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GK24
राज्य समाचारकठिन

भारत के मुगा रेशम उत्पादन में असम का हिस्सा लगभग कितना है?

  1. A.54 प्रतिशत
  2. B.64 प्रतिशत
  3. C.74 प्रतिशत
  4. D.84 प्रतिशत

सही उत्तर

D. 84 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 84 प्रतिशत है, जो 73 मीट्रिक टन मुगा रेशम बैठता है। यहां जाल विकल्प सी है: 74 प्रतिशत असम का एरी रेशम उत्पादन में हिस्सा है, जो 2,131 मीट्रिक टन है, और प्रश्नपत्रों में ये दोनों हिस्से आपस में बदल दिए जाते हैं, इसलिए जोड़ी को साथ याद करना चाहिए। विकल्प ए और बी गढ़े गए आंकड़े हैं। मुगा वही सुनहरा रेशम है जिसके लिए असम जाना जाता है, और मंत्री ने मिशन सेनेहजोरी को इसे वैश्विक बाजार के लिए उच्च मूल्य वाला उत्पाद बनाने का रास्ता बताया। पूर्णता के लिए यह भी जानें कि राज्य ने 2026-27 में जुलाई तक शहतूत कच्चे रेशम उत्पादन का 6 प्रतिशत यानी 9 मीट्रिक टन दर्ज किया, और इसी अवधि में पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र ने 142 मीट्रिक टन शहतूत रेशम दर्ज किया।

पूरा लेख पढ़ें: जोरहाट के रेशमकीट बीज केंद्र में ग्रेनेज और शीतगृह शुरू

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Q1.राज्य समाचारमध्यम

अक्टूबर 2026 में उद्घाटित नया ग्रेनेज भवन तथा शीतगृह किस रेशमकीट बीज उत्पादन केंद्र में है?

  1. A.रोवरिया, जोरहाट, असम
  2. B.लहदोईगढ़, जोरहाट, असम
  3. C.मैसूरु, कर्नाटक
  4. D.बहरामपुर, पश्चिम बंगाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रोवरिया, जोरहाट, असम

व्याख्या

सही उत्तर रोवरिया, जोरहाट, असम है। वहां स्थित केंद्रीय रेशम बोर्ड के रेशमकीट बीज उत्पादन केंद्र में नवनिर्मित ग्रेनेज भवन तथा शीतगृह सुविधा का उद्घाटन केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र वस्त्र प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत किया। विकल्प बी उसी कस्बे के पास की दूसरी जगह का नाम है और यह उस अभ्यर्थी को फंसाता है जिसे केवल जिला याद रहता है। विकल्प सी और डी देश में रेशम अनुसंधान तथा बीज कार्य से पुराने जुड़े स्थान हैं, इसी कारण इन्हें यहां रखा गया है; इस उद्घाटन से इनका कोई संबंध नहीं। यह सुविधा प्रति वर्ष शहतूत संकर बीज की 30 लाख रोगमुक्त अंडोत्पत्ति तैयार कर सकती है और 1 करोड़ तक संरक्षित रख सकती है, जिससे क्षेत्र के किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिलेगा।

Q2.राज्य समाचारमध्यम

अनुमान के अनुसार 2025-26 के दौरान रेशम उत्पादन कितने व्यक्तियों को रोजगार देगा?

  1. A.लगभग 9.50 लाख व्यक्ति
  2. B.लगभग 19.50 लाख व्यक्ति
  3. C.लगभग 29.50 लाख व्यक्ति
  4. D.लगभग 39.50 लाख व्यक्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लगभग 29.50 लाख व्यक्ति

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 29.50 लाख व्यक्ति है। मंत्री ने यह अनुमान यह दिखाने के लिए दिया कि कितनी आजीविका इस क्षेत्र पर टिकी है, और इसी कारण बीज की गुणवत्ता तथा आधुनिक ढांचा पालन-कक्ष से बहुत आगे तक महत्व रखते हैं। विकल्प ए, बी और डी वास्तविक आंकड़े का पहला अंक बदलकर बनाए गए हैं और रोजगार से जुड़े प्रश्नों में यही आम जाल है। इसके साथ संदर्भ भी याद रखें: केंद्रीय रेशम बोर्ड का बीज नेटवर्क शहतूत तथा वन्या दोनों क्षेत्रों को समेटता है, जिसमें राष्ट्रीय रेशमकीट बीज संगठन शहतूत पक्ष की जरूरत पूरी करता है और दो अलग संगठन वन्या बीज को सहयोग देते हैं। मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक ढांचा, प्रौद्योगिकी और कौशल विकास मिलकर क्षेत्र की उत्पादकता तय करते हैं, और उन्होंने इसे आत्मनिर्भर पूर्वोत्तर से जोड़ा।

Q3.राज्य समाचारकठिन

जम्मू-कश्मीर के वांत्रग चूना-पत्थर ब्लॉक का अनुमानित चूना-पत्थर संसाधन कितना है?

  1. A.4.75 मिलियन टन
  2. B.7.21 मिलियन टन
  3. C.10.853 मिलियन टन
  4. D.15.40 मिलियन टन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 10.853 मिलियन टन

व्याख्या

सही उत्तर 10.853 मिलियन टन है। वांत्रग चूना-पत्थर ब्लॉक 5.36 हेक्टेयर में फैला है और उसका अनुमानित चूना-पत्थर संसाधन इतना ही है, तथा उसका अन्वेषण G-3 चरण तक हुआ है, जिस चरण तक पहुँचने में 159 मीटर ड्रिलिंग हुई। विकल्प A गलत है, क्योंकि वह आँकड़ा इसी नीलामी के दूसरे ब्लॉक कूट-कपरन चूना-पत्थर ब्लॉक का है, जो 22.43 हेक्टेयर में फैला है; दोनों अनुमानों को आपस में बदल देना इस प्रश्न की सबसे आम भूल है। विकल्प B गलत है, क्योंकि किसी भी ब्लॉक के लिए ऐसा अनुमान घोषित नहीं हुआ। विकल्प D भी इसी कारण गलत है और यह आँकड़ा यहाँ बताए गए किसी भी आँकड़े से बड़ा है। याद रखने योग्य अंतर यह है कि वांत्रग क्षेत्रफल में छोटा ब्लॉक है, पर अनुमानित संसाधन में अधिक समृद्ध।

Q4.राज्य समाचारआसान

जम्मू-कश्मीर में पहली बार नीलाम हुए दोनों ब्लॉक किस खनिज के हैं?

  1. A.बॉक्साइट
  2. B.चूना-पत्थर
  3. C.लौह अयस्क
  4. D.मैंगनीज अयस्क
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चूना-पत्थर

व्याख्या

सही उत्तर चूना-पत्थर है। केंद्रशासित प्रदेश में नीलाम हुए दोनों ब्लॉक चूना-पत्थर के हैं, जिनके नाम कूट-कपरन चूना-पत्थर ब्लॉक और वांत्रग चूना-पत्थर ब्लॉक हैं, और दोनों अनंतनाग जिले में स्थित हैं। विकल्प A यानी बॉक्साइट गलत है, क्योंकि इस नीलामी में बॉक्साइट का कोई ब्लॉक शामिल नहीं है। विकल्प C यानी लौह अयस्क भी इसी कारण गलत है, क्योंकि यहाँ घोषित संसाधन अनुमान चूना-पत्थर के अनुमान हैं। विकल्प D यानी मैंगनीज अयस्क भी गलत है, क्योंकि दोनों में से कोई ब्लॉक मैंगनीज के रूप में नीलामी में नहीं रखा गया। अभ्यर्थियों को खनिज को स्थान के साथ जोड़कर याद रखना चाहिए, क्योंकि पहली नीलामी से जुड़े प्रश्न आमतौर पर खनिज और जिला एक साथ पूछते हैं — चूना-पत्थर, अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर।

Q5.राज्य समाचारमध्यम

जम्मू-कश्मीर में नीलाम हुए दोनों खनिज ब्लॉक किस जिले में स्थित हैं?

  1. A.बारामूला
  2. B.उधमपुर
  3. C.अनंतनाग
  4. D.कठुआ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनंतनाग

व्याख्या

सही उत्तर अनंतनाग है। कूट-कपरन चूना-पत्थर ब्लॉक और वांत्रग चूना-पत्थर ब्लॉक, दोनों केंद्रशासित प्रदेश के अनंतनाग जिले में हैं, और इनमें पहला ब्लॉक अधिक स्पष्ट रूप से दूरू तहसील के कूट तथा कपरन गाँवों में स्थित है। विकल्प A यानी बारामूला गलत है, क्योंकि इस नीलामी का कोई ब्लॉक वहाँ नहीं रखा गया। विकल्प B यानी उधमपुर भी इसी कारण गलत है और इसे इसलिए दिया गया है कि जम्मू क्षेत्र का यह जिला नाम परिचित लगता है। विकल्प D यानी कठुआ भी गलत है, क्योंकि नीलाम हुए दोनों ब्लॉकों में से कोई उस जिले में नहीं आता। जिला ही वह तथ्य है जिसे प्रश्नपत्र खनिज के साथ जोड़ता है, इसलिए दोनों को साथ याद रखें और कूट-कपरन के लिए दूरू तहसील का नाम भी।