय करती हैं और इसी रास्ते कक्षा की एक सामान्य निगरानी औपचारिक आकलन के लिए संदर्भ बन जाती है। विकल्प A यानी शिक्षा का अधिकार अधिनियम इस प्रश्न के लिए गलत है, भले वह नि:शुल्क और अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा को नियंत्रित करता है और स्कूल से जुड़े प्रश्न में पहला अनुमान बन जाता है। विकल्प C यानी किशोर न्याय अधिनियम गलत है, क्योंकि वह देखभाल और संरक्षण के जरूरतमंद बच्चों तथा कानून से टकराव वाले बच्चों से जुड़ा है, स्कूल में दिव्यांगता की जांच से नहीं। विकल्प D यानी मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम भी गलत है, क्योंकि वह मानसिक रोग से ग्रस्त व्यक्तियों के अधिकारों और देखभाल पर है। विभाग इस काम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति और इसी दिव्यांगता कानून, दोनों से जोड़ता है।

Q5.सरकारी योजनाएंआसान

समावेशी शिक्षा मॉड्यूल की देशव्यापी स्क्रीनिंग में कितने स्कूल शामिल हुए?

  1. A.20,000 से अधिक
  2. B.40,000 से अधिक
  3. C.60,000 से अधिक
  4. D.90,000 से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 60,000 से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 60,000 से अधिक स्कूल हैं और विभाग के अनुसार इस महीने भागीदारी और बढ़ने की संभावना है। बाकी विकल्प गलत हैं, क्योंकि उनमें संख्या बदल दी गई है, और विद्यार्थी को इस आंकड़े को इसी खबर के दूसरे आंकड़े से अलग रखना चाहिए, यानी पिछले तीन महीनों में इस समर्पित मॉड्यूल से बहत्तर लाख से अधिक शिक्षकों का संवेदीकरण। ये दोनों संख्याएं अलग-अलग चीजें मापती हैं, एक उन संस्थानों की गिनती है जिन्होंने एक दिन स्क्रीनिंग कराई और दूसरी उन शिक्षकों की, जो एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया से गुजरे। यह भी याद रखने योग्य है कि मॉड्यूल तीस मिनट का है, बारह भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है और यह केवल शिक्षकों के लिए नहीं, बल्कि प्रधानाचार्य से लेकर चालक और लिपिक तक, स्कूल में बच्चे से मिलने वाले हर व्यक्ति के लिए बना है।