असंगठित क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण में पहली बार कौन सी जानकारी दर्ज की जाएगी?
- A.डिजिटल भुगतान साधनों का उपयोग
- B.महिला उद्यमियों की लिंग आधारित अड़चनें
- C.भागीदार राज्यों के जिला स्तरीय अनुमान
- D.ई-कॉमर्स बाजार में प्रतिष्ठानों की उपस्थिति
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर महिला उद्यमियों की लिंग आधारित अड़चनें है। संशोधित अनुसूची में पहली बार यह पूछा जाएगा कि महिलाओं को अपने प्रतिष्ठान चलाने और प्रबंधित करने में कौन सी अड़चनें आती हैं, जिससे असंगठित क्षेत्र में महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को प्रभावित करने वाले कारकों पर प्रमाण आधार बन सके। विकल्प A गलत है, क्योंकि यूपीआई, मोबाइल वॉलेट और बिक्री केंद्र उपकरणों जैसे डिजिटल भुगतान साधनों पर प्रश्न सर्वेक्षण के प्रौद्योगिकी खंड में पहले से हैं और आगे भी चलेंगे। विकल्प C गलत है, क्योंकि नई नमूना रूपरेखा में भागीदार राज्यों द्वारा जिला स्तरीय अनुमान तैयार करने की व्यवस्था पिछले दौरों में ही आ चुकी है। विकल्प D इसी कारण गलत है, क्योंकि मौजूदा खंड पहले से पूछता है कि प्रतिष्ठान ई-कॉमर्स बाजार में है या नहीं। वास्तव में नए प्रश्न बिजली के स्रोत, लंबी अवधि के स्थिर परिसंपत्ति निवेश तथा हथकरघा-हस्तशिल्प पहचान से जुड़े हैं।
पूरा लेख पढ़ें: एएसयूएसई 2027-28 अप्रैल-मार्च वित्त वर्ष के अनुरूप होगा
अभ्यास प्रश्न
एएसयूएसई 2027-28 किस अवधि में कराया जाना प्रस्तावित है?
- A.जनवरी 2027 से दिसंबर 2027
- B.अप्रैल 2027 से मार्च 2028
- C.जुलाई 2027 से जून 2028
- D.अक्टूबर 2027 से सितंबर 2028
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सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने असंगठित क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण को अब तक चले कैलेंडर वर्ष चक्र से हटाकर वित्त वर्ष पर लाने का प्रस्ताव रखा है, जिससे इसकी संदर्भ अवधि उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण तथा संगठित सेवा क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण जैसे अन्य उद्यम सर्वेक्षणों से…
पूरी व्याख्या पढ़ें →हथकरघा, पावरलूम और हस्तशिल्प प्रतिष्ठानों की पहचान के दो प्रश्न किसके अनुरोध पर जोड़े गए?
- A.वस्त्र मंत्रालय
- B.एमएसएमई मंत्रालय
- C.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
- D.ग्रामीण विकास मंत्रालय
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सांख्यिकी मंत्रालय ने बताया कि ये दो प्रश्न उसी मंत्रालय के अनुरोध पर जोड़े गए, जिससे सर्वेक्षण के ढांचे में हथकरघा, पावरलूम और हस्तशिल्प कार्य में लगे प्रतिष्ठानों की पहचान हो सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →फ्लैश रिपोर्ट में किस क्षेत्र श्रेणी का खर्च और लागत का अनुपात सबसे अधिक दर्ज हुआ?
- A.ऊर्जा
- B.परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स
- C.जल एवं स्वच्छता
- D.सामाजिक एवं वाणिज्यिक बुनियादी ढांचा
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इस श्रेणी में 50 परियोजनाएं हैं और इनमें से अधिकतर भौतिक तथा वित्तीय प्रगति के ऊंचे बैंड में हैं, जिससे यह अनुपात ऊंचा दिखता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एमओएसपीआई की सितंबर 2026 फ्लैश रिपोर्ट के अनुसार कितनी चालू केंद्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी हो रही है और उनकी लागत क्या है?
- A.1,853 परियोजनाएं, 37.56 लाख करोड़ रुपये
- B.1,320 परियोजनाएं, 20.07 लाख करोड़ रुपये
- C.780 परियोजनाएं, 17.73 लाख करोड़ रुपये
- D.1,073 परियोजनाएं, 11.04 लाख करोड़ रुपये
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यही सितंबर 2026 की मासिक फ्लैश रिपोर्ट का मुख्य आंकड़ा है, जिसमें 150 करोड़ रुपये और उससे अधिक लागत की परियोजनाएं शामिल हैं और ये 17 केंद्रीय मंत्रालयों तथा विभागों में फैली हैं; इनकी निगरानी पैमाना मंच पर होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सितंबर 2026 की फ्लैश रिपोर्ट में सबसे अधिक परियोजनाएं किस मंत्रालय की हैं?
- A.रेल मंत्रालय
- B.विद्युत मंत्रालय
- C.सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके पास निगरानी वाली 974 परियोजनाएं हैं, जो कुल संख्या के आधे से कुछ अधिक हैं, और इनकी संशोधित लागत 9.46 लाख करोड़ रुपये है, यानी कुल लागत का करीब एक चौथाई।
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