भारत रोम व्यापार की प्रमुख काली मिर्च मंडी प्राचीन बंदरगाह मुजिरिस आज के किस राज्य के तट पर था?
- A.तमिलनाडु
- B.कर्नाटक
- C.केरल
- D.आंध्र प्रदेश
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, केरल। मुजिरिस, जिसे तमिल स्रोत मुचिरि कहते हैं, पेरियार नदी पर कोडुंगल्लूर के निकट था, और एर्णाकुलम जिले के पट्टनम में हुए उत्खनन से रोमन मदिरा पात्रों के टुकड़े, काँच के मनके तथा ईंटों की संरचनाएँ मिली हैं, जो पेरिप्लस के वर्णन से मेल खाती हैं। काव्यों की यवनप्रिय काली मिर्च यहीं से मिस्र के लिए लदती थी। विकल्प A गलत है क्योंकि उस काल के तमिलनाडु के बंदरगाह कोरकई, पुहार और अरिकामेडु थे, जो दूसरे तट पर या अधिक दक्षिण में थे। विकल्प B गलत है क्योंकि कर्नाटक तट पर मंगलूरु जैसे छोटे पत्तन तथा भीतरी मंडी बनवासी थी। विकल्प D गलत है क्योंकि आंध्र तट पर मैसोलिया, अर्थात आज का मसूलीपट्टनम था, जो मलमल के लिए प्रसिद्ध था। मुजिरिस और केरल की जोड़ी इस विषय का सर्वाधिक पूछा जाने वाला तथ्य है।
पूरा लेख पढ़ें: प्राचीन भारत के बंदरगाह और समुद्री व्यापार: परीक्षा नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंउपमहाद्वीप के सबसे प्राचीन गोदीबाड़े के लिए प्रसिद्ध हड़प्पाकालीन स्थल लोथल आज किस राज्य में है?
- A.राजस्थान
- B.गुजरात
- C.महाराष्ट्र
- D.हरियाणा
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लोथल गुजरात के भाल क्षेत्र में, खंभात की खाड़ी के शीर्ष के निकट स्थित है और इसका उत्खनन एस. आर. राव ने किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यूनानी और रोमन विवरणों में भारत का सबसे व्यस्त पश्चिमी बंदरगाह बैरीगाजा किस आज के नगर से पहचाना जाता है?
- A.भड़ौच
- B.सूरत
- C.मुंबई
- D.कोच्चि
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यह नर्मदा और तापी घाटियों के रास्ते सातवाहन तथा क्षत्रप प्रदेशों का व्यापार संभालता था और यहाँ से सूती वस्त्र, पिप्पली, जटामांसी और रत्न बाहर जाते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जिस अरिकामेडु से रोमन मदिरा पात्र और रूलेटेड मृदभांड मिले, वह पेरिप्लस में किस नाम से आता है?
- A.पोडुके
- B.नेल्किंडा
- C.तिंडिस
- D.मैसोलिया
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पुडुचेरी के पास अरियनकुप्पम नदी पर स्थित अरिकामेडु को पेरिप्लस के पोडुके तथा टॉलेमी के पोडुके एम्पोरियन से पहचाना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वह प्राचीन बंदरगाह ताम्रलिप्ति, जहाँ से फाह्यान श्रीलंका के लिए रवाना हुआ, आज किस राज्य में है?
- A.ओडिशा
- B.पश्चिम बंगाल
- C.बिहार
- D.आंध्र प्रदेश
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ताम्रलिप्ति आज का तामलुक है, जो पूर्व मेदिनीपुर जिले में रूपनारायण नदी पर, हुगली से उसके संगम के निकट स्थित है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दक्षिण पश्चिम मानसूनी हवाओं से सीधे अरब सागर पार कर भारत आने का श्रेय किस यूनानी नाविक को दिया जाता है?
- A.मेगस्थनीज
- B.हिप्पालस
- C.टॉलेमी
- D.नियार्कस
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ईसा की पहली शताब्दी के मध्य के आसपास इस नाविक ने दक्षिण पश्चिम मानसून की चाल समझ ली, जिसके बाद जहाज तट से सटकर चलने के बदले लाल सागर के मुहाने से सीधे मलाबार तट पहुँचने लगे; यात्रा घटकर लगभग चालीस दिन की रह गई और भारत रोम व्यापार में…
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