अगस्त 2026 के थोक मूल्य सूचकांक में किस प्रमुख समूह में सबसे अधिक वार्षिक मुद्रास्फीति दर्ज हुई?
- A.प्राथमिक वस्तुएं
- B.ईंधन और ऊर्जा
- C.विनिर्मित उत्पाद
- D.सभी वस्तुएं
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर ईंधन और ऊर्जा है, जिसमें अगस्त 2026 में 22.93 प्रतिशत मुद्रास्फीति दर्ज हुई। यह आंकड़ा बाकी सभी समूहों से कहीं ऊपर है और जुलाई 2026 के 20.05 प्रतिशत से भी बढ़ा है, इसी कारण पेट्रोलियम उत्पादों सहित खनिज तेल इस महीने की थोक मुद्रास्फीति के कारकों में सबसे पहले गिनाए गए हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्राथमिक वस्तुओं में 7.76 प्रतिशत दर रही और यह समूह पिछले महीने के 8.52 प्रतिशत से नरम पड़ा। विकल्प C गलत है, क्योंकि विनिर्मित उत्पादों में 8.37 प्रतिशत दर रही, जो जुलाई के 8.29 प्रतिशत से मामूली अधिक है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सभी वस्तुएं कोई प्रमुख समूह नहीं बल्कि कुल योग है और उसकी दर 9.92 प्रतिशत थी। समूहों के सूचकांक भी याद रखें: प्राथमिक वस्तुएं 118.1, ईंधन और ऊर्जा 108.3, विनिर्मित उत्पाद 108.8।
पूरा लेख पढ़ें: अगस्त 2026 में थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 9.92 प्रतिशत हुई
अभ्यास प्रश्न
अगस्त 2026 के लिए भारत की थोक मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति दर कितनी रही?
- A.8.37 प्रतिशत
- B.9.78 प्रतिशत
- C.9.92 प्रतिशत
- D.10.45 प्रतिशत
उत्तर देखें
यह अगस्त 2026 के लिए आधार वर्ष 2022-23 पर घोषित अनंतिम वार्षिक थोक मुद्रास्फीति दर है, और इसी महीने सभी वस्तुओं का सूचकांक 110.8 रहा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →थोक खाद्य सूचकांक का भार कितना है और अगस्त 2026 में इसमें कितनी मुद्रास्फीति रही?
- A.भार 24.99 प्रतिशत, मुद्रास्फीति 7.05 प्रतिशत
- B.भार 22.93 प्रतिशत, मुद्रास्फीति 6.65 प्रतिशत
- C.भार 24.99 प्रतिशत, मुद्रास्फीति 9.92 प्रतिशत
- D.भार 18.50 प्रतिशत, मुद्रास्फीति 7.05 प्रतिशत
उत्तर देखें
थोक खाद्य सूचकांक अपने आप में कोई प्रमुख समूह नहीं है; इसे प्राथमिक वस्तुओं के समूह से खाद्य सामग्री और विनिर्मित उत्पादों के समूह से खाद्य उत्पादों का विनिर्माण निकालकर एक साथ जोड़कर बनाया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुंबई में आयोजित 14वें इंडिया केम 2026 का विषय क्या था?
- A.एडवांटेज भारत: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब
- B.केमिकल्स फॉर अ विकसित भारत
- C.ग्रीन केमिस्ट्री, ग्रीन ग्रोथ
- D.मेक इन इंडिया, मिक्स इन इंडिया
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इंडिया केम का 14वां संस्करण मुंबई में 22 से 24 अक्तूबर 2026 तक तीन दिन चला और इसका उद्देश्य रसायन तथा पेट्रोरसायन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन भारत के तीन चालू पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्रों में शामिल नहीं है?
- A.गुजरात में दाहेज
- B.ओडिशा में पारादीप
- C.आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम-काकीनाडा
- D.पश्चिम बंगाल में हल्दिया
उत्तर देखें
भारत में तीन पीसीपीआईआर चालू हैं - गुजरात का दाहेज, आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम-काकीनाडा और ओडिशा का पारादीप। हल्दिया इनमें शामिल नहीं है, इसलिए विकल्प D ही अपवाद है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →समर्पित रसायन पार्कों के लिए बनी भव्य रसायन योजना का कुल परिव्यय कितना है?
- A.1,000 करोड़ रुपये
- B.3,030 करोड़ रुपये
- C.5,000 करोड़ रुपये
- D.30,000 करोड़ रुपये
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जुलाई 2026 में मंजूर भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन का कुल परिव्यय इतना ही है, जिसमें से 3,000 करोड़ रुपये साझा अवसंरचना तथा बुनियादी सुविधाओं के लिए और 30 करोड़ रुपये प्रशासनिक व्यय के लिए रखे गए हैं।
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