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GK24
भारतीय इतिहासमध्यमपूछा गया: CDS · CDS-I 2018, GK

बारहवीं शताब्दी के आसपास इस्लामी दुनिया के विभिन्न भागों में सूफ़ी सिलसिले आकार लेने लगे, जो दर्शाते थे 1. गुरु और शिष्य के बीच निरंतर संबंध 2. पैगंबर मुहम्मद तक अटूट आध्यात्मिक वंशावली 3. भक्तों तक आध्यात्मिक शक्ति और आशीर्वाद का संचार नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3

सही उत्तर

D. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। सिलसिला तीनों बातों का प्रतीक था: गुरु-शिष्य का संबंध, पैगंबर तक पहुँचने वाली कड़ी और अनुयायियों तक आशीर्वाद का प्रवाह।

सिलसिला का शाब्दिक अर्थ है ज़ंजीर या कड़ी। बारहवीं शताब्दी तक सूफ़ी अलग-अलग पंथों में संगठित हो गए थे, जिनमें गुरुओं (शेख, पीर या मुर्शिद) और शिष्यों (मुरीद) की अटूट परंपरा पैगंबर मुहम्मद तक जाती थी। माना जाता था कि इसी कड़ी से आध्यात्मिक शक्ति और बरकत भक्तों तक पहुँचती है। शिष्य की विधिवत दीक्षा होती थी, उसे पैबंद लगा चोगा मिलता था और आगे चलकर वह गुरु का उत्तराधिकारी (ख़लीफ़ा) बन सकता था। भारत में अजमेर के मुईनुद्दीन चिश्ती का चिश्ती सिलसिला और सुहरावर्दी सिलसिला सबसे प्रसिद्ध रहे।

विकल्प A गलत है क्योंकि इसमें आशीर्वाद के संचार को छोड़ दिया गया है। विकल्प B गलत है क्योंकि इसमें केवल वंशावली रखी गई है। विकल्प C गलत है क्योंकि इसमें पैगंबर तक जाने वाली कड़ी छूट गई है।

परीक्षा टिप: सिलसिला = कड़ी; शेख या पीर = गुरु, मुरीद = शिष्य, ख़लीफ़ा = उत्तराधिकारी, ख़ानक़ाह = आश्रम, दरगाह = मज़ार।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-II 2016, GKकठिन

निम्नलिखित में से कौन-सा स्रोत हमें उन महिलाओं के बारे में बताता है जिन्होंने अपने पतियों की बेवफ़ाई या परिवार के पुरुष मुखिया द्वारा पत्नी और बच्चों की उपेक्षा के विरुद्ध विरोध किया?

  1. A.किताब-उल-हिंद
  2. B.राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की ग्राम पंचायतों से संबंधित दस्तावेज़
  3. C.मंडोर की मूर्तियाँ
  4. D.अबुल फ़ज़ल की आइन-ए-अकबरी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की ग्राम पंचायतों से संबंधित दस्तावेज़

इन अभिलेखों में वे अर्ज़ियाँ सुरक्षित हैं जो महिलाओं ने न्याय पाने के लिए पंचायत को भेजी थीं। सोलहवीं और सत्रहवीं शताब्दी में ग्राम पंचायतें झगड़े सुलझाती थीं और दुराचार पर दंड देती थीं।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-I 2024, GKआसान

निम्नलिखित में से कौन स्वतंत्र भारत की भारतीय सेना के प्रथम भारतीय कमांडर-इन-चीफ थे?

  1. A.एस. एम. श्रीनागेश
  2. B.के. एम. करियप्पा
  3. C.के. एस. थिमैया
  4. D.के. एस. राजेंद्रसिंहजी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. के. एम. करियप्पा

जनरल के. एम. करियप्पा ने 15 जनवरी 1949 को भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ का पद संभाला। उन्होंने अंतिम ब्रिटिश सेना प्रमुख जनरल सर फ्रांसिस बुचर का स्थान लिया, और उनके पदभार ग्रहण करने का दिन हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-I 2017, GKकठिन

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के उद्घाटन पर महात्मा गांधी के भाषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. उन्होंने भारतीय अभिजात वर्ग पर मेहनतकश गरीबों के प्रति चिंता न रखने का आरोप लगाया। 2. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हमारी मुक्ति केवल किसानों के माध्यम से ही हो सकती है। 3. उन्होंने अछूतों की दुर्दशा को उजागर किया। 4. उन्होंने अहमदाबाद के मिल मालिकों का पक्ष उठाने का वादा किया। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.1, 2, 3 और 4
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.केवल 1, 2 और 3
  4. D.केवल 3 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 1 और 2

फ़रवरी 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के उद्घाटन पर गांधीजी ने गरीबों की उपेक्षा के लिए अभिजात वर्ग की आलोचना की और कहा कि भारत की मुक्ति किसानों से ही होगी।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-I 2018, GKकठिन

ऋग्वेद के 10वें मंडल में निम्नलिखित में से कौन-सा सूक्त विवाह संस्कारों पर प्रकाश डालता है?

  1. A.सूर्या सूक्त
  2. B.पुरुष सूक्त
  3. C.दान स्तुतियाँ
  4. D.ऊर्ण सूत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सूर्या सूक्त

सूर्या सूक्त (ऋग्वेद X.85) सूर्य की पुत्री सूर्या के विवाह का वर्णन करता है और वैदिक विवाह संस्कारों का मूल स्रोत है।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-II 2025, GKकठिन

सत्याग्रह के लिए प्रसिद्ध सानिकट्टा नमक कारखाना (साल्ट वर्क्स) कहाँ स्थित है?

  1. A.गुजरात
  2. B.तमिलनाडु
  3. C.केरल
  4. D.कर्नाटक
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कर्नाटक

सानिकट्टा तटीय कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ ज़िले में गोकर्ण के पास स्थित है। सानिकट्टा पश्चिमी तट के सबसे पुराने पारंपरिक नमक क्षेत्रों में से एक है, जहाँ अघनाशिनी नदी के मुहाने पर समुद्री जल को खेतों में भरकर धूप में सुखाया जाता है।