एक द्रव्यमान ऊर्ध्वाधर लटकी एक स्प्रिंग से जुड़ा है। पृथ्वी पर स्प्रिंग में 6 cm का विस्तार होता है। चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी की सतह के मान का छठा भाग है। चंद्रमा पर स्प्रिंग का विस्तार होगा :
- A.6 cm
- B.1 cm
- C.0 cm
- D.36 cm
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, 1 cm। स्प्रिंग का खिंचाव उस पर लगे बल के समानुपाती होता है और चंद्रमा पर द्रव्यमान का भार पृथ्वी के भार का छठा भाग रह जाता है।
हुक के नियम के अनुसार स्प्रिंग का विस्तार x = F/k होता है, जहाँ k स्प्रिंग नियतांक है। यहाँ खींचने वाला बल लटके द्रव्यमान का भार mg है। चंद्रमा पर द्रव्यमान m और स्प्रिंग नियतांक k वही रहते हैं, केवल g छठा भाग हो जाता है। इसलिए बल और उसके साथ विस्तार भी 6 cm का छठा भाग, यानी 1 cm, हो जाता है। इसी कारण कमानीदार तुला चंद्रमा पर कम पाठ्यांक दिखाती है, जबकि दो द्रव्यमानों की तुलना करने वाली दंड तुला वही पाठ्यांक दिखाती है।
A गलत है, क्योंकि यह मान लेता है कि भार गुरुत्व पर निर्भर नहीं करता। C गलत है, क्योंकि चंद्रमा पर भी गुरुत्व है, इसलिए द्रव्यमान का भार शून्य नहीं होता। D गलत है, क्योंकि इसमें छह से भाग देने के बजाय गुणा कर दिया गया है।
Exam tip: द्रव्यमान हर जगह समान रहता है, भार g के साथ बदलता है; कमानीदार तुला भार मापती है, दंड तुला द्रव्यमान की तुलना करती है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस पादप ऊतक में मृत कोशिकाएँ होती हैं?
- A.बाह्यत्वचा (एपिडर्मिस)
- B.मृदूतक (पैरेन्काइमा)
- C.स्थूलकोण ऊतक (कोलेन्काइमा)
- D.दृढ़ ऊतक (स्क्लेरेन्काइमा)
उत्तर देखें
परिपक्व होने पर दृढ़ ऊतक की कोशिकाएँ मृत होती हैं और उनकी मोटी भित्तियाँ लिग्निन से कठोर होती हैं। दृढ़ ऊतक पौधे को कठोर और मज़बूत बनाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मान लीजिए किसी धारावाही सीधे चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ वामावर्त (घड़ी की सुई के विपरीत) दिशा में हैं। तब धारा की दिशा किससे निर्धारित होती है?
- A.दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम से, और यह नीचे की दिशा में होगी।
- B.वाम-हस्त अंगुष्ठ नियम से, और यह नीचे की दिशा में होगी।
- C.दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम से, और यह ऊपर की दिशा में होगी।
- D.वाम-हस्त अंगुष्ठ नियम से, और यह ऊपर की दिशा में होगी।
उत्तर देखें
सीधे तार के लिए दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम धारा और उसके चारों ओर की वृत्ताकार क्षेत्र रेखाओं को जोड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वायु में संचरित होने वाली ध्वनि तरंगों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- A.ध्वनि एक विद्युतचुंबकीय तरंग है और अनुप्रस्थ प्रकृति की है
- B.ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है और अनुदैर्ध्य प्रकृति की है
- C.ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है और अनुप्रस्थ प्रकृति की है
- D.ध्वनि एक विद्युतचुंबकीय तरंग है और अनुदैर्ध्य प्रकृति की है
उत्तर देखें
ध्वनि को चलने के लिए किसी भौतिक माध्यम की ज़रूरत होती है, और वायु में उसके कण तरंग की दिशा में ही आगे-पीछे कंपन करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी धातु में विद्युत धारा के चालन के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित में से कौन उत्तरदायी है?
- A.बद्ध इलेक्ट्रॉन
- B.मुक्त इलेक्ट्रॉन
- C.बद्ध और मुक्त दोनों इलेक्ट्रॉन
- D.आयन
उत्तर देखें
धातु में परमाणुओं के बाहरी इलेक्ट्रॉन किसी एक परमाणु से बँधे नहीं होते और विभवांतर लगाने पर जालक में बहकर धारा ले जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाशीय सूक्ष्मदर्शी के आवर्धन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.नेत्रिका की फोकस दूरी बढ़ने पर आवर्धन बढ़ता है
- B.अभिदृश्यक की फोकस दूरी बढ़ने पर आवर्धन बढ़ता है
- C.आवर्धन नेत्रिका की फोकस दूरी पर निर्भर नहीं करता
- D.नेत्रिका की फोकस दूरी बढ़ने पर आवर्धन घटता है
उत्तर देखें
संयुक्त सूक्ष्मदर्शी तब अधिक आवर्धन देता है जब उसके दोनों लेंसों की फोकस दूरी कम हो। संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में अभिदृश्यक लेंस वस्तु का वास्तविक और बड़ा प्रतिबिंब बनाता है, और नेत्रिका उसे एक सरल आवर्धक की तरह और बड़ा करती है।
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