भारत किस वर्ष तक दुनिया के पहले पांच जहाज निर्माण देशों में शामिल होना चाहता है?
- A.2030
- B.2035
- C.2047
- D.2040
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 2047 है। भारत ने इसी वर्ष तक दुनिया के पहले पांच जहाज निर्माण देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखा है, और सर्बानंद सोनोवाल की दक्षिण कोरिया की चार दिवसीय यात्रा को इसी दिशा में एक कदम बताया गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 2030 समुद्री भारत दृष्टि 2030 से जुड़ा वर्ष है, जो एक अलग नीतिगत दस्तावेज है और जिसका उल्लेख मंत्री ने समुद्री अमृत काल दृष्टि 2047 के साथ किया; यह पहले पांच में आने का लक्ष्य वर्ष नहीं है। विकल्प B और D में दिए वर्ष इस प्रसंग में कहीं नहीं आते। इन दृष्टि दस्तावेजों के तहत भारत जहाज निर्माण, जहाज मरम्मत, समुद्री निर्माण और लॉजिस्टिक्स का विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी केंद्र बनना चाहता है, और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सितंबर 2025 में इस क्षेत्र के लिए नीतिगत प्रोत्साहन मंजूर किए थे।
पूरा लेख पढ़ें: सोनोवाल की दक्षिण कोरिया यात्रा, जहाज निर्माण पर जोर
अभ्यास प्रश्न
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच जहाज निर्माण, पोत परिवहन और समुद्री लॉजिस्टिक्स पर सहयोग का ढांचा कौन सा है?
- A.सागर
- B.वॉयजेस
- C.होराइजन
- D.महासागर
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यही वह सहयोग ढांचा है जिसे भारत और दक्षिण कोरिया ने अप्रैल में अपनाया था, जब दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे, और यह जहाज निर्माण, पोत परिवहन तथा समुद्री लॉजिस्टिक्स को समेटता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सोनोवाल ने किस कोरियाई शहर से यात्रा शुरू की, जहां विश्व समुद्री दिवस की मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक भी होनी है?
- A.सोल
- B.इंचियोन
- C.बुसान
- D.उल्सान
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सर्बानंद सोनोवाल ने दक्षिण कोरिया की चार दिवसीय यात्रा बुसान से शुरू की, जिसे उन्होंने कोरिया के समुद्री उद्योग का केंद्र कहा, और वहीं उन्होंने कोरियाई जहाज निर्माण में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों से बातचीत की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीयूष गोयल की नीदरलैंड में बातचीत की पृष्ठभूमि में कौन सा व्यापार समझौता था?
- A.भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौता
- B.भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता
- C.भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता
- D.क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी
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मंत्री के रॉटरडम बंदरगाह दौरे को साफ तौर पर इसी समझौते की पृष्ठभूमि में रखा गया, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े नए अवसर बनने की उम्मीद है; इसके बाद नीदरलैंड के विश्वस्तरीय बंदरगाह, उसका लॉजिस्टिक्स ढांचा और यूरोपीय बाजारों से जुड़ाव बढ़े हुए व्यापार को संभालने तथा भारत-यूरोप आपूर्ति…
पूरी व्याख्या पढ़ें →नीदरलैंड में हुई बातचीत के समय पीयूष गोयल के पास कौन सा विभाग है?
- A.विदेश मंत्रालय
- B.वाणिज्य एवं उद्योग
- C.वित्त मंत्रालय
- D.पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग
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पीयूष गोयल केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री हैं, और इसी नाते उन्होंने नीदरलैंड की यात्रा शुरू की, जिसका मकसद आर्थिक रिश्ते मजबूत करना, व्यापार तथा निवेश के नए रास्ते तलाशना और भारतीय समुदाय से जुड़ाव गहरा करना था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीयूष गोयल ने किस बंदरगाह का दौरा किया, जो यूरोप का सबसे बड़ा और भारतीय माल के लिए यूरोपीय बाजार का प्रवेश द्वार है?
- A.हैम्बर्ग बंदरगाह
- B.एंटवर्प बंदरगाह
- C.रॉटरडम बंदरगाह
- D.ल हावरे बंदरगाह
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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने नीदरलैंड यात्रा के पहले दिन इसके मुख्य कार्यपालक अधिकारी बौडेविन सीमंस के साथ इसका दौरा किया, और इसे यूरोप का सबसे बड़ा बंदरगाह, यूरोपीय बाजार में भारतीय माल का प्रवेश द्वार तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का प्रमुख केंद्र बताया गया है।
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