बैठक में बताया गया कि भारत-मोरक्को द्विपक्षीय सहयोग की 70वीं वर्षगांठ किस वर्ष पड़ेगी?
- A.2026
- B.2027
- C.2028
- D.2030
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 2027 है। बैठक में दोनों पक्षों ने कहा कि भारत और मोरक्को के द्विपक्षीय सहयोग की सत्तरवीं वर्षगांठ उसी वर्ष आ रही है और इसी पड़ाव से पहले रक्षा संबंधों को व्यापक बनाने पर सहमति बनी। विकल्प A उस वर्ष को बताता है जिसमें बैठक हुई, क्योंकि बैठक 8 सितंबर 2026 को हुई थी; जल्दबाजी में पढ़ने वाला अभ्यर्थी यही चुन सकता है, जबकि बैठक का वर्ष और वर्षगांठ का वर्ष अलग तथ्य हैं। विकल्प C और विकल्प D ऐसे वर्ष हैं जिनका उल्लेख इस बैठक की विज्ञप्ति में है ही नहीं। इस समाचार को दोहराते समय तीन वर्ष अलग-अलग याद रखें: रक्षा समझौता ज्ञापन सितंबर 2025 में, समिति की पहली बैठक 2026 में और सहयोग की सत्तरवीं वर्षगांठ 2027 में।
पूरा लेख पढ़ें: भारत-मोरक्को संयुक्त रक्षा समिति की पहली बैठक दिल्ली में
अभ्यास प्रश्न
भारत-मोरक्को संयुक्त रक्षा समिति की पहली बैठक किस शहर में हुई?
- A.रबात
- B.कासाब्लांका
- C.नई दिल्ली
- D.मुंबई
उत्तर देखें
भारत और मोरक्को की संयुक्त रक्षा समिति की पहली बैठक 8 सितंबर 2026 को भारत की राजधानी में हुई और मोरक्को का प्रतिनिधिमंडल इसी उद्देश्य से 7 से 10 सितंबर 2026 तक भारत के दौरे पर रहा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत-मोरक्को संयुक्त रक्षा समिति जिस समझौता ज्ञापन से बनी, वह किसकी मोरक्को यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित हुआ था?
- A.प्रधानमंत्री
- B.रक्षा मंत्री
- C.विदेश मंत्री
- D.प्रमुख रक्षा अध्यक्ष
उत्तर देखें
रक्षा सहयोग का समझौता ज्ञापन सितंबर 2025 में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की मोरक्को यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित हुआ था और संयुक्त रक्षा समिति उसी समझौते से बना संस्थागत तंत्र है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सुकना में सैनिकों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए कौन सा शब्द प्रयोग किया?
- A.देश का अंतिम छोर
- B.देश का पहला छोर
- C.पूर्वी प्रवेश द्वार
- D.सात बहनों का क्षेत्र
उत्तर देखें
दीवाली की पूर्व संध्या पर आयोजित बड़ाखाना में सैनिकों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश का अंतिम छोर नहीं, बल्कि पहला छोर बताया और कहा कि यह क्षेत्र देश के भौगोलिक तथा सांस्कृतिक विस्तार की शुरुआत है, क्योंकि यहीं सूर्य की पहली किरण पहुँचती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सुकना दौरे में रक्षा मंत्री को किस सीमा रेखा के साथ बने ढाँचे की जानकारी दी गई?
- A.नियंत्रण रेखा
- B.रेडक्लिफ रेखा
- C.वास्तविक नियंत्रण रेखा
- D.ड्यूरंड रेखा
उत्तर देखें
सुकना में रक्षा मंत्री को वास्तविक नियंत्रण रेखा, जिसे संक्षेप में एलएसी कहा जाता है, के साथ हो रहे ढाँचागत विकास तथा परिचालन क्षमता और युद्धक प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए तैनात आधुनिक सैन्य उपकरणों एवं उभरती तकनीकों की जानकारी दी गई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →7 नवंबर 2026 को जिस त्रिशक्ति कोर की तैयारियों की समीक्षा हुई, उसका मुख्यालय कहाँ है?
- A.तेजपुर, असम
- B.सुकना, पश्चिम बंगाल
- C.बागडोगरा, पश्चिम बंगाल
- D.दीमापुर, नागालैंड
उत्तर देखें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुकना में त्रिशक्ति कोर की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की, जहाँ उन्हें वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ बनाए जा रहे ढाँचे तथा आधुनिक सैन्य उपकरणों और उभरती तकनीकों की तैनाती के बारे में जानकारी दी गई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →