अभ्यास समुद्र लक्ष्मण भारतीय नौसेना और किस देश की नौसेना के बीच होता है?
- A.इंडोनेशिया
- B.मलेशिया
- C.सिंगापुर
- D.थाईलैंड
सही उत्तर
B. मलेशिया
व्याख्या
सही उत्तर मलेशिया है। अभ्यास समुद्र लक्ष्मण भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना के बीच होता है, और इसका चौथा संस्करण मलेशिया के लुमुट में 9 से 12 सितंबर 2026 तक हुआ, जिसमें आईएनएस मैसूर परिचालन तैनाती के तहत शामिल हुआ। बाकी तीनों विकल्प दक्षिण-पूर्व एशिया के ऐसे समुद्री पड़ोसी हैं जिनके साथ भारत के अपने अलग नौसैनिक कार्यक्रम चलते हैं, इसीलिए इन्हें यहां रखा गया है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इंडोनेशिया के साथ भारत की द्विपक्षीय नौसैनिक गतिविधि अलग व्यवस्था है और इस विज्ञप्ति में उसका जिक्र नहीं है। विकल्प C और D भी इसी कारण गलत हैं। संकेत नाम में ही छिपा है: लक्ष्मण मलय भाषा में नौसेनाध्यक्ष के अर्थ वाला शब्द है, इसलिए नाम को मलेशिया से जोड़कर याद रखना सबसे आसान तरीका है। यह भी ध्यान रखें कि विज्ञप्ति इस संस्करण को 1 जुलाई 2026 को हुई 12वीं भारत-मलेशिया उप-समिति बैठक से जोड़ती है।
पूरा लेख पढ़ें: आईएनएस मैसूर ने मलेशिया में समुद्र लक्ष्मण अभ्यास पूरा किया
अभ्यास प्रश्न
अभ्यास समुद्र लक्ष्मण के चौथे संस्करण में भारतीय नौसेना का कौन सा जहाज शामिल हुआ?
- A.आईएनएस विक्रांत
- B.आईएनएस मैसूर
- C.आईएनएस शिवालिक
- D.आईएनएस कोलकाता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आईएनएस मैसूर
व्याख्या
सही उत्तर आईएनएस मैसूर है। यह जहाज भारतीय नौसेना की परिचालन तैनाती के हिस्से के रूप में भेजा गया था और उसने मलेशिया के लुमुट में अभ्यास के चौथे संस्करण में भाग लिया। समुद्र में परिचालन चरण के दौरान इसने रॉयल मलेशियाई नौसेना के दो जहाजों केडी लेकिर और केडी गगाह समुदेरा के साथ अभ्यास किया, और जहाजों ने ऐसे समन्वित युद्धाभ्यास किए जिनका उद्देश्य अंतर-संचालनीयता तथा परिचालन समन्वय बढ़ाना था। विकल्प A गलत है, क्योंकि इस विज्ञप्ति में विमानवाहक पोत का नाम नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह जहाज इस अभ्यास में शामिल नहीं था, हालांकि इस श्रेणी के जहाज ऐसे अभ्यासों में नियमित रूप से भेजे जाते हैं। विकल्प D भी इसी आधार पर गलत है। जहाज को अभ्यास और स्थान दोनों से जोड़कर याद रखें, क्योंकि प्रश्न उलटकर भी पूछा जाता है।
अभ्यास समुद्र लक्ष्मण के चौथे संस्करण के बारे में कौन सा कथन सही है?
- A.यह पूरी तरह समुद्र में हुआ, इसमें कोई बंदरगाह चरण नहीं था
- B.इसमें बंदरगाह चरण और समुद्र में परिचालन चरण दोनों थे
- C.यह छह नौसेनाओं वाला बहुपक्षीय अभ्यास था
- D.यह विशाखापत्तनम के तट पर आयोजित हुआ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इसमें बंदरगाह चरण और समुद्र में परिचालन चरण दोनों थे
व्याख्या
सही उत्तर यह है कि अभ्यास में बंदरगाह चरण और समुद्र में परिचालन चरण दोनों थे। बंदरगाह चरण में दोनों नौसेनाओं के कर्मियों के बीच पेशेवर आदान-प्रदान और बातचीत हुई, जिससे उन्हें अनुभव साझा करने और आपसी समझ बढ़ाने का अवसर मिला। इसके बाद अभ्यास समुद्र में पहुंचा, जहां आईएनएस मैसूर ने रॉयल मलेशियाई नौसेना के जहाजों केडी लेकिर और केडी गगाह समुदेरा के साथ अभ्यास किया और जहाजों ने समन्वित युद्धाभ्यास किए। विकल्प A इसी कारण गलत है, क्योंकि बंदरगाह चरण पहले हुआ और उसका विस्तार से उल्लेख है। विकल्प C गलत है, क्योंकि समुद्र लक्ष्मण भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय अभ्यास है, कई नौसेनाओं का जमावड़ा नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि आयोजन स्थल मलेशिया का लुमुट था, कोई भारतीय बंदरगाह नहीं। बंदरगाह के बाद समुद्र वाला यह ढांचा भारत के कई द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यासों में मिलता है।
ड्रोनाथॉन-2026 का शुभारंभ किसने किया और इस अवसर पर कौन सा दस्तावेज जारी हुआ?
- A.प्रमुख रक्षा अध्यक्ष; ड्रोन पर संयुक्त सिद्धांत
- B.वायु सेना उप प्रमुख; वायु सेना का यूएएस रोडमैप
- C.रक्षा मंत्री; रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया
- D.वायु सेना प्रमुख; वायु शक्ति सिद्धांत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वायु सेना उप प्रमुख; वायु सेना का यूएएस रोडमैप
व्याख्या
सही उत्तर वायु सेना उप प्रमुख, जिन्होंने यूएएस रोडमैप जारी किया है। इस पद पर एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित हैं, और उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया तथा रोडमैप भी जारी किया, जिसका उद्देश्य भारतीय उद्योग को वायु सेना की क्षमता प्राथमिकताओं की स्पष्ट दिशा देना है। यह रोडमैप उद्योग, शिक्षण संस्थानों और अनुसंधान संगठनों को अपने प्रयास बल की भावी आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने में मदद करने के लिए बनाया गया है। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने इसका शुभारंभ नहीं किया, हालांकि एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि रक्षा मंत्री का नाम किसी दस्तावेज के विमोचन के साथ नहीं जुड़ा। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह वायु सेना प्रमुख नहीं बल्कि उप प्रमुख थे, और दस्तावेज समूची वायु शक्ति के बजाय मानवरहित प्रणालियों से जुड़ा था।
ड्रोनाथॉन-2026 में भारतीय वायु सेना द्वारा प्रदर्शित 'वायु उत्तम' क्या है?
- A.एक लंबी दूरी का सशस्त्र ड्रोन
- B.स्वदेशी मानवरहित हवाई यातायात प्रबंधन प्रणाली
- C.एक नई हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल
- D.मौसम पूर्वानुमान का उपग्रह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. स्वदेशी मानवरहित हवाई यातायात प्रबंधन प्रणाली
व्याख्या
सही उत्तर स्वदेशी मानवरहित हवाई यातायात प्रबंधन प्रणाली है। वायु उत्तम को स्वदेशी रूप से विकसित बहु-आयामी प्रणाली बताया गया है, और पोखरण रेंज में इसके वास्तविक समय के प्रदर्शन में इसने सैन्य तथा असैन्य, दोनों प्रकार के मानवरहित विमानों का पता लगाकर उन पर नजर रखी। इसका उद्देश्य बढ़ती भीड़भाड़ वाले हवाई क्षेत्र में ड्रोन उड़ानों का समन्वित प्रबंधन करना तथा अनधिकृत या खतरनाक ड्रोन को समय रहते पहचानकर उनसे निपटना है। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि इसका उपयोग सेना से आगे बढ़कर हवाई क्षेत्र की सुरक्षा, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, नागर विमानन और जनसुरक्षा में हो सकता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वायु उत्तम स्वयं उड़ता नहीं और न ही हथियार ले जाता है; यह उड़ने वाली प्रणालियों का यातायात संभालता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इस कार्यक्रम में कोई मिसाइल शामिल नहीं थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह उपग्रह नहीं है।
पहले भारतीय वायु सेना ड्रोनाथॉन-2026 का शुभारंभ कहां हुआ?
- A.पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज, जैसलमेर
- B.वायु सेना स्टेशन हिंडन, गाजियाबाद
- C.चांदीपुर परीक्षण रेंज, ओडिशा
- D.सूर्यलंका फायरिंग रेंज, आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज, जैसलमेर
व्याख्या
सही उत्तर पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज, जैसलमेर है। वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने ड्रोनाथॉन के पहले संस्करण का शुभारंभ वहीं किया, और उसी रेंज में पहले दिन स्वदेशी यातायात प्रबंधन प्रणाली वायु उत्तम का सजीव प्रदर्शन भी हुआ। समारोह में रक्षा मंत्रालय तथा एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। विकल्प B गलत है, क्योंकि कार्यक्रम का कोई हिस्सा राजधानी के पास किसी वायु सेना स्टेशन पर नहीं हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि ओडिशा की चांदीपुर रेंज मिसाइल परीक्षणों से जुड़ी है, इस मानवरहित प्रणाली अभ्यास से नहीं। विकल्प D भी इसी कारण गलत है, क्योंकि सूर्यलंका रेंज वायु रक्षा अभ्यास के लिए उपयोग होती है। ड्रोनाथॉन को राजस्थान के पोखरण से जोड़कर याद रखें, क्योंकि ऐसे प्रश्नों में स्थान ही सबसे अधिक पूछा जाता है।