अवरक्त, दृश्य और पराबैंगनी विकिरणों/प्रकाश के गुण अलग-अलग होते हैं। इन विकिरणों/प्रकाश से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अवरक्त की तरंगदैर्ध्य पराबैंगनी विकिरण से अधिक होती है।
- B.पराबैंगनी की तरंगदैर्ध्य दृश्य प्रकाश से कम होती है।
- C.दृश्य प्रकाश के फोटॉन की ऊर्जा अवरक्त प्रकाश से अधिक होती है।
- D.पराबैंगनी के फोटॉन की ऊर्जा दृश्य प्रकाश से कम होती है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D। पराबैंगनी फोटॉन की ऊर्जा दृश्य प्रकाश से अधिक होती है, कम नहीं, इसलिए यह कथन गलत है।
फोटॉन की ऊर्जा E = hc/λ होती है, यानी तरंगदैर्ध्य जितनी छोटी, ऊर्जा उतनी अधिक। तरंगदैर्ध्य के क्रम में अवरक्त सबसे लंबी (लगभग 700 nm से 1 mm), फिर दृश्य प्रकाश (लगभग 400 से 700 nm, लाल से बैंगनी) और पराबैंगनी उससे भी छोटी (लगभग 10 से 400 nm) होती है। इसलिए फोटॉन ऊर्जा अवरक्त, दृश्य, पराबैंगनी के क्रम में बढ़ती है। यही कारण है कि पराबैंगनी किरणें त्वचा को झुलसा सकती हैं और DNA को नुकसान पहुँचाती हैं, जबकि अवरक्त हमें मुख्यतः ऊष्मा के रूप में महसूस होता है।
A सही कथन है, क्योंकि अवरक्त लाल से परे है और उसकी तरंगदैर्ध्य पराबैंगनी से लंबी है।
B सही कथन है, क्योंकि पराबैंगनी बैंगनी से परे है और उसकी तरंगदैर्ध्य दृश्य प्रकाश से छोटी है।
C सही कथन है, क्योंकि दृश्य प्रकाश की तरंगदैर्ध्य अवरक्त से छोटी है, इसलिए उसकी फोटॉन ऊर्जा अधिक है।
Exam tip: तरंगदैर्ध्य और ऊर्जा उलटे चलते हैं: रेडियो, माइक्रोवेव, अवरक्त, दृश्य, UV, X-किरण, गामा में ऊर्जा बढ़ती है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस कोशिकांग में DNA होता है?
- A.गॉल्जी उपकरण
- B.माइटोकॉन्ड्रिया
- C.लाइसोसोम
- D.अंतर्द्रव्यी जालिका
उत्तर देखें
माइटोकॉन्ड्रिया में अपना छोटा, वृत्ताकार DNA और अपने राइबोसोम होते हैं। माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका का 'पावरहाउस' है, जहाँ वायवीय श्वसन से ATP बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सब्जियों का कौन-सा समूह पौधे का भूमिगत तना या रूपांतरित तना है?
- A.आलू, आर्टिचोक, टिंडा
- B.प्याज, लहसुन, गाजर
- C.आलू, प्याज, लहसुन
- D.आलू, लहसुन, शलजम
उत्तर देखें
तीनों भूमिगत रूपांतरित तने हैं: आलू तना कंद है, और प्याज तथा लहसुन शल्ककंद (बल्ब) हैं। तने को जड़ से उसकी गाँठों (पर्वसंधियों) और कलिकाओं से पहचाना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →300 Hz आवृत्ति वाली एक ध्वनि तरंग किसी अज्ञात माध्यम में चल रही है। इसकी तरंगदैर्ध्य ज्ञात नहीं है। यह समय t में अपनी तरंगदैर्ध्य के 150 गुने के बराबर दूरी तय करती है। t का मान है :
- A.0.5 s
- B.1 s
- C.1.5 s
- D.2 s
उत्तर देखें
तरंग हर कंपन में एक तरंगदैर्ध्य आगे बढ़ती है, इसलिए 150 तरंगदैर्ध्य के लिए 150 कंपन चाहिए, और 300 कंपन प्रति सेकंड की दर से 150 कंपन में आधा सेकंड लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोई वस्तु किसी द्रव में तैरती है, यदि उत्प्लावन बल :
- A.उसके भार के बराबर हो।
- B.उसके भार से कम हो।
- C.उसके भार से अधिक हो।
- D.शून्य हो।
उत्तर देखें
तैरती वस्तु संतुलन में होती है, इसलिए ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावन बल ठीक उसके भार को संतुलित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-से मानव मस्तिष्क के विभिन्न भाग हैं?
- A.फोरफ्रंट ब्रेन, स्टैंडर्ड ब्रेन और पश्च मस्तिष्क
- B.अग्र मस्तिष्क, मीडियन ब्रेन और रियर ब्रेन
- C.अग्र मस्तिष्क, मध्य मस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क
- D.प्रीकर्सर ब्रेन, मीन ब्रेन और पश्च मस्तिष्क
उत्तर देखें
ये मानव मस्तिष्क के तीन मुख्य भाग हैं। अग्र मस्तिष्क सबसे बड़ा भाग है।
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