चंड-प्रद्योत किस प्राचीन जनपद का शासक था?
- A.काशी
- B.अंग
- C.अवंति
- D.वज्जि
सही उत्तर
C. अवंति
व्याख्या
सही उत्तर है C, अवंति। चंड प्रद्योत अवंति का शासक था, जो पश्चिमी और मध्य भारत का महाजनपद था और जिसकी राजधानी उज्जयिनी थी, आज का मध्य प्रदेश का उज्जैन। उसने प्रद्योत वंश की नींव रखी और वह महात्मा बुद्ध, मगध के बिंबिसार तथा वत्स के उदयन का समकालीन था; उसके उग्र स्वभाव के कारण उसे चंड अर्थात क्रूर कहा गया। छठी शताब्दी ईसा पूर्व में अवंति उन चार बड़ी शक्तियों में थी, जिनमें मगध, कोसल और वत्स भी शामिल थे और जिन्होंने छोटे राज्यों को अपने में मिला लिया; अंत में शिशुनाग वंश के समय अवंति मगध में मिल गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि काशी की राजधानी वाराणसी थी और वहाँ ब्रह्मदत्त जैसे राजा हुए। विकल्प B गलत है, क्योंकि अंग की राजधानी चंपा थी और उसे बिंबिसार ने जीता। विकल्प D गलत है, क्योंकि वज्जि लिच्छवियों के नेतृत्व वाला गणसंघ था, जिसका केंद्र वैशाली था। परीक्षा टिप: अवंति, उज्जयिनी, चंड प्रद्योत।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किसने राष्ट्रकूट राज्य की स्थापना की थी?
- A.अशोक
- B.अमोघवर्ष
- C.कृष्ण प्रथम
- D.दंतिदुर्ग
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. दंतिदुर्ग
व्याख्या
सही उत्तर है D, दंतिदुर्ग। दंतिदुर्ग ने लगभग 753 ईस्वी में दक्कन में राष्ट्रकूट राज्य की स्थापना की।
दंतिदुर्ग बादामी के चालुक्यों का सामंत था और उसने चालुक्य शासक कीर्तिवर्मन द्वितीय को पराजित कर स्वतंत्र शासन स्थापित किया। इसकी राजधानी मान्यखेट बनी, जो आज कर्नाटक का मलखेड़ है। कन्नौज के लिए चले लंबे त्रिपक्षीय संघर्ष की तीन शक्तियों में राष्ट्रकूट, पाल और प्रतिहार शामिल थे। अरब यात्री अल-मसूदी ने राष्ट्रकूट शासक को विश्व के महान राजाओं में गिना था।
A गलत है: अशोक तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के मौर्य सम्राट थे। B गलत है: अमोघवर्ष बाद के राष्ट्रकूट राजा थे, जिन्होंने कन्नड़ में कविराजमार्ग लिखा। C गलत है: कृष्ण प्रथम दंतिदुर्ग के उत्तराधिकारी थे और एलोरा के शैलकृत कैलाश मंदिर के लिए याद किए जाते हैं।
परीक्षा टिप: राष्ट्रकूट - संस्थापक दंतिदुर्ग, लगभग 753 ईस्वी, राजधानी मान्यखेट, कैलाश मंदिर कृष्ण प्रथम ने बनवाया।
दक्षिण भारत के उस भक्ति संत का नाम बताइए, जो आरंभ में जैन थे और बारहवीं शताब्दी में एक चालुक्य राजा के दरबार में मंत्री थे।
- A.कारैक्काल अम्मैयार
- B.बसवन्ना
- C.एकनाथ
- D.तल्लपाका अन्नमाचार्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बसवन्ना
व्याख्या
सही उत्तर है B, बसवन्ना। वे आरंभिक जीवन में जैन थे और बारहवीं शताब्दी में एक चालुक्य दरबार में मंत्री रहे।
बसवन्ना, जिन्हें बसवेश्वर भी कहा जाता है, कर्नाटक में वीरशैव या लिंगायत आंदोलन के नेता थे। उनके अनुयायी शिव की लिंग रूप में उपासना करते हैं, जाति भेद, मंदिर के कर्मकांड और ब्राह्मणीय प्रभुत्व को अस्वीकार करते हैं तथा पुनर्जन्म में विश्वास नहीं करते। उन्होंने अपनी शिक्षाएं वचनों के रूप में रखीं, जो कन्नड़ में लिखी छोटी गद्य-कविताएं हैं। इस आंदोलन में अनुभव मंटप नामक सभा चलती थी, जहां स्त्री और पुरुष खुलकर विचार रखते थे। अल्लम प्रभु और अक्क महादेवी भी इसके प्रमुख नाम थे।
A गलत है: कारैक्काल अम्मैयार बहुत पहले की तमिल नयनार संत थीं। C गलत है: एकनाथ सोलहवीं शताब्दी के मराठी वारकरी संत थे। D गलत है: तल्लपाका अन्नमाचार्य तिरुपति के तेलुगु भक्ति गीतकार थे।
परीक्षा टिप: बसवन्ना - बारहवीं शताब्दी, कर्नाटक, लिंगायत या वीरशैव आंदोलन, कन्नड़ में वचन।
सी. राजगोपालाचारी ने निम्नलिखित में से किस राज्य में नमक सत्याग्रह का नेतृत्व किया था?
- A.महाराष्ट्र
- B.तमिलनाडु
- C.राजस्थान
- D.गुजरात
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तमिलनाडु
व्याख्या
सही उत्तर है B, तमिलनाडु। सी. राजगोपालाचारी ने मद्रास प्रेसीडेंसी के उस क्षेत्र में नमक यात्रा का नेतृत्व किया जो आज तमिलनाडु है।
1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू होने पर राजगोपालाचारी तिरुचिरापल्ली से तंजौर तट पर स्थित वेदारण्यम तक यात्रा पर निकले और अप्रैल 1930 में वहां नमक कानून तोड़ा। इसके कुछ ही समय बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। राजाजी के नाम से प्रसिद्ध राजगोपालाचारी 1948 में भारत के पहले भारतीय तथा अंतिम गवर्नर जनरल बने, और 1954 में सी. वी. रमन तथा एस. राधाकृष्णन के साथ भारत रत्न पाने वाले पहले व्यक्तियों में रहे।
A गलत है: महाराष्ट्र में उनकी कोई नमक यात्रा नहीं हुई। C गलत है: राजस्थान भूमि से घिरा है, इसलिए वहां तटीय नमक सत्याग्रह संभव नहीं था। D गलत है: गुजरात में स्वयं गांधीजी ने साबरमती से दांडी तक यात्रा की थी।
परीक्षा टिप: गुजरात का दांडी - गांधीजी; तमिलनाडु का वेदारण्यम - सी. राजगोपालाचारी; धरासना नमक कारखाना - सरोजिनी नायडू।
इमादशाही वंश किस राज्य की स्थापना के लिए जाना जाता है?
- A.बरार
- B.बीदर
- C.अहमदनगर
- D.गोलकुंडा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बरार
व्याख्या
सही उत्तर है A, बरार। इमादशाही वंश ने 1490 में बरार सल्तनत की स्थापना की थी।
पंद्रहवीं शताब्दी के अंत में दक्कन का बहमनी राज्य टूटा तो उसके स्थान पर पांच सल्तनतें बनीं। बरार के बहमनी सूबेदार फतहुल्लाह इमाद-उल-मुल्क ने 1490 में स्वतंत्रता घोषित की और इमादशाही वंश शुरू किया, जिसके केंद्र गाविलगढ़ और एलिचपुर थे। बरार इन पांचों में सबसे छोटा और कमजोर था, जिसे 1574 में अहमदनगर ने अपने में मिला लिया और आगे यह अकबर के समय मुगलों के अधीन आ गया।
B गलत है: बीदर पर बरीदशाही वंश का शासन था। C गलत है: अहमदनगर की स्थापना निजामशाही वंश के मलिक अहमद ने की थी। D गलत है: गोलकुंडा कुतुबशाही वंश की राजधानी थी, जिसे कुली कुतुब शाह ने स्थापित किया।
परीक्षा टिप: दक्कन की पांच सल्तनतें - बीजापुर में आदिलशाही, गोलकुंडा में कुतुबशाही, अहमदनगर में निजामशाही, बरार में इमादशाही, बीदर में बरीदशाही।
ब्रिटिश भारत में वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम किस वर्ष में लागू किया गया था?
- A.1876
- B.1874
- C.1872
- D.1878
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1878
व्याख्या
सही उत्तर है D, 1878। वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम 1878 में पारित हुआ था, जब लॉर्ड लिटन भारत के वायसराय थे।
यह अधिनियम भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों के विरुद्ध लाया गया था, जो 1876-78 के अकाल के बाद ब्रिटिश शासन की तीखी आलोचना करने लगे थे। इसके तहत मजिस्ट्रेट मुद्रक या प्रकाशक से बंधपत्र मांग सकता था और राजद्रोही सामग्री छपने पर प्रेस जब्त कर सकता था। अंग्रेजी अखबारों को इससे बाहर रखा गया, इसलिए इसे 'मुख बंद करने वाला कानून' कहा गया। सुरेंद्रनाथ बनर्जी सहित कई नेताओं ने इसका विरोध किया और अमृत बाजार पत्रिका रातोंरात बंगला से अंग्रेजी में छपने लगी। लॉर्ड रिपन ने 1882 में इसे रद्द कर दिया।
A गलत है: 1876 में रॉयल टाइटल्स अधिनियम आया, जिससे महारानी विक्टोरिया भारत की सम्राज्ञी बनीं। B गलत है: 1874 में कोई प्रेस कानून नहीं बना। C गलत है: 1872 में पहली अखिल भारतीय जनगणना हुई थी।
परीक्षा टिप: वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम - 1878 में लिटन ने लागू किया, 1882 में रिपन ने रद्द किया।