भारत में पाई जाने वाली नस्ल 'खराई ऊँट' के बारे में क्या अनोखा है? 1. यह समुद्री जल में तीन किलोमीटर तक तैरने में सक्षम है। 2. यह मैंग्रोव चरकर जीवित रहता है। 3. यह जंगल में रहता है और इसे पालतू नहीं बनाया जा सकता। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, केवल 1 और 2। गुजरात के कच्छ का खराई ऊँट समुद्री पानी में तैरकर मैंग्रोव द्वीपों तक पहुँचता है और वहाँ मैंग्रोव की पत्तियाँ खाता है।
"खराई" का अर्थ है खारा; कच्छ की खाड़ी के खारे तट पर रहने के कारण इस नस्ल का यह नाम पड़ा। ये ऊँट खाड़ियों और द्वीपों के बीच लगभग तीन किलोमीटर तक तैरकर मैंग्रोव और दूसरे खारे पौधे चरते हैं, जो भारत की किसी और ऊँट नस्ल में नहीं दिखता। 2015 में इसे अलग नस्ल के रूप में मान्यता मिली। ये पूरी तरह पालतू हैं और रबारी तथा फकीरानी जाट जैसे पशुपालक समुदाय इन्हें पालते हैं, जो झुंड के साथ घूमते हैं।
कथन 3 गलत है क्योंकि खराई ऊँट पालतू नस्ल है, जंगली पशु नहीं। B गलत है क्योंकि कथन 3 असत्य है और 1 व 2 सत्य हैं। C गलत है क्योंकि उसमें असत्य कथन 3 है और 2 छूट गया है। D गलत है क्योंकि कथन 3 असत्य है।
Exam tip: खराई ऊँट = कच्छ, समुद्र में तैरता है, मैंग्रोव खाता है, रबारी और फकीरानी जाट पालते हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें'क्लाइमेट न्यूट्रल नाउ' पहल क्या है?
1. यह संगठनों और अन्य इच्छुक हितधारकों को 2030 तक कार्बन तटस्थ विश्व प्राप्त करने के लिए अभी कार्य करने को प्रोत्साहित करती है।
2. यह अपने उद्देश्य पेरिस समझौते से लेती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
क्लाइमेट न्यूट्रल नाउ अपना उद्देश्य पेरिस समझौते से लेती है, पर इसका लक्ष्य सदी के मध्य तक जलवायु तटस्थ विश्व है, 2030 तक नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'एक्शन फ़ॉर क्लाइमेट एम्पावरमेंट' (ACE) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. यह जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन द्वारा अपनाया गया एक शब्द है।
2. यह शब्द पेरिस समझौते से संबंधित है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
एक्शन फ़ॉर क्लाइमेट एम्पावरमेंट, जलवायु शिक्षा और जन-जागरूकता के काम के लिए UNFCCC का अपना नाम है, और यह पेरिस समझौते पर भी लागू होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जैविक खेती के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा सही नहीं है?
- A.इसमें आनुवंशिक रूप से संशोधित बीजों का प्रयोग नहीं होता
- B.कृत्रिम कीटनाशकों या उर्वरकों का प्रयोग नहीं किया जाता
- C.इसमें न्यूनतम फसल चक्र का प्रयोग होता है
- D.इसमें पारिस्थितिकी की रक्षा करने वाली पद्धतियों का प्रयोग होता है
उत्तर देखें
जैविक खेती फसल चक्र पर बहुत अधिक निर्भर करती है, कम से कम पर नहीं, इसलिए यही कथन सही नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. कृषि मृदाएँ पर्यावरण में नाइट्रोजन ऑक्साइड छोड़ती हैं।
2. मवेशी पर्यावरण में अमोनिया छोड़ते हैं।
3. कुक्कुट उद्योग पर्यावरण में अभिक्रियाशील नाइट्रोजन यौगिक छोड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1 और 3
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 2
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
उर्वरक वाली मृदा, मवेशी और कुक्कुट, तीनों पर्यावरण में अभिक्रियाशील नाइट्रोजन के बड़े स्रोत हैं। अभिक्रियाशील नाइट्रोजन का अर्थ है हवा की निष्क्रिय N₂ गैस के अलावा नाइट्रोजन के अन्य रूप, जैसे अमोनिया, नाइट्रोजन ऑक्साइड, नाइट्रस ऑक्साइड और नाइट्रेट।
पूरी व्याख्या पढ़ें →"यदि वर्षावन और उष्णकटिबंधीय वन पृथ्वी के फेफड़े हैं, तो निश्चित रूप से आर्द्रभूमियाँ उसके गुर्दों का कार्य करती हैं।" आर्द्रभूमियों का निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य उपर्युक्त कथन को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?
- A.आर्द्रभूमियों के जल चक्र में सतही अपवाह, उप-मृदा अंतःस्रवण और वाष्पीकरण शामिल हैं।
- B.शैवाल वह पोषक आधार बनाते हैं जिस पर मछलियाँ, क्रस्टेशियन, मोलस्क, पक्षी, सरीसृप और स्तनधारी फलते-फूलते हैं।
- C.आर्द्रभूमियाँ अवसादन संतुलन बनाए रखने और मृदा स्थिरीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- D.जलीय पौधे भारी धातुओं और अतिरिक्त पोषक तत्वों को अवशोषित कर लेते हैं।
उत्तर देखें
गुर्दे रक्त से अपशिष्ट छानते हैं, और आर्द्रभूमियाँ भी उनसे होकर गुज़रने वाले पानी से प्रदूषक छान लेती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →