भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के आदेश के विरुद्ध अपील किस निकाय में होती है?
- A.राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण
- B.प्रतिभूति अपील अधिकरण
- C.संबंधित राज्य का उच्च न्यायालय
- D.केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण है। आयोग से आने वाली अपीलें पहले प्रतिस्पर्धा अपील अधिकरण सुनता था, और वह कार्य राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण को अंतरित कर दिया गया, जिसके आदेश के विरुद्ध आगे की अपील उच्चतम न्यायालय में होती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रतिभूति अपील अधिकरण भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड तथा कुछ अन्य वित्तीय नियामकों के आदेशों के विरुद्ध अपीलें सुनता है, प्रतिस्पर्धा आयोग के नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रतिस्पर्धा अधिनियम के अंतर्गत उच्च न्यायालय नामित अपील मंच नहीं है, यद्यपि उचित मामले में उसका रिट क्षेत्राधिकार उपलब्ध रहता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 द्वारा बनाया गया उपभोक्ता नियामक है और प्रतिस्पर्धा के आदेशों पर उसे कोई अपील शक्ति नहीं है।
पूरा लेख पढ़ें: उपभोक्ता संरक्षण और प्रतिस्पर्धा कानून: नोट्स और प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंउपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के अनुसार जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में शिकायत कितने मूल्य तक के दावे के लिए दायर की जा सकती थी?
- A.5 लाख रुपये
- B.15 लाख रुपये
- C.20 लाख रुपये
- D.10 लाख रुपये
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उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 ने त्रिस्तरीय तंत्र बनाया और प्रत्येक स्तर के लिए धन की सीमा तय की: जिला फोरम वह शिकायत सुन सकता था जिसमें वस्तुओं या सेवाओं का मूल्य और मांगा गया प्रतिकर मिलाकर बीस लाख रुपये से अधिक न हो, राज्य आयोग उस सीमा से ऊपर एक…
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 का तत्व नहीं है?
- A.प्रतिस्पर्धा विरोधी करारों का प्रतिषेध
- B.संयोजनों का नियमन
- C.प्रभावी स्थिति का दुरुपयोग
- D.व्यापार का प्रतिषेध
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प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 तीन स्तंभों पर खड़ा है, और व्यापार की स्वतंत्रता तो वही वस्तु है जिसकी वह रक्षा करता है, इसलिए उसका कोई उपबंध व्यापार का प्रतिषेध नहीं करता; उलटे अधिनियम आरंभ में ही कहता है कि उसका उद्देश्य भारत के बाजारों में अन्य भागीदारों द्वारा किए जाने वाले…
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में वर्तमान में उपभोक्ता संरक्षण किस अधिनियम से शासित होता है?
- A.उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986
- B.उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019
- C.एकाधिकार और प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार अधिनियम, 1969
- D.आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
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नए अधिनियम ने उपभोक्ता की परिभाषा व्यापक करके ऑनलाइन, टेलीशॉपिंग और बहुस्तरीय विपणन की खरीद को शामिल किया, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण बनाया, उत्पाद दायित्व तथा इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य के नियम लाए, मध्यस्थता और ई-फाइलिंग की अनुमति दी, और तीनों प्रतितोष निकायों का नाम आयोग कर दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) की स्थापना किस कानून के अंतर्गत हुई?
- A.प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002
- B.उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019
- C.विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009
- D.भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016
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CCPA उस अधिनियम द्वारा बनाया गया नियामक है, जिसका उद्देश्य एक वर्ग के रूप में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है, केवल किसी एक शिकायत का निर्णय करना नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष के त्रिस्तरीय तंत्र का शीर्ष निकाय कौन है?
- A.जिला आयोग
- B.राज्य आयोग
- C.राष्ट्रीय आयोग
- D.उच्चतम न्यायालय
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उसका अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय का कार्यरत या सेवानिवृत्त न्यायाधीश होता है, वह राज्य आयोगों के लिए विहित धन सीमा से ऊपर की शिकायतें सुनता है और उनसे आने वाली अपीलें भी सुनता है।
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