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GK24
बैंकिंग और वित्तमध्यम

बैंकर्स समितियों को वित्तीय सेवा विभाग को कार्रवाई रिपोर्ट कब तक भेजनी है?

  1. A.5 अक्टूबर 2026
  2. B.9 अक्टूबर 2026
  3. C.24 सितंबर 2026
  4. D.30 अक्टूबर 2026

सही उत्तर

B. 9 अक्टूबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 9 अक्टूबर 2026 है। निर्देशों में कहा गया है कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समितियों तथा केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय बैंकर्स समितियों के संयोजक अनुसूचित जाति लाभार्थियों की जानकारी आयोग के साथ नियमित रूप से साझा करें और इसी तिथि तक वित्तीय सेवा विभाग को कार्रवाई रिपोर्ट भेजें, जिसमें यह भी बताया जाए कि आंकड़े कहां तक उपलब्ध हैं और संकलन में क्या दिक्कतें आ रही हैं। की गई कार्रवाई पर अद्यतन जानकारी अलग से तीस दिनों के भीतर देनी है। विकल्प क वह तिथि है जब विभाग ने स्वयं संयोजकों को निर्देश जारी किए थे, जवाब की अंतिम तिथि नहीं। विकल्प ग वह तिथि है जब आयोग के सचिव ने विभाग को पत्र लिखा था और मामला शुरू हुआ था। विकल्प घ का निर्देशों में कोई उल्लेख नहीं है।

पूरा लेख पढ़ें: डीएफएस ने अनुसूचित जाति लाभार्थियों की रिपोर्टिंग अनिवार्य की

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Q1.बैंकिंग और वित्तआसान

अनुसूचित जाति लाभार्थियों के आंकड़े योजना-वार और बैंक-वार देने का निर्देश किस विभाग ने जारी किया है?

  1. A.वित्तीय सेवा विभाग
  2. B.व्यय विभाग
  3. C.राजस्व विभाग
  4. D.आर्थिक कार्य विभाग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वित्तीय सेवा विभाग

व्याख्या

सही उत्तर वित्तीय सेवा विभाग है। वित्त मंत्रालय का यही विभाग बैंकों, बीमा और वित्तीय समावेशन की योजनाओं से जुड़ा है, और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग द्वारा कमी बताए जाने के बाद इसी ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समितियों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की समितियों के संयोजकों को निर्देश जारी किए। विकल्प ख यानी व्यय विभाग सार्वजनिक व्यय प्रबंधन, वित्तीय नियमों और वेतन संबंधी मामलों को देखता है, इसलिए बैंकर्स समितियों को निर्देश देना उसका काम नहीं है। विकल्प ग यानी राजस्व विभाग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों से जुड़ा है तथा उसके अधीन दो बोर्ड काम करते हैं, जिनका इस निर्देश से कोई संबंध नहीं। विकल्प घ यानी आर्थिक कार्य विभाग समष्टि आर्थिक नीति, बजट और बाहरी सहायता देखता है। इसलिए केवल विकल्प क ही सही है।

Q2.बैंकिंग और वित्तमध्यम

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को अनुसूचित जातियों के सामाजिक-आर्थिक विकास के मूल्यांकन का दायित्व किस संवैधानिक प्रावधान से मिलता है?

  1. A.अनुच्छेद 338(5)(सी)
  2. B.अनुच्छेद 330
  3. C.अनुच्छेद 341
  4. D.अनुच्छेद 342
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अनुच्छेद 338(5)(सी)

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 338(5)(सी) है। आयोग ने वित्तीय सेवा विभाग को बताया था कि बैंकर्स समिति की रिपोर्टों में अनुसूचित जाति लाभार्थियों के आंकड़े न होने से उसका वह संवैधानिक दायित्व बाधित हो रहा है, जिसके तहत उसे अनुसूचित जातियों के सामाजिक-आर्थिक विकास की प्रगति का मूल्यांकन करना होता है। इसी कारण उसने योजना-वार तथा बैंक-वार आंकड़े मांगे। विकल्प ख लोकसभा में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों के आरक्षण से जुड़ा है, यानी राजनीतिक प्रतिनिधित्व का विषय है, मूल्यांकन का नहीं। विकल्प ग राष्ट्रपति को यह शक्ति देता है कि वे किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के संबंध में अनुसूचित जातियों को अधिसूचित करें। विकल्प घ यही काम अनुसूचित जनजातियों के लिए करता है। इसलिए केवल पहला विकल्प सही है।

Q3.बैंकिंग और वित्तमध्यम

पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई के नए लाभार्थियों का नामांकन किस पोर्टल के माध्यम से किया जाना है?

  1. A.जन धन दर्शक पोर्टल
  2. B.उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल
  3. C.जन सुरक्षा पोर्टल
  4. D.पीएम स्वनिधि पोर्टल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जन सुरक्षा पोर्टल

व्याख्या

सही उत्तर जन सुरक्षा पोर्टल है। बैंकों को निर्देश दिया गया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के सभी नए नामांकन इसी पोर्टल से करें, क्योंकि इसे सभी बैंकों और बीमा कंपनियों से जोड़ा जा रहा है, जिससे आंकड़ों की गुणवत्ता और रोजमर्रा के कामकाज की सुगमता बढ़ेगी। विकल्प A गलत है क्योंकि वह मंच बैंकिंग सुविधाओं का पता लगाने से जुड़ा है, बीमा नामांकन से नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि उद्यम पंजीकरण का इन दोनों बीमा योजनाओं से कोई संबंध नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं की ऋण योजना अलग कार्यक्रम है, भले उसकी समीक्षा भी इसी बैठक में हुई। इसी बैठक में बैंकों को दावे की पात्रता के बारे में जागरूकता बढ़ाने तथा दावों से जुड़ी शिकायतों का निपटारा विशेष सावधानी से करने का निर्देश भी दिया गया।

Q4.बैंकिंग और वित्तआसान

सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता किसने की?

  1. A.भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर
  2. B.सचिव, वित्तीय सेवा विभाग
  3. C.केंद्रीय वित्त मंत्री
  4. D.भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सचिव, वित्तीय सेवा विभाग

व्याख्या

सही उत्तर सचिव, वित्तीय सेवा विभाग है, अर्थात संजय लोहिया, जिन्होंने नई दिल्ली में सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों और प्रमुख निजी बैंकों के कार्यकारी निदेशकों के साथ यह समीक्षा की, जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। विकल्प A गलत है क्योंकि यह बैठक केंद्रीय बैंक ने नहीं, बल्कि वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने बुलाई थी। विकल्प C गलत है क्योंकि बैठक मंत्री स्तर की नहीं, सचिव स्तर की थी। विकल्प D गलत है क्योंकि बैंकों के प्रमुख इस बैठक में प्रतिभागी थे, अध्यक्ष नहीं। याद रखें कि जन धन, जन सुरक्षा और मुद्रा जैसी योजनाएं इसी विभाग के अधीन आती हैं। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के बैंकों के कार्यकारी निदेशक भी उपस्थित थे, और उनसे इन योजनाओं में अपनी भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया गया।

Q5.बैंकिंग और वित्तमध्यम

बैंकों से जिस एफआई संतृप्ति अभियान में भाग लेने को कहा गया, वह किस अवधि में चलेगा?

  1. A.1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026
  2. B.21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026
  3. C.21 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027
  4. D.1 नवंबर से 31 दिसंबर 2026
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 है। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव ने बैंकों से इसी अवधि में चलने वाले संतृप्ति अभियान में पूरे उत्साह से भाग लेने और समाज के कमजोर वर्गों की बैंकिंग आवश्यकताओं को पूरा करने पर अधिक जोर देने का आग्रह किया। विकल्प A गलत है क्योंकि अभियान महीने की पहली तारीख से नहीं, बाद में शुरू होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि इसमें अभियान को वित्तीय वर्ष के अंत तक खींच दिया गया है, जो घोषणा में नहीं है। विकल्प D में भी प्रारंभ तिथि अगले महीने कर दी गई है, इसलिए वह गलत है। परीक्षा में ऐसे अभियानों की प्रारंभ और समाप्ति तिथि दोनों पूछी जाती हैं, इसलिए दोनों लिख लें।