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GK24
भारतीय इतिहासमध्यमपूछा गया: SSC CHSL · 04 Aug, 2023, Shift 3

द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध निम्नलिखित में से किस संधि पर हस्ताक्षर के साथ समाप्त हुआ?

  1. A.मंगलोर की संधि
  2. B.आरकॉट की संधि
  3. C.वांडीवाश की संधि
  4. D.मद्रास की संधि

सही उत्तर

A. मंगलोर की संधि

व्याख्या

सही उत्तर है A, मंगलोर की संधि। द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध 1780 से 1784 तक चला। हैदर अली ने मराठों और निज़ाम को साथ लेकर अंग्रेज़ ईस्ट इंडिया कंपनी से लड़ाई लड़ी, और दिसंबर 1782 में उसकी मृत्यु के बाद उसके पुत्र टीपू सुल्तान ने युद्ध जारी रखा तथा मार्च 1784 में मंगलोर की संधि पर हस्ताक्षर किए। इसकी शर्तों के अनुसार दोनों पक्षों ने एक-दूसरे से जीते क्षेत्र और बंदी वापस कर दिए, इसलिए युद्ध अनिर्णीत रहा और मैसूर की शक्ति घटी नहीं; यह अंतिम संधि थी जो कंपनी ने किसी भारतीय शक्ति के साथ बराबरी के आधार पर की। B गलत है क्योंकि आरकॉट की कोई संधि इस युद्ध का अंत नहीं करती। C गलत है क्योंकि वांडीवाश 1760 का युद्ध था जिसमें अंग्रेज़ों ने तृतीय कर्नाटक युद्ध में फ्रांसीसियों को हराया, वह संधि नहीं थी। D गलत है क्योंकि 1769 की मद्रास संधि से प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध समाप्त हुआ था। परीक्षा टिप: चारों युद्धों का अंत - मद्रास 1769, मंगलोर 1784, श्रीरंगपट्टनम 1792 और 1799 में टीपू की मृत्यु।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2020 Official Papeकठिन

भारत सरकार अधिनियम, 1919 के अंतर्गत भारतीय विधानमंडल का अंतिम चुनाव किस वर्ष हुआ था?

  1. A.1930
  2. B.1934
  3. C.1945
  4. D.1947
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1945

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1945। भारत सरकार अधिनियम 1919 के अंतर्गत बनी केंद्रीय विधानसभा का अंतिम चुनाव 1945 की सर्दियों में हुआ, जब दूसरा विश्वयुद्ध समाप्त हो चुका था और ब्रिटेन की लेबर सरकार भारतीय नेताओं से समझौते की दिशा में बढ़ रही थी। कांग्रेस ने लगभग सभी सामान्य सीटें जीतीं और मुस्लिम लीग ने मुसलमानों के लिए आरक्षित लगभग सभी सीटें, और इसी परिणाम ने 1946 की वार्ताओं, कैबिनेट मिशन योजना तथा प्रांतीय विधानमंडलों द्वारा चुनी गई संविधान सभा की दिशा तय की। 1935 के अधिनियम ने प्रांतों का पुनर्गठन किया, परंतु केंद्रीय विधानमंडल स्वतंत्रता तक 1919 के अधिनियम के अंतर्गत ही काम करता रहा। A गलत है क्योंकि 1930 में, जो सविनय अवज्ञा आंदोलन का वर्ष था, कोई केंद्रीय चुनाव नहीं हुआ। B गलत है क्योंकि 1934 का चुनाव इससे पहले का था, अंतिम नहीं। D गलत है क्योंकि 1947 में स्वतंत्रता मिली और कोई नया केंद्रीय चुनाव नहीं हुआ। परीक्षा टिप: 1945-46 के चुनावों को विभाजन से पहले के तीखे सांप्रदायिक बँटवारे से जोड़कर याद रखें।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2019 Official Papeआसान

निम्नलिखित में से किस अधिनियम ने ब्रिटिश भारत में सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था की?

  1. A.भारतीय परिषद अधिनियम, 1892
  2. B.मिंटो-मॉर्ले सुधार, 1909
  3. C.मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार, 1919
  4. D.भारत सरकार अधिनियम, 1935
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मिंटो-मॉर्ले सुधार, 1909

व्याख्या

सही उत्तर है B, मिंटो-मॉर्ले सुधार, 1909। 1909 का भारतीय परिषद अधिनियम, जिसे मॉर्ले-मिंटो सुधार कहा जाता है, मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल लाया और इसी ने ब्रिटिश भारत में पहली बार सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व को कानूनी रूप दिया। मुस्लिम मतदाता अलग निर्वाचन क्षेत्रों से अपने सदस्य चुनते थे, इसीलिए लॉर्ड मिंटो को प्रायः सांप्रदायिक निर्वाचन मंडल का जनक कहा जाता है। इस अधिनियम ने विधान परिषदों का आकार भी बढ़ाया और भारतीयों को कार्यकारी परिषदों में जगह दी, जिसमें सत्येंद्र प्रसाद सिन्हा वायसराय की कार्यकारी परिषद के पहले भारतीय सदस्य बने। A गलत है क्योंकि 1892 के अधिनियम ने केवल परिषदों का विस्तार किया और सीमित, अप्रत्यक्ष चुनाव की अनुमति दी। C गलत है क्योंकि 1919 के सुधारों ने पृथक निर्वाचन मंडल सिखों, ईसाइयों, आंग्ल-भारतीयों और यूरोपीयों तक बढ़ाए, उन्हें शुरू नहीं किया। D गलत है क्योंकि 1935 के अधिनियम ने इन्हें दलित वर्गों, महिलाओं और श्रमिकों तक और फैलाया। परीक्षा टिप: 1909 को पृथक निर्वाचन मंडल और मिंटो से, तथा 1919 को प्रांतों में द्वैध शासन से जोड़ें।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2015 Official Papeआसान

गुरु नानक ने किसे अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था?

  1. A.गुरु रामदास
  2. B.गुरु अमरदास
  3. C.गुरु हर राय
  4. D.गुरु अंगद
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गुरु अंगद

व्याख्या

सही उत्तर है D, गुरु अंगद। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक ने अपने निष्ठावान शिष्य भाई लहणा को उत्तराधिकारी चुना और उन्हें गुरु अंगद नाम दिया, अपने पुत्रों के दावे को छोड़कर। गुरु अंगद 1539 में दूसरे सिख गुरु बने और उन्हें गुरुमुखी लिपि को वर्तमान रूप देने के लिए याद किया जाता है, उसी लिपि में बाद में सिख ग्रंथ लिखे गए। उन्होंने लंगर यानी निःशुल्क सामूहिक रसोई की परंपरा को भी आगे बढ़ाया। A गलत है क्योंकि गुरु रामदास चौथे गुरु थे और अमृतसर नगर की स्थापना के लिए प्रसिद्ध हैं। B गलत है क्योंकि गुरु अमरदास तीसरे गुरु थे, जो गुरु अंगद के बाद आए, सीधे गुरु नानक के बाद नहीं। C गलत है क्योंकि गुरु हर राय सातवें गुरु थे और बहुत बाद के काल के हैं। परीक्षा टिप: पहले तीन गुरुओं का क्रम याद रखें - नानक, अंगद, अमरदास - और गुरु अंगद को गुरुमुखी लिपि से जोड़ें।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · 21 May 2023आसान

चंपारण सत्याग्रह के समय नील की खेती से जुड़ी व्यवस्था ______ कहलाती थी।

  1. A.तिनकठिया व्यवस्था
  2. B.रैयतवाड़ी व्यवस्था
  3. C.झूम खेती
  4. D.महालवाड़ी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. तिनकठिया व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है A, तिनकठिया व्यवस्था। तिनकठिया व्यवस्था के अंतर्गत चंपारण के नील बागान मालिक हर काश्तकार को उसकी बीस कट्ठा जमीन में से तीन कट्ठा पर नील उगाने के लिए बाध्य करते थे। स्थानीय किसान राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर गांधीजी 1917 में बिहार के चंपारण पहुँचे और यही भारतीय भूमि पर उनका पहला सत्याग्रह बना। सरकार ने एक जाँच समिति बनाई जिसमें गांधीजी भी सदस्य थे, और 1918 के चंपारण कृषि अधिनियम ने तिनकठिया व्यवस्था समाप्त कर दी तथा किसानों से वसूली गई अवैध रकम का एक हिस्सा लौटाया गया। B गलत है क्योंकि रैयतवाड़ी व्यवस्था में लगान का बंदोबस्त सीधे किसान के साथ होता था, मुख्यतः मद्रास और बंबई में। C गलत है क्योंकि झूम खेती स्थानांतरित कृषि की एक पद्धति है, नील की कोई बाध्यता नहीं। D गलत है क्योंकि महालवाड़ी में लगान पूरे गाँव के साथ तय होता था, मुख्यतः उत्तर-पश्चिमी प्रांतों और पंजाब में। परीक्षा टिप: चंपारण 1917 को नील और तिनकठिया व्यवस्था के साथ जोड़कर याद रखें।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2017 Official Papeमध्यम

गाजी मलिक किस वंश का संस्थापक था?

  1. A.तुगलक
  2. B.खिलजी
  3. C.सैयद
  4. D.लोदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. तुगलक

व्याख्या

सही उत्तर है A, तुगलक। गाजी मलिक गयासुद्दीन तुगलक की उपाधि थी, जिसने 1320 में दिल्ली सल्तनत के तुगलक वंश की नींव रखी। वह खिलजियों के अधीन दीपालपुर का सूबेदार था और खिलजी शासन का अंत करने वाले खुसरो खान को हराकर उसने दिल्ली की गद्दी पाई। उसने दिल्ली के पास तुगलकाबाद नामक किलेबंद नगर बसाया और 1325 में उसका पुत्र मुहम्मद-बिन-तुगलक उसका उत्तराधिकारी बना। यह वंश 1414 तक शासन करता रहा और इसके सबसे चर्चित शासक मुहम्मद-बिन-तुगलक तथा फिरोज शाह तुगलक रहे। B गलत है क्योंकि खिलजी वंश की स्थापना 1290 में जलालुद्दीन खिलजी ने की थी और उसका सबसे शक्तिशाली शासक अलाउद्दीन खिलजी था। C गलत है क्योंकि सैयद वंश की स्थापना तुगलकों के बाद 1414 में खिज्र खान ने की। D गलत है क्योंकि लोदी वंश की स्थापना 1451 में बहलोल लोदी ने की और यह सल्तनत का अंतिम वंश था। परीक्षा टिप: दिल्ली सल्तनत के पाँच वंशों का क्रम याद रखें - गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद, लोदी।