भारत में संसदीय विशेषाधिकारों के संहिताकरण के बारे में कौन-सा कथन सही है?
- A.इन्हें 1952 के विशेषाधिकार अधिनियम से संहिताबद्ध किया गया
- B.संसद ने इन्हें परिभाषित करने वाली विधि नहीं बनाई, इसलिए ये असंहिताबद्ध हैं
- C.इन्हें चौवालीसवें संशोधन ने ही संहिताबद्ध कर दिया
- D.उच्चतम न्यायालय ने केशव सिंह मामले में इन्हें संहिताबद्ध किया
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B है। अनुच्छेद 105(3) संसद को विधि द्वारा अपने विशेषाधिकार परिभाषित करने का अधिकार देता है, परंतु संसद ने कभी ऐसी विधि नहीं बनाई, इसलिए विशेषाधिकार असंहिताबद्ध हैं और संविधान, सदनों के नियमों, उनके पूर्व उदाहरणों तथा चौवालीसवें संशोधन से पहले की प्रथा से लिए जाते हैं। विकल्प A 1952 के विशेषाधिकार अधिनियम का नाम लेता है, जो विद्यमान नहीं है; ऐसी कोई विधि नहीं बनी। विकल्प C गलत है, क्योंकि चौवालीसवें संशोधन ने केवल हाउस ऑफ कॉमन्स के उल्लेख को तिथि आधारित सूत्र से बदला और अनुच्छेद 361क जोड़ा; उसने विशेषाधिकारों की सूची या परिभाषा नहीं दी। विकल्प D गलत है, क्योंकि न्यायालय विशेषाधिकारों को संहिताबद्ध नहीं कर सकता, और 1964 का केशव सिंह निर्देश एक भिन्न प्रश्न तय करता है, अर्थात सदन अपने विशेषाधिकारों की सीमा का एकमात्र और अंतिम निर्णायक नहीं है तथा उसके आदेश मूल अधिकारों की कसौटी पर परखे जा सकते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: संसदीय विशेषाधिकार: अनुच्छेद 105 और 194 के तथ्य
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसंविधान का कौन-सा अनुच्छेद संसद, उसके सदस्यों और उसकी समितियों की शक्तियों, विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों से संबंधित है?
- A.अनुच्छेद 100
- B.अनुच्छेद 105
- C.अनुच्छेद 110
- D.अनुच्छेद 112
उत्तर देखें
संविधान का अनुच्छेद 105 संसद, उसके सदस्यों और उसकी समितियों की शक्तियों, विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों से संबंधित है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संसद का सदस्य सत्र के दौरान तथा सत्र आरंभ होने से कितने दिन पहले और समाप्त होने के कितने दिन बाद तक सिविल मामलों में गिरफ्तारी से मुक्त रहता है?
- A.15 दिन
- B.20 दिन
- C.30 दिन
- D.40 दिन
उत्तर देखें
सिविल मामलों में गिरफ्तारी से मुक्ति सत्र के चलते रहने तक तथा सत्र आरंभ होने से चालीस दिन पहले और समाप्त होने के चालीस दिन बाद तक रहती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कौन-सा अनुच्छेद संसद के किसी सदन की कार्यवाही के सारतः सही प्रतिवेदन के प्रकाशन के लिए किसी व्यक्ति को दायित्व से संरक्षण देता है?
- A.अनुच्छेद 105
- B.अनुच्छेद 194
- C.अनुच्छेद 361क
- D.अनुच्छेद 123
उत्तर देखें
अनुच्छेद 361क संसद के किसी सदन या राज्य विधानमंडल की कार्यवाही के सारतः सही प्रतिवेदन के प्रकाशन के लिए किसी व्यक्ति को सिविल या आपराधिक दायित्व से संरक्षण देता है, बशर्ते यह सिद्ध न हो जाए कि प्रकाशन दुर्भावना से किया गया था; गुप्त बैठक के प्रतिवेदन पर यह संरक्षण…
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस संविधान संशोधन अधिनियम ने अनुच्छेद 105(3) के विशेषाधिकार खंड से यूनाइटेड किंगडम के हाउस ऑफ कॉमन्स का उल्लेख हटाया?
- A.42वां संशोधन अधिनियम, 1976
- B.44वां संशोधन अधिनियम, 1978
- C.52वां संशोधन अधिनियम, 1985
- D.61वां संशोधन अधिनियम, 1988
उत्तर देखें
मूल रूप से अनुच्छेद 105(3) कहता था कि जब तक संसद विधि द्वारा विशेषाधिकार परिभाषित न करे, वे यूनाइटेड किंगडम के हाउस ऑफ कॉमन्स के विशेषाधिकार होंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लोक सभा की विशेषाधिकार समिति में कितने सदस्य होते हैं?
- A.10
- B.12
- C.15
- D.22
उत्तर देखें
लोक सभा की विशेषाधिकार समिति में पंद्रह सदस्य होते हैं, जिन्हें अध्यक्ष नामित करता है, और यह समिति उसे भेजे गए विशेषाधिकार के प्रश्नों की जांच करती है तथा सिफारिश करती है कि सदन क्या कार्रवाई करे।
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