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GK24
कंप्यूटर ज्ञानआसानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2026, GS Paper I

ऐसा ई-कॉमर्स राजस्व मॉडल, जिसमें विक्रेता कीमत तय करता है पर उत्पादों का स्टॉक नहीं रखता, बल्कि ग्राहक के ऑर्डर और शिपमेंट का विवरण किसी तीसरे पक्ष के आपूर्तिकर्ता को भेज देता है, जो फिर सामान सीधे ग्राहक को भेजता है, क्या कहलाता है?

  1. A.ड्रॉपशिपिंग मॉडल
  2. B.एफिलिएट राजस्व मॉडल
  3. C.लेन-देन शुल्क राजस्व मॉडल
  4. D.एजेंसी राजस्व मॉडल

सही उत्तर

A. ड्रॉपशिपिंग मॉडल

व्याख्या

सही उत्तर है A, ड्रॉपशिपिंग मॉडल। ड्रॉपशिपिंग में विक्रेता दुकान चलाता है और कीमत तय करता है, जबकि आपूर्तिकर्ता स्टॉक रखता है और हर ऑर्डर सीधे खरीदार को भेजता है।

ड्रॉपशिपिंग स्टोर अपनी वेबसाइट पर उत्पाद दिखाता है, ग्राहक से ऑर्डर और भुगतान लेता है और फिर वह ऑर्डर थोक मूल्य पर किसी थोक विक्रेता या निर्माता को भेज देता है। आपूर्तिकर्ता सामान पैक करके सीधे भेजता है, अक्सर विक्रेता के ब्रांड नाम से। विक्रेता की कमाई उसके लिए गए खुदरा मूल्य और चुकाए गए थोक मूल्य का अंतर होती है। इसमें गोदाम या स्टॉक की जरूरत नहीं होती, इसलिए इसे शुरू करना सस्ता है, पर स्टॉक, गुणवत्ता और डिलीवरी के समय पर विक्रेता का नियंत्रण कम रहता है।

B गलत है क्योंकि एफिलिएट केवल खरीदारों को दूसरे विक्रेता की साइट पर भेजने का कमीशन पाता है और कीमत तय नहीं करता। C गलत है क्योंकि लेन-देन शुल्क मॉडल में किसी प्लेटफ़ॉर्म पर हर सौदे का हिस्सा लिया जाता है, जैसे पेमेंट गेटवे करते हैं। D गलत है क्योंकि एजेंसी मॉडल में कीमत प्लेटफ़ॉर्म नहीं, आपूर्तिकर्ता तय करता है।

Exam tip: ड्रॉपशिपिंग = कीमत विक्रेता तय करे, स्टॉक और शिपिंग आपूर्तिकर्ता का।

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Q1.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iआसान

निम्नलिखित में से किसने अपने नागरिकों के लिए 'जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन' नामक डेटा संरक्षण और निजता का कानून अप्रैल 2016 में अपनाया और 25 मई, 2018 से इसे लागू करना शुरू किया?

  1. A.ऑस्ट्रेलिया
  2. B.कनाडा
  3. C.यूरोपीय संघ
  4. D.संयुक्त राज्य अमेरिका
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. यूरोपीय संघ

जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (जीडीपीआर) यूरोपीय संघ का डेटा संरक्षण कानून है, जिसे अप्रैल 2016 में अपनाया गया और 25 मई 2018 से लागू किया गया।

Q2.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2025, GKआसान

फ़ायरवॉल लगाने के उद्देश्य निम्नलिखित में से कौन-से हैं? 1. इंटरनेट से आने वाले प्रत्येक पैकेट की जांच करना 2. अनधिकृत पहुंच को रोकना 3. संदिग्ध गतिविधि को रोकना 4. टेलीफ़ोनों को आपस में जोड़ना नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.1, 3 और 4
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3

फ़ायरवॉल आने वाले ट्रैफ़िक की जांच करता है, अनधिकृत उपयोगकर्ताओं को रोकता है और संदिग्ध गतिविधि को रोकता है, पर टेलीफ़ोन जोड़ने से इसका कोई संबंध नहीं है।

Q3.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2025, GKआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा एक तार्किक संक्रियक (लॉजिकल ऑपरेटर) नहीं है?

  1. A.NOT
  2. B.OR
  3. C.AND
  4. D.भाग (डिवीज़न)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. भाग (डिवीज़न)

भाग एक अंकगणितीय संक्रियक है जो संख्याओं पर काम करता है, जबकि तार्किक संक्रियक सत्य और असत्य मानों पर काम करते हैं।

Q4.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2025, GKमध्यम

सॉफ्टवेयर पोर्ट के क्या उपयोग हैं? 1. क्लाइंट कंप्यूटर को सर्वर से जोड़ना 2. बाहरी उपकरणों को कंप्यूटर से जोड़ना 3. ईमेल, फ़ाइल ट्रांसफर जैसी विभिन्न सेवाओं की पहचान करना 4. कैमरा, स्कैनर जैसे परिधीय उपकरणों को जोड़ना नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

  1. A.1 और 2
  2. B.1 और 3
  3. C.2 और 3
  4. D.2 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1 और 3

सॉफ्टवेयर पोर्ट कोई भौतिक सॉकेट नहीं, बल्कि एक तार्किक संख्या है, इसलिए इसका उपयोग नेटवर्क कनेक्शन और सेवाओं को अलग-अलग पहचानने में होता है।

Q5.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iमध्यम

संचार प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में, LTE (लॉन्ग-टर्म इवोल्यूशन) और VoLTE (वॉइस ओवर लॉन्ग-टर्म इवोल्यूशन) के बीच क्या अंतर है/हैं? 1. LTE को सामान्यतः 3G के रूप में और VoLTE को सामान्यतः उन्नत 3G के रूप में विपणित किया जाता है। 2. LTE केवल डेटा वाली प्रौद्योगिकी है और VoLTE केवल ध्वनि वाली प्रौद्योगिकी है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. न तो 1, न ही 2

दोनों में से कोई भी कथन इन दोनों तकनीकों का वास्तविक अंतर नहीं बताता। LTE चौथी पीढ़ी का मोबाइल ब्रॉडबैंड मानक है और ग्राहकों को 4G के नाम से बेचा जाता है, 3G के नाम से नहीं।