दवा विपणन प्रथाओं पर बनी समिति को किस अवधि के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपनी हैं?
- A.पहली बैठक की तिथि से दो महीने
- B.गठन की तिथि से छह महीने
- C.पहली बैठक की तिथि से एक वर्ष
- D.गठन की तिथि से तीन महीने
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर पहली बैठक की तिथि से दो महीने है। समिति गठित करने वाले आदेश में यही अवधि तय की गई है और यह भी कहा गया है कि सिफारिशें देने से पहले समिति निर्धारित परामर्श प्रक्रिया पूरी करेगी। विकल्प B, C और D दो कारणों से गलत हैं। पहला, इनमें बताई गई अवधि की लंबाई अलग-अलग है और कोई भी उस छोटी समय सीमा से मेल नहीं खाती जो आदेश में दी गई है। दूसरा, और परीक्षा के लिहाज से अधिक उपयोगी बात यह है कि इनमें अवधि की गिनती गलत बिंदु से शुरू होती है - घड़ी समिति की पहली बैठक से चलती है, गठन की तिथि से नहीं, इसलिए केवल महीनों की संख्या याद रखने वाला अभ्यर्थी भी उत्तर गलत कर सकता है। विचारणीय विषयों में इसी अवधि के भीतर हितधारकों और विषय विशेषज्ञों से चर्चा करना भी शामिल है।
पूरा लेख पढ़ें: दवा विपणन प्रथाओं की समीक्षा के लिए केंद्र ने समिति गठित की
अभ्यास प्रश्न
दवा विपणन प्रथाओं की समीक्षा के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसे बनाया गया है?
- A.श्रीमती प्रीति सूदन
- B.डॉ. नरेश त्रेहन
- C.डॉ. एम. श्रीनिवास
- D.केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव
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सही उत्तर डॉ. एम. श्रीनिवास हैं, जो नीति आयोग के सदस्य हैं और जिन्हें फार्मास्यूटिकल्स विभाग द्वारा दवा विपणन प्रथाओं के ढांचे की जांच के लिए बनाई गई समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दवा विपणन प्रथाओं के लिए समान संहिता (यूसीपीएमपी) पहली बार किस वर्ष लाई गई थी?
- A.2015
- B.2024
- C.2019
- D.2026
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इसी वर्ष यह संहिता एक स्वैच्छिक, उद्योग-संचालित स्व-नियामक व्यवस्था के रूप में लाई गई थी, जिसका उद्देश्य दवाओं के नैतिक विपणन को बढ़ावा देना तथा दवा कंपनियों और स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच संपर्क को नियंत्रित करना था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वन अधिकारों पर यह क्षेत्रीय समीक्षा श्रृंखला किस कानून के तहत आयोजित हुई?
- A.अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006
- B.भारतीय वन अधिनियम, 1927
- C.वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980
- D.वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
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इस समीक्षा में इसी कानून के तहत प्राप्त और निपटाए गए दावे, बांटे गए पट्टे, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के आवास अधिकार शामिल थे, और ये सभी व्यवस्थाएं इसी अधिनियम से निकलती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वन अधिकार अधिनियम के तहत आवास अधिकार अब तक देश के कितने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए मान्यता प्राप्त हैं?
- A.75 में से 75
- B.75 में से 11
- C.75 में से 20
- D.20 में से 11
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जनजातीय कार्य मंत्रालय ने बताया कि देश के सभी विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों में से केवल इतने के लिए आवास अधिकार मान्यता प्राप्त हैं, और इसी कारण राज्यों से मान्यता में तेजी लाने तथा प्रत्येक समूह के लिए आवास अधिकार रोडमैप बनाने को कहा गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →31 अगस्त 2026 तक देश में प्राप्त वन अधिकार अधिनियम के दावों में से कितने प्रतिशत निपटाए जा चुके थे?
- A.80.64 प्रतिशत
- B.54 प्रतिशत
- C.43.56 प्रतिशत
- D.25.42 प्रतिशत
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मंत्रालय ने बताया कि देश भर में लगभग 54 लाख दावे प्राप्त हुए थे और इनमें से 43.56 लाख दावे, यानी यही हिस्सा, उस तिथि तक निपटाए जा चुके थे।
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