अयनांत (solstice), वह घटना जब सूर्य सबसे उत्तर या सबसे दक्षिण में पहुँचता प्रतीत होता है, के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.शीत अयनांत उत्तरी और दक्षिणी दोनों गोलार्धों में 21 जून को होता है
- B.शीत अयनांत उत्तरी और दक्षिणी दोनों गोलार्धों में 21 दिसंबर को होता है
- C.ग्रीष्म अयनांत उत्तरी गोलार्ध में 21 जून को और दक्षिणी गोलार्ध में 21 दिसंबर को होता है
- D.ग्रीष्म अयनांत उत्तरी गोलार्ध में 21 दिसंबर को और दक्षिणी गोलार्ध में 21 जून को होता है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, ग्रीष्म अयनांत उत्तरी गोलार्ध में 21 जून को और दक्षिणी गोलार्ध में 21 दिसंबर को होता है। दोनों गोलार्धों में ऋतुएँ हमेशा उलटी होती हैं, इसलिए एक का ग्रीष्म अयनांत दूसरे का शीत अयनांत होता है।
लगभग 21 जून को सूर्य कर्क रेखा पर लंबवत चमकता है; उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन होता है और वहाँ गर्मी शुरू होती है, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में सबसे छोटा दिन होता है। लगभग 22 दिसंबर को सूर्य मकर रेखा पर लंबवत होता है और स्थिति उलट जाती है: ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना में ग्रीष्म अयनांत होता है। इसका कारण पृथ्वी के अक्ष का लगभग 23.5° झुकाव है।
A गलत है: 21 जून केवल दक्षिणी गोलार्ध में शीत अयनांत है, दोनों में नहीं।
B गलत है: 21 दिसंबर केवल उत्तरी गोलार्ध में शीत अयनांत है।
D गलत है: इसमें तिथियाँ उलट दी गई हैं; उत्तरी ग्रीष्म अयनांत जून में होता है, दिसंबर में नहीं।
परीक्षा टिप: 21 जून = सूर्य कर्क रेखा पर (उत्तरी गर्मी); 22 दिसंबर = मकर रेखा पर (दक्षिणी गर्मी)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंजो मानचित्र प्रक्षेप दिखाए गए प्रदेशों का क्षेत्रफल शुद्ध रखता है, उसे क्या कहा जाता है?
- A.ऑर्थोमॉर्फिक
- B.होमोलोग्राफिक
- C.दिगंशीय
- D.ग्नोमोनिक
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, होमोलोग्राफिक है। होमोलोग्राफिक अर्थात समक्षेत्र प्रक्षेप मानचित्र पर क्षेत्रफलों का अनुपात ग्लोब के समान रखता है, इसीलिए जनसंख्या, फसल अथवा वन के विश्व वितरण मानचित्र मोलवाइड या साइनुसॉइडल जैसे प्रक्षेपों पर बनाए जाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि ऑर्थोमॉर्फिक, जिसे कनफॉर्मल भी कहते हैं, उस प्रक्षेप के लिए प्रयुक्त होता है जो स्थानीय स्तर पर आकार शुद्ध रखता है, जैसे मर्केटर; कोई प्रक्षेप बड़े क्षेत्र पर एक साथ ऑर्थोमॉर्फिक और होमोलोग्राफिक नहीं हो सकता। विकल्प C गलत है क्योंकि दिगंशीय या खमध्य उस वर्ग का नाम है जो ग्लोब को स्पर्श करते समतल पर बनता है, सुरक्षित गुण का नाम नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्नोमोनिक एक विशेष परिदृश्य खमध्य प्रक्षेप है, जिस पर बृहत वृत्त सरल रेखा बनता है और जो विमानन में उपयोगी है।
कैडेस्ट्रल अर्थात भू-अभिलेख मानचित्र मुख्यतः किस प्रयोजन से बनाए जाते हैं?
- A.भूखंडों की सीमा और स्वामित्व का अभिलेख रखने के लिए
- B.किसी देश में वर्षा का वितरण दिखाने के लिए
- C.महाद्वीपों के बीच वायुमार्ग दिखाने के लिए
- D.किसी पर्वत श्रेणी का उच्चावच छोटे मापक पर दिखाने के लिए
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A है। कैडेस्ट्रल मानचित्र गाँव या नगर का बहुत बड़े मापक का मानचित्र है, जो भूखंडों, खेतों, उनकी सीमाओं तथा स्वामियों को दर्ज करने के लिए बनता है और भू-राजस्व अभिलेख तथा संपत्ति के पंजीकरण का आधार होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि वर्षा का मानचित्र विषयक या वितरण मानचित्र है, जो छोटे मापक पर समवर्षा रेखाओं से बनता है। विकल्प C गलत है क्योंकि वायुमार्ग छोटे मापक के मार्ग अथवा एटलस मानचित्रों पर दिखाए जाते हैं, जहाँ धरातल का विवरण जानबूझकर छोड़ा जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि उच्चावच स्थलाकृतिक मानचित्रों पर समोच्च रेखाओं से दिखाया जाता है, और छोटा मापक शब्द इसे दुगुना गलत बनाता है, क्योंकि कैडेस्ट्रल मानचित्र नियमित प्रयोग के सबसे बड़े मापक वाले मानचित्र हैं। कैडेस्ट्रल शब्द का अर्थ ही संपत्ति का पंजिका अभिलेख है, और यही इसे याद रखने का सरल सूत्र है।
सुदूर संवेदन में धरातल पर उस सबसे छोटी वस्तु का आकार, जिसे संवेदक पहचान सकता है, क्या कहलाता है?
- A.वर्णक्रमीय विभेदन
- B.विकिरणमितीय विभेदन
- C.कालिक विभेदन
- D.स्थानिक विभेदन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर D, स्थानिक विभेदन है। इसे सामान्यतः एक पिक्सेल के धरातलीय आकार में बताया जाता है, इसलिए एक मीटर विभेदन वाला संवेदक लगभग एक मीटर की वस्तुओं को अलग कर सकता है, और इसी से उच्च विभेदन चित्र नगर मानचित्रण में उपयोगी होते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि वर्णक्रमीय विभेदन अंकित तरंगदैर्घ्य बैंडों की संख्या और उनकी संकीर्णता बताता है, जिससे तय होता है कि भिन्न पदार्थ कितनी बारीकी से पहचाने जा सकेंगे। विकल्प B गलत है क्योंकि विकिरणमितीय विभेदन संकेत की तीव्रता के अंतर के प्रति संवेदनशीलता है, जो स्तरों अथवा बिट में बताई जाती है। विकल्प C गलत है क्योंकि कालिक विभेदन वह अंतराल है जिसके बाद उसी क्षेत्र का चित्र दोबारा लिया जाता है, जो फसल की वृद्धि या बाढ़ के फैलाव को देखने में महत्वपूर्ण है।
भारत में उपग्रह आंकड़े प्राप्त तथा वितरित करने वाले राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र का मुख्यालय कहाँ है?
- A.बेंगलुरु
- B.हैदराबाद
- C.अहमदाबाद
- D.देहरादून
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, हैदराबाद है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का यह केंद्र हैदराबाद से कार्य करता है और निकट स्थित शाडनगर के भू-केंद्र का संचालन करता है, जहाँ भारतीय तथा विदेशी उपग्रहों के आंकड़े प्राप्त होते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि बेंगलुरु में इसरो का मुख्यालय तथा यू. आर. राव उपग्रह केंद्र है, जहाँ उपग्रह बनाए जाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अहमदाबाद में अंतरिक्ष उपयोग केंद्र है, जो पेलोड और अनुप्रयोग विकसित करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि देहरादून में भारतीय सर्वेक्षण विभाग का मुख्यालय तथा भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान है, जो प्रशिक्षण और शोध संस्थान है, आंकड़ा केंद्र नहीं। परीक्षा के लिए तीनों नगर एक साथ याद रखें: इसरो मुख्यालय बेंगलुरु, अंतरिक्ष उपयोग केंद्र अहमदाबाद और राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र हैदराबाद, तथा भारतीय सर्वेक्षण विभाग देहरादून में है।
भू-स्थिर उपग्रह पृथ्वी से लगभग कितनी ऊँचाई पर स्थापित किया जाता है?
- A.पृथ्वी से 900 किलोमीटर ऊपर
- B.पृथ्वी से 10,000 किलोमीटर ऊपर
- C.भूमध्य रेखा से 36,000 किलोमीटर ऊपर
- D.भूमध्य रेखा से 1,00,000 किलोमीटर ऊपर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, भूमध्य रेखा से लगभग 36,000 किलोमीटर ऊपर है। इस ऊँचाई पर उपग्रह का परिक्रमण काल पृथ्वी के घूर्णन काल के बराबर हो जाता है, इसलिए वह भूमध्य रेखा के एक ही बिंदु के ऊपर रहता है और आकाश में स्थिर प्रतीत होता है, जो संचार तथा मौसम उपग्रहों के लिए आवश्यक है। विकल्प A गलत है क्योंकि कुछ सौ किलोमीटर की ऊँचाई भू-प्रेक्षण उपग्रहों की निकट-ध्रुवीय सूर्य तुल्यकालिक कक्षाओं की है, जो प्रत्येक चक्कर में भूमध्य रेखा को समान स्थानीय समय पर पार करती हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि दस हजार किलोमीटर पर परिक्रमण काल एक दिन से बहुत कम होगा और उपग्रह आकाश में खिसकता दिखेगा। विकल्प D गलत है क्योंकि एक लाख किलोमीटर भू-स्थिर पट्टी से बहुत ऊपर है और वहाँ परिक्रमण काल एक दिन से अधिक होगा।