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GK24
पर्यावरणमध्यम

बक्सा को किस वर्ष टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था?

  1. A.1973
  2. B.1983
  3. C.1992
  4. D.2018

सही उत्तर

B. 1983

व्याख्या

सही उत्तर 1983 है। उत्तर बंगाल के महत्वपूर्ण बाघ क्षेत्र के रूप में लंबे समय से पहचाने जाने वाले बक्सा को इसी वर्ष टाइगर रिजर्व का दर्जा मिला, और यह एक बड़े पारिस्थितिक क्षेत्र का हिस्सा है जो भूटान तथा असम के जंगलों और संरक्षित क्षेत्रों से जुड़ा है। विकल्प A आकर्षक लगता है, क्योंकि वह वर्ष देश के राष्ट्रीय बाघ कार्यक्रम की शुरुआत से जुड़ा है, पर उस समय अधिसूचित रिजर्वों में बक्सा शामिल नहीं था। विकल्प C रिजर्व से जुड़े किसी पड़ाव का वर्ष नहीं है। विकल्प D यानी 2018 वह वर्ष है जिससे पश्चिम बंगाल सरकार राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और भारतीय वन्यजीव संस्थान के साथ बाघ संवर्धन एवं पुनरुद्धार परियोजना संयुक्त रूप से चला रही है, इसलिए वह पुनरुद्धार प्रयास की शुरुआत का वर्ष है, रिजर्व की अधिसूचना का नहीं। इन दोनों वर्षों को अलग रखना ही इस प्रश्न की कुंजी है।

पूरा लेख पढ़ें: बक्सा टाइगर रिजर्व में छोड़ी गई पहली बाघिन, बिहार से लाई गई

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Q1.पर्यावरणमध्यम

बाघ पुनर्वास कार्यक्रम के तहत बक्सा टाइगर रिजर्व में छोड़ी गई बाघिन किस रिजर्व से लाई गई थी?

  1. A.मानस टाइगर रिजर्व, असम
  2. B.वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, बिहार
  3. C.सुंदरबन टाइगर रिजर्व, पश्चिम बंगाल
  4. D.कान्हा टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, बिहार

व्याख्या

सही उत्तर वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, बिहार है। टी138 के नाम से पहचानी गई बाघिन को पारिस्थितिक, पशु चिकित्सा और प्रबंधन मानकों के आकलन तथा निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन के बाद बिहार के वाल्मीकि से पश्चिम बंगाल के बक्सा लाया गया, और पर्यावरण मंत्री ने इस कार्य में सहयोग के लिए बिहार के मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। विकल्प A यानी असम का मानस टाइगर रिजर्व भ्रमित करने वाला विकल्प है, क्योंकि बक्सा के कैमरा ट्रैप में दर्ज एक बाघ का मिलान मानस के बाघ से हुआ था, लेकिन वह क्षेत्रों के बीच स्वाभाविक आवाजाही का प्रमाण था, इस बाघिन का स्रोत नहीं। विकल्प C यानी सुंदरबन उसी राज्य में है जिसमें बक्सा है, पर उसका इस पुनर्वास से कोई संबंध नहीं बताया गया। विकल्प D यानी कान्हा मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध रिजर्व है और इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है। याद रखने योग्य जोड़ी यही है कि स्रोत बिहार का वाल्मीकि और गंतव्य पश्चिम बंगाल का बक्सा है।

Q2.पर्यावरणकठिन

बक्सा टाइगर रिजर्व में शिकार आधार मजबूत करने के लिए कितने घास के मैदान बहाल या परिवर्तित किए गए?

  1. A.लगभग 180 हेक्टेयर
  2. B.लगभग 280 हेक्टेयर
  3. C.लगभग 380 हेक्टेयर
  4. D.लगभग 800 हेक्टेयर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लगभग 380 हेक्टेयर

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 380 हेक्टेयर है, जो बक्सा में बाघों के पुनरुद्धार की तैयारी के तहत पिछले आठ वर्षों में बहाल या परिवर्तित किए गए। इसके साथ शिकार आधार बढ़ाने के लिए 800 से अधिक चीतल भी छोड़े गए और वैज्ञानिक निगरानी में शिकार की संख्या बढ़ने का रुझान दिखा, इसी आधार पर रिजर्व को पहली बाघिन छोड़ने के लिए तैयार माना गया। विकल्प A और B इसके निकट पर कम आंकड़े हैं, जिन्हें परीक्षक यह परखने के लिए रखते हैं कि परीक्षार्थी ने संख्या अनुमान से पढ़ी है या ध्यान से। विकल्प D एक ही कहानी के दो आंकड़ों को मिला देता है, क्योंकि 800 छोड़े गए चीतल की संख्या है, घास के मैदान का क्षेत्र नहीं। दोहराते समय हेक्टेयर को घास के मैदान से और संख्या को चीतल से जोड़कर रखें।

Q3.पर्यावरणआसान

बक्सा में बाघिन को छोड़ने के साथ किस आयोजन की शुरुआत हुई?

  1. A.वन्यजीव सप्ताह
  2. B.राष्ट्रीय वन शहीद दिवस
  3. C.विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस
  4. D.राष्ट्रीय वन्यजीव गणना सप्ताह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वन्यजीव सप्ताह

व्याख्या

सही उत्तर वन्यजीव सप्ताह है। बक्सा टाइगर रिजर्व में बाघिन को छोड़ने को देश में वन्यजीव सप्ताह की सटीक शुरुआत बताया गया और इसी के साथ रिजर्व के लिए चरणबद्ध बाघ पुनर्वास कार्यक्रम का पहला चरण भी आरंभ हुआ। विकल्प B यानी राष्ट्रीय वन शहीद दिवस उन लोगों की स्मृति से जुड़ा है जिन्होंने वनों और वन्यजीवों की रक्षा में प्राण दिए, और वह एक अलग आयोजन है जिसका इस कार्यक्रम से संबंध नहीं है। विकल्प C यानी विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन है और यहां उसका उल्लेख नहीं है। विकल्प D कोई आयोजन ही नहीं है, क्योंकि वन्यजीव गणना जानवरों की संख्या आंकने की प्रक्रिया है, पंचांग में दर्ज सप्ताह नहीं, और इस बाघिन की निगरानी टेलीमेट्री, कैमरा ट्रैप तथा क्षेत्रीय निरीक्षण से होगी। इस घटना को वन्यजीव सप्ताह और पहले पुनर्वास चरण से जोड़कर याद रखें।

Q4.पर्यावरणमध्यम

अपशिष्ट प्रबंधन में आरएफआईडी टैग और चेहरा पहचान उपस्थिति का उपयोग करने वाला काकीनाडा किस राज्य का शहर है?

  1. A.तेलंगाना
  2. B.ओडिशा
  3. C.तमिलनाडु
  4. D.आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. आंध्र प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर आंध्र प्रदेश है। काकीनाडा उस राज्य के पूर्वी गोदावरी ज़िले में स्थित है और तकनीक आधारित सफाई व्यवस्था का प्रमुख उदाहरण बन चुका है। यह शहर प्रतिदिन लगभग 144 टन कचरा उत्पन्न करता है, जिसे नगर निगम 50 वार्डों में और उनके भीतर 382 सूक्ष्म खंडों में बाँटकर संभालता है; प्रत्येक खंड में 250 से 350 घर आते हैं। 973 से अधिक सफाई कर्मी लगभग 112,993 घरों की सेवा 40,661 निर्धारित संग्रह बिंदुओं के माध्यम से करते हैं। कचरा उत्पादकों के द्वार पर लगे आरएफआईडी टैग उठाव के समय स्कैन होते हैं और आँकड़े ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज होते हैं, जबकि 108 हॉपर वाहनों पर जीपीएस लगे हैं और कर्मी चेहरा पहचान से उपस्थिति दर्ज कराते हैं। विकल्प A, B और C पड़ोसी राज्य हैं, परंतु यह शहर आंध्र प्रदेश में है।

Q5.पर्यावरणमध्यम

पुराने कूड़ा स्थल पर बनी सालिगाँव की एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा किस राज्य में है?

  1. A.केरल
  2. B.महाराष्ट्र
  3. C.गोवा
  4. D.कर्नाटक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गोवा

व्याख्या

सही उत्तर गोवा है। सालिगाँव की यह सुविधा गोवा वेस्ट मैनेजमेंट कॉरपोरेशन द्वारा संचालित है और उस भूमि पर खड़ी है जहाँ कभी कूड़ा डाला जाता था। यह 113,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली है तथा प्रतिदिन 250 मीट्रिक टन गीला और सूखा कचरा संभालती है, 100 मीट्रिक टन सूखे कचरे से पुनर्चक्रण योग्य सामग्री निकालती है और शेष को सह-प्रसंस्करण के लिए सीमेंट कारखानों को भेजती है। जैविक अंश अलग करके बायोगैस बनाई जाती है, जिससे आसपास के क्षेत्र के लिए बिजली बनती है, और संयंत्र रोज़ 7 से 8 टन खाद देता है, जिसका उपयोग पंचायतें बागवानी तथा वनीकरण में करती हैं। विकल्प A, B और D पश्चिमी तट के आसपास के अन्य राज्य हैं, परंतु यह सुविधा गोवा की है और राज्य के लगभग एक तिहाई कचरे का प्रसंस्करण करती है।