असंगठित कामगारों तथा गिग एवं प्लेटफॉर्म कामगारों का राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड किस कानून के तहत गठित किया गया है?
- A.वेतन संहिता
- B.औद्योगिक संबंध संहिता
- C.सामाजिक सुरक्षा संहिता
- D.व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशा संहिता
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर सामाजिक सुरक्षा संहिता है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने जब असंगठित कामगारों तथा गिग एवं प्लेटफॉर्म कामगारों के राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के गठन की अधिसूचना जारी की, तब स्पष्ट रूप से कहा गया कि यह बोर्ड सामाजिक सुरक्षा संहिता के वैधानिक ढांचे के अंतर्गत स्थापित हुआ है, जो श्रम संहिताओं में से एक है। यही संहिता वह कानून भी है जिसके संचालन में उठने वाले विषयों पर बोर्ड केंद्र सरकार को सलाह देता है तथा जिसकी निधि और लेखा की समीक्षा उसे करनी है। इस प्रकार बोर्ड के प्रत्येक कार्य का संबंध इसी संहिता से जुड़ता है। विकल्प A, B और D अन्य श्रम संहिताओं के नाम हैं और अधिसूचना में इनमें से किसी को भी इस बोर्ड के अधिकार का स्रोत नहीं बताया गया; मंत्रालय ने केवल सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी संहिता का उल्लेख किया। परीक्षा के लिए यह ध्यान रखें कि असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म कामगारों के कल्याण बोर्ड सामाजिक सुरक्षा संहिता से निकलते हैं, जबकि वेतन, औद्योगिक संबंध और कार्यस्थल सुरक्षा के विषय अलग-अलग संहिताओं में हैं।
पूरा लेख पढ़ें: गिग श्रमिकों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड अधिसूचित
अभ्यास प्रश्न
नव अधिसूचित राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की अध्यक्षता कौन करेंगे?
- A.प्रधानमंत्री
- B.केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री
- C.केंद्रीय वित्त मंत्री
- D.श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव
उत्तर देखें
अधिसूचना में साफ कहा गया है कि बोर्ड की अध्यक्षता श्रम एवं रोजगार विभाग संभालने वाले केंद्रीय मंत्री करेंगे। इससे असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म कामगारों के कल्याण की राजनीतिक जिम्मेदारी सीधे इस निकाय के शीर्ष पर आ जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड को एक वर्ष में कम से कम कितनी बार बैठक करनी होगी?
- A.एक बार
- B.दो बार
- C.तीन बार
- D.छह बार
उत्तर देखें
अधिसूचना न्यूनतम सीमा तय करती है, अधिकतम नहीं: राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड को किसी भी वर्ष में कम से कम तीन बार बैठक करनी होगी और बैठकों में कामकाज का तरीका केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया नियमों के अनुसार रहेगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गुप्त प्रयोगशाला से जुड़े दो व्यक्तियों को किस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया?
- A.स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985
- B.धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002
- C.विधिविरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1967
- D.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
उत्तर देखें
जालौन की गुप्त निर्माण इकाई से जुड़े दोनों व्यक्तियों को इसी कानून के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया, जो मादक पदार्थों के उत्पादन, रखने, बेचने और ले जाने को अपराध बनाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आरोपी के आवास की तलाशी में कौन सी तैयार मादक दवा बरामद हुई?
- A.हेरोइन
- B.मेथाक्वालोन
- C.मेफेड्रोन
- D.केटामाइन
उत्तर देखें
एक आरोपी के आवासीय परिसर की तलाशी में लगभग 15.4 किलोग्राम तैयार मेथाक्वालोन के साथ करीब 153 किलोग्राम रसायन और निर्माण में काम आने वाली एक मशीन बरामद हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →डीआरआई ने उत्तर प्रदेश के किस जिले में गुप्त सिंथेटिक नशीली दवा निर्माण प्रयोगशाला पकड़ी?
- A.झांसी
- B.जालौन
- C.हमीरपुर
- D.बांदा
उत्तर देखें
राजस्व आसूचना निदेशालय ने उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के एक दूरदराज गांव में यह गुप्त प्रयोगशाला खोजी और 29 अक्टूबर 2026 की भोर में छापा मारा, जिसमें राज्य के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने परिचालन मदद दी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →