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GK24
राजस्थानमध्यम

दिलवाड़ा का विमल वसहि मंदिर, जो आदिनाथ को समर्पित है और 1031 में बना, किसने बनवाया था?

  1. A.विमल शाह
  2. B.धरणा शाह
  3. C.वस्तुपाल और तेजपाल
  4. D.गुमान चंद पटवा

सही उत्तर

A. विमल शाह

व्याख्या

सही उत्तर A, विमल शाह है। दिलवाड़ा के मंदिरों में सबसे पुरानी और सबसे बड़ी विमल वसहि 1031 में गुजरात के सोलंकी शासक के मंत्री विमल शाह ने बनवाई और यह प्रथम जैन तीर्थंकर आदिनाथ को समर्पित है। विकल्प C, वस्तुपाल और तेजपाल, वाघेला दरबार के मंत्री थे जिन्होंने दिलवाड़ा का दूसरा महान मंदिर, 1230 की लूण वसहि बनवाई, जो नेमिनाथ को समर्पित है, इसलिए नाम और तिथि की ये दो जोड़ियां उसी पहाड़ी पर भिन्न मंदिरों की हैं। विकल्प B, धरणा शाह, वह सेठ थे जिन्होंने पंद्रहवीं शताब्दी में महाराणा कुंभा के शासनकाल में रणकपुर का चौमुखा मंदिर बनवाया। विकल्प D, गुमान चंद पटवा, जैसलमेर के जैन साहूकार थे जिन्होंने 1805 में पटवों की हवेली आरंभ की, जो हवेली है, मंदिर नहीं। परीक्षा के लिए दिलवाड़ा के दो मुख्य मंदिरों की जोड़ियां इस प्रकार याद रखें: विमल वसहि के साथ आदिनाथ, विमल शाह और 1031, तथा लूण वसहि के साथ नेमिनाथ, वस्तुपाल तेजपाल और 1230। दोनों मंदिर संगमरमर की छतों, कमल लटकनों और स्तंभों के बीच तराशे तोरणों के लिए प्रसिद्ध हैं।

पूरा लेख पढ़ें: राजस्थान के मंदिर, बावड़ियां और स्थापत्य कला: प्रमुख तथ्य

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Q1.राजस्थानआसान

दिलवाड़ा जैन मंदिरों का समूह माउंट आबू में है, जो राजस्थान के किस जिले में स्थित है?

  1. A.पाली
  2. B.सिरोही
  3. C.राजसमंद
  4. D.उदयपुर
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सही उत्तर: B. सिरोही

माउंट आबू, जो राजस्थान का एकमात्र पर्वतीय स्थल और अरावली का सर्वोच्च भाग है, सिरोही जिले में है, और दिलवाड़ा के संगमरमर के पांच मंदिर उसी ढाल पर खड़े हैं।

Q2.राजस्थानमध्यम

रणकपुर का चौमुखा जैन मंदिर, जो अपने 1,444 तराशे स्तंभों के लिए प्रसिद्ध है, मेवाड़ के किस शासक के शासनकाल में बना?

  1. A.राणा सांगा
  2. B.महाराणा कुंभा
  3. C.महाराणा प्रताप
  4. D.महाराणा राजसिंह प्रथम
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सही उत्तर: B. महाराणा कुंभा

पाली जिले के रणकपुर में आदिनाथ का मंदिर पंद्रहवीं शताब्दी में सेठ धरणा शाह ने महाराणा कुंभा की अनुमति और आश्रय से बनवाया, जिन्होंने भूमि तथा रणकपुर नाम भी दिया; मंदिर चौमुखा कहलाता है क्योंकि प्रतिमा चारों दिशाओं की ओर है, और 1,444 स्तंभ उसकी प्रसिद्ध विशेषता हैं।

Q3.राजस्थानमध्यम

आभानेरी की चांद बावड़ी, जो लगभग 3,500 सीढ़ियों वाली गहरी बावड़ी है, राजस्थान के किस जिले में है?

  1. A.दौसा
  2. B.बूंदी
  3. C.टोंक
  4. D.अलवर
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सही उत्तर: A. दौसा

चांद बावड़ी दौसा जिले के आभानेरी गांव में है और लगभग नौवीं शताब्दी में निकुंभ वंश के राजा चंद से जोड़ी जाती है; यह तेरह मंजिल नीचे उतरती है और उसमें दोहरी आड़ी तिरछी व्यवस्था में लगभग तीन हजार पांच सौ सकरी सीढ़ियां हैं, तथा उसके पास हर्षत माता का…

Q4.राजस्थानमध्यम

रानी नाथावती द्वारा 1699 में बनवाई गई रानीजी की बावड़ी किस नगर में है, जिसे बावड़ियों का शहर कहा जाता है?

  1. A.जोधपुर
  2. B.बूंदी
  3. C.जैसलमेर
  4. D.जयपुर
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सही उत्तर: B. बूंदी

हाड़ौती क्षेत्र में हाड़ा चौहानों की राजधानी बूंदी में इतनी बावड़ियां हैं कि उसे बावड़ियों का शहर कहा जाता है, और उनमें सर्वश्रेष्ठ रानीजी की बावड़ी है, जो 1699 में रानी नाथावती ने ऊंचे प्रवेश द्वार और तराशे तोड़ों के साथ बनवाई।

Q5.राजस्थानमध्यम

उदयपुर के निकट कैलाशपुरी में स्थित चतुर्मुख शिव एकलिंगजी किस राज्य के शासकों के कुलदेवता हैं?

  1. A.मारवाड़
  2. B.मेवाड़
  3. C.आमेर
  4. D.बीकानेर
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सही उत्तर: B. मेवाड़

उदयपुर से कुछ उत्तर कैलाशपुरी में एकलिंगजी का मंदिर काले संगमरमर में शिव की चतुर्मुख प्रतिमा रखता है, और मेवाड़ के गुहिल तथा सिसोदिया शासक उन्हें राज्य का वास्तविक स्वामी और स्वयं को उनका दीवान मानते थे, यह दावा उनके अभिलेखों में बार बार आता है।