भारत में कठोर और स्थिर उच्च भूमि, अनाच्छादित चट्टानें और कगारों की श्रृंखला निम्नलिखित में से किसकी विशेषताएँ हैं?
- A.उत्तरी पर्वत
- B.प्रायद्वीपीय पठार
- C.उत्तरी मैदान
- D.तटीय मैदान
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, प्रायद्वीपीय पठार। यह पठार प्राचीन गोंडवाना भूभाग का हिस्सा है, इसलिए यह लंबे समय के अपरदन से घिसा हुआ कठोर और स्थिर खंड है।
प्रायद्वीपीय पठार मुख्यतः पुरानी क्रिस्टलीय, आग्नेय और कायांतरित चट्टानों से बना है और भारत के सबसे पुराने भूभागों में से है। बहुत लंबे समय से समुद्र के ऊपर रहने के कारण इसकी चट्टानें खूब अनाच्छादित हैं, पहाड़ियाँ गोल और घिसी हुई हैं, और भ्रंशन से कगारों की पंक्तियाँ बनी हैं, जैसे इसके पश्चिमी किनारे पर पश्चिमी घाट। चौड़ी उथली घाटियाँ, अवशिष्ट पहाड़ियाँ और मेज़नुमा भूमि इसकी सतह की पहचान हैं। यह मुख्य रूप से मध्य उच्चभूमि और दक्कन के पठार में बँटा है।
A गलत है, क्योंकि उत्तरी पर्वत यानी हिमालय नवीन वलित पर्वत हैं जो अब भी ऊपर उठ रहे हैं और अस्थिर हैं, जहाँ भूकंप अक्सर आते हैं। C गलत है, क्योंकि उत्तरी मैदान नदियों द्वारा बिछाए गए नए जलोढ़ की समतल भूमि हैं। D गलत है, क्योंकि तटीय मैदान समुद्री और नदी निक्षेपों की संकरी निचली पट्टियाँ हैं।
Exam tip: हिमालय नवीन और अस्थिर; प्रायद्वीपीय पठार प्राचीन, कठोर और स्थिर, गोंडवाना भूमि का भाग।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस देश में गहन निर्वाह कृषि मुख्य रूप से नहीं की जाती?
- A.भारत
- B.जापान
- C.कनाडा
- D.इंडोनेशिया
उत्तर देखें
कनाडा के पास विशाल भूमि और कम कृषक जनसंख्या है, इसलिए वहाँ गहन निर्वाह कृषि नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर मशीनों से वाणिज्यिक अनाज खेती होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक व्यक्ति ने भारत के एक क्षेत्र का भ्रमण किया और वहाँ खैर, नीम, खेजड़ी और पलाश जैसे वृक्ष पाए। उसके द्वारा निम्नलिखित में से किस क्षेत्र का भ्रमण किए जाने की संभावना है?
- A.मालाबार तट
- B.गारो पहाड़ियाँ
- C.सुंदरबन डेल्टा
- D.मरुस्थलीय क्षेत्र
उत्तर देखें
खैर, नीम, खेजड़ी और पलाश राजस्थान और थार के किनारों जैसे शुष्क इलाकों के उष्णकटिबंधीय कँटीले वनों और झाड़ियों के विशिष्ट वृक्ष हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्वतंत्रता के बाद से भारतीय रेलवे ने गुणात्मक सुधार किए हैं। हाल के वर्षों में निम्नलिखित में से कौन-से सुधार हुए हैं?
1. आमान परिवर्तन (गेज परिवर्तन)
2. पटरियों का विद्युतीकरण
3. स्वचालित सिग्नल
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
आमान परिवर्तन, पटरियों का विद्युतीकरण और स्वचालित सिग्नल, तीनों भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण का हिस्सा रहे हैं। आमान परिवर्तन: 1992 में शुरू हुई प्रोजेक्ट यूनीगेज के तहत मीटर गेज और नैरो गेज लाइनों को लगातार बड़ी लाइन (1,676 मिमी) में बदला गया, ताकि गाड़ियाँ बिना माल उतारे-चढ़ाए सीधे चल सकें।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा बादल वर्षा लाने वाला बादल है?
- A.कपासी (क्यूम्यलस) बादल
- B.स्तरी (स्ट्रेटस) बादल
- C.वर्षा (निम्बस) बादल
- D.पक्षाभ (सिरस) बादल
उत्तर देखें
निम्बस का अर्थ ही वर्षा मेघ है: ये गहरे, घने बादल लगातार वर्षा या हिमपात लाते हैं। निम्बस बादल निचली से मध्यम ऊँचाई पर बनते हैं और इतने घने होते हैं कि सूर्य का प्रकाश मुश्किल से पार होता है, इसलिए ये गहरे धूसर या काले दिखते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी मेघ प्रकार की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए : 1. वे संवहन से उत्पन्न होते हैं। 2. यही एकमात्र मेघ प्रकार है जो ओले, गर्जन और तड़ित उत्पन्न कर सकता है। 3. वे फूलगोभी के आकार की बड़ी मीनारें होते हैं, जिनके शीर्ष प्रायः 'निहाई' जैसे होते हैं। दी गई विशेषताओं के आधार पर मेघ के प्रकार की पहचान कीजिए।
- A.स्तरी कपासी (स्ट्रैटोक्यूमुलस)
- B.कपासी वर्षी (क्यूम्यलोनिम्बस)
- C.पक्षाभ कपासी (सिरोक्यूमुलस)
- D.वर्षा स्तरी (निम्बोस्ट्रेटस)
उत्तर देखें
क्यूम्यलोनिम्बस मेघ प्रबल संवहन से बनते हैं, फूलगोभी जैसी विशाल मीनारों में बढ़ते हैं जिनका शीर्ष चपटा और निहाई जैसा होता है, और यही एकमात्र मेघ हैं जो ओले, गर्जन और बिजली लाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →