भारत में भूतापीय ऊर्जा का स्थल पुगा घाटी कहाँ स्थित है?
- A.लद्दाख
- B.उत्तराखंड
- C.सिक्किम
- D.अरुणाचल प्रदेश
सही उत्तर
A. लद्दाख
व्याख्या
सही उत्तर है A, लद्दाख। गर्म जल स्रोतों और भाप छिद्रों वाली लद्दाख की पुगा घाटी भारतीय भूगोल में नामित दो भूतापीय क्षेत्रों में एक है, दूसरा हिमाचल प्रदेश की पार्वती घाटी का मणिकरण है। भूतापीय ऊर्जा पृथ्वी के भीतर की ऊष्मा से जल को भाप बनाकर टर्बाइन चलाती है।
विकल्प B गलत है क्योंकि उत्तराखंड में तपोवन जैसे स्थानों पर गर्म जल स्रोत हैं, पर पुगा उनमें नहीं है। विकल्प C और विकल्प D गलत हैं क्योंकि सिक्किम तथा अरुणाचल प्रदेश जल विद्युत की संभावना से जोड़े जाते हैं, किसी नामित भूतापीय क्षेत्र से नहीं। पुनरावृत्ति के लिए गैर परंपरागत स्थल साथ रखें: भूतापीय पुगा और मणिकरण, ज्वारीय खंभात तथा कच्छ की खाड़ी, और पवन तमिलनाडु का मुप्पंडल तथा राजस्थान की जैसलमेर पेटी। लद्दाख के साथ यह भी ध्यान रखें कि पुगा घाटी की भूतापीय संभावना पर दशकों से अध्ययन होता रहा है और परीक्षा में वह मणिकरण के साथ ही पूछी जाती है।
पूरा लेख पढ़ें: खनिज और ऊर्जा संसाधन: खदानें, पेटियाँ और विद्युत
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कोयले की सर्वोच्च श्रेणी कौन सी है, जिसमें कार्बन का अंश सर्वाधिक होता है?
- A.पीट
- B.लिग्नाइट
- C.बिटुमिनस
- D.एंथ्रेसाइट
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. एंथ्रेसाइट
व्याख्या
सही उत्तर है D, एंथ्रेसाइट। यह सबसे कठोर और चमकदार कोयला है, इसमें कार्बन का प्रतिशत सर्वाधिक होता है, ऊष्मा सबसे अधिक मिलती है और धुआँ लगभग नहीं निकलता। भारत में यह केवल जम्मू कश्मीर में थोड़ी मात्रा में मिलता है, इसीलिए देश को कुछ उपयोगों के लिए कोकिंग कोल आयात करना पड़ता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि पीट कोयला बनने की पहली अवस्था है, जिसमें नमी बहुत अधिक और ऊष्मा मान बहुत कम होता है, वह कोयले से अधिक लकड़ी के निकट है। विकल्प B गलत है क्योंकि लिग्नाइट मध्यम श्रेणी का मुलायम भूरा कोयला है, जो तमिलनाडु के नेवेली में निकलता है। विकल्प C गलत है क्योंकि बिटुमिनस, चाहे सर्वाधिक प्रयुक्त और धातुकर्म में मूल्यवान हो, कार्बन में एंथ्रेसाइट से नीचे है। क्रम याद रखें: पीट, लिग्नाइट, बिटुमिनस और एंथ्रेसाइट।
तमिलनाडु का महत्वपूर्ण खनन केंद्र नेवेली किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है?
- A.लिग्नाइट
- B.मैंगनीज़
- C.बॉक्साइट
- D.अभ्रक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लिग्नाइट
व्याख्या
सही उत्तर है A, लिग्नाइट। तमिलनाडु के कुड्डालोर क्षेत्र का नेवेली देश की सबसे प्रसिद्ध लिग्नाइट खदान है, जहाँ खुली खदान पद्धति से खनन होता है, और उसके पास बने तापीय विद्युत गृह वहीं लिग्नाइट जलाते हैं, क्योंकि इस मुलायम भूरे कोयले को दूर ले जाना लाभकारी नहीं होता।
विकल्प B गलत है क्योंकि मैंगनीज़ मुख्यतः मध्य प्रदेश के बालाघाट तथा महाराष्ट्र की भंडारा और नागपुर पेटी से आता है। विकल्प C गलत है क्योंकि बॉक्साइट ओडिशा के कोरापुट क्षेत्र के पंचपटमाली तथा अमरकंटक पठार से जुड़ा है। विकल्प D गलत है क्योंकि अभ्रक झारखंड तथा बिहार की कोडरमा और गया पेटी और आंध्र प्रदेश के नेल्लोर का खनिज है। चूँकि अधिकांश कोयला पूर्व में है और लिग्नाइट दक्षिण में, नेवेली लगभग हर राज्य स्तरीय प्रश्नपत्र में पूछा जाता है।
बैलाडीला लौह अयस्क खदानें किस राज्य में स्थित हैं?
- A.ओडिशा
- B.छत्तीसगढ़
- C.कर्नाटक
- D.झारखंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. छत्तीसगढ़
व्याख्या
सही उत्तर है B, छत्तीसगढ़। दक्षिणी छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा क्षेत्र की बैलाडीला श्रेणी में उच्च कोटि का हेमेटाइट मिलता है, और वहाँ का अयस्क विशेष रेल लाइन से विशाखापत्तनम बंदरगाह तक निर्यात के लिए तथा क्षेत्र के इस्पात कारखानों तक भेजा जाता रहा है।
विकल्प A गलत है क्योंकि ओडिशा का लौह अयस्क मयूरभंज और क्योंझर पेटी से आता है, जिसमें गुरुमहिसानी तथा बादामपहाड़ जैसी खदानें हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि कर्नाटक का लौह अयस्क पश्चिमी घाट के कुद्रेमुख तथा बेल्लारी होस्पेट क्षेत्र से जुड़ा है। विकल्प D गलत है क्योंकि झारखंड की खदानें सिंहभूम क्षेत्र की नोआमुंडी और गुआ हैं। चार जोड़ियाँ अधिकांश प्रश्न हल कर देती हैं: बैलाडीला छत्तीसगढ़, नोआमुंडी झारखंड, कुद्रेमुख कर्नाटक और बादामपहाड़ ओडिशा। राज्य स्तरीय परीक्षाओं में बैलाडीला के साथ दंतेवाड़ा ज़िला और विशाखापत्तनम बंदरगाह का संबंध भी पूछ लिया जाता है, इसलिए ये दोनों विवरण साथ रखें।
किस प्रकार के लौह अयस्क में लोहे का अंश सर्वाधिक होता है और जो चुंबकीय प्रकृति का होता है?
- A.हेमेटाइट
- B.मैग्नेटाइट
- C.लिमोनाइट
- D.सिडेराइट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मैग्नेटाइट
व्याख्या
सही उत्तर है B, मैग्नेटाइट। मैग्नेटाइट सर्वोत्तम कोटि का लौह अयस्क है, रंग में काला, जिसमें उत्कृष्ट चुंबकीय गुण होते हैं, इसीलिए इस्पात के साथ विद्युत उद्योग में भी उसका मूल्य है। कर्नाटक का कुद्रेमुख वह निक्षेप है जिसका नाम उसके साथ सर्वाधिक लिया जाता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि लाल रंग के हेमेटाइट में लोहे का अंश मैग्नेटाइट से कम होता है, यद्यपि उद्योग में उसी का सर्वाधिक प्रयोग होता है और भारतीय उत्पादन का बड़ा भाग वही है। विकल्प C गलत है क्योंकि लिमोनाइट निम्न कोटि का अयस्क है जिसमें लोहा जलयोजित रूप में रहता है। विकल्प D गलत है क्योंकि सिडेराइट लोहे का कार्बोनेट अयस्क है और निम्न श्रेणी का है। यहाँ जाल हेमेटाइट है, क्योंकि सर्वाधिक प्रयोग वाला अयस्क सर्वोत्तम समझ लिया जाता है। परीक्षा में यह भी पूछा जाता है कि किस अयस्क में लोहे का अंश घटते क्रम में रहता है, इसलिए मैग्नेटाइट, हेमेटाइट, लिमोनाइट और सिडेराइट का क्रम स्मरण रखें।
भारत के प्रसिद्ध बॉक्साइट निक्षेप पंचपटमाली किस राज्य में हैं?
- A.ओडिशा
- B.गुजरात
- C.महाराष्ट्र
- D.झारखंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ओडिशा
व्याख्या
सही उत्तर है A, ओडिशा। ओडिशा के कोरापुट क्षेत्र का पंचपटमाली पठार बॉक्साइट की मोटी परतें रखता है, वही अयस्क जिससे एल्युमिनियम प्राप्त होता है, और उसी के उपयोग के लिए उस क्षेत्र में परिष्करण तथा प्रगलन संयंत्र बनाए गए।
विकल्प B गलत है क्योंकि गुजरात में बॉक्साइट सौराष्ट्र के तट पर छोटे भागों में मिलता है, इस निक्षेप में नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि महाराष्ट्र में बॉक्साइट कोंकण की ओर कोल्हापुर तथा रत्नागिरी ज़िलों में है। विकल्प D गलत है क्योंकि झारखंड का बॉक्साइट लोहरदगा और राँची पठार पर है, और राज्य उत्पादक होने पर भी पंचपटमाली उसमें नहीं है। साथ याद रखने योग्य नाम हैं ओडिशा में पंचपटमाली तथा कोरापुट और मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ की सीमा पर अमरकंटक पठार। बॉक्साइट से एल्युमिनियम बनने की बात भी पूछी जाती है, इसलिए पंचपटमाली के साथ यह उपयोग और कोरापुट का नाम दोनों जोड़कर याद रखें।