320 g द्रव्यमान की एक गेंद है। एक ऊँचाई से स्वतंत्र रूप से छोड़े जाने पर इसकी स्थितिज ऊर्जा 625 J है। वह गेंद किस चाल से धरती से टकराएगी?
- A.62.5 m/s
- B.2.0 m/s
- C.50 m/s
- D.40 m/s
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, 62.5 m/s। मुक्त पतन में पूरी स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है, इसलिए 625 J = ½ × 0.32 kg × v², जिससे v = 62.5 m/s आता है।
पहले द्रव्यमान को किलोग्राम में बदलें: 320 g = 0.32 kg। वायु प्रतिरोध को नगण्य मानें तो यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है, यानी जमीन से टकराने से ठीक पहले गेंद की गतिज ऊर्जा उसकी शुरुआती स्थितिज ऊर्जा के बराबर होती है। तब ½mv² = 625 J, इसलिए v² = 2 × 625 ÷ 0.32 = 1250 ÷ 0.32 = 3906.25। इसका वर्गमूल 62.5 है, इसलिए गेंद 62.5 m/s की चाल से टकराती है। जाँच: ½ × 0.32 × 62.5 × 62.5 = 625 J।
B गलत है, क्योंकि 2.0 m/s पर गतिज ऊर्जा केवल 0.64 J होगी।
C गलत है, क्योंकि 50 m/s पर ½ × 0.32 × 2500 = 400 J आता है, 625 J नहीं।
D गलत है, क्योंकि 40 m/s पर ऊर्जा केवल 256 J होगी।
परीक्षा टिप: मुक्त पतन में mgh = ½mv², इसलिए v = √(2E/m); द्रव्यमान को हमेशा पहले किलोग्राम में बदलें।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएनोडीकरण (एनोडाइज़िंग) प्रक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य नहीं है?
- A.यह ऐलुमिनियम को संक्षारण-रोधी बनाती है।
- B.ऐलुमिनियम, टाइटेनियम और मैग्नीशियम जैसी धातुओं का एनोडीकरण किया जा सकता है।
- C.साफ़ ऐलुमिनियम की वस्तु एनोड होती है और ऑक्सीजन गैस कैथोड पर निकलती है।
- D.इसका उपयोग विमान उद्योग में होता है।
उत्तर देखें
एनोडीकरण में साफ़ ऐलुमिनियम की वस्तु वास्तव में एनोड होती है, लेकिन ऑक्सीजन एनोड पर निकलती है, कैथोड पर नहीं; कैथोड पर हाइड्रोजन निकलती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.बढ़ती तीव्रता की ध्वनि के प्रति कान की अनुक्रिया लगभग लघुगणकीय होती है।
- B.मानव कान की संवेदनशीलता ध्वनि की आवृत्ति के साथ नहीं बदलती।
- C.जब दो या अधिक तरंगें एक ही माध्यम से गुज़रती हैं, तो माध्यम के किसी भी अवयव का विस्थापन प्रत्येक तरंग के कारण हुए विस्थापनों का बीजगणितीय योग होता है।
- D.अनुदैर्ध्य तरंगें सभी माध्यमों — ठोस, द्रव और गैस — में चल सकती हैं।
उत्तर देखें
यह कथन कि मानव कान की संवेदनशीलता आवृत्ति के साथ नहीं बदलती, गलत है, क्योंकि कान कुछ आवृत्तियों के प्रति दूसरों की तुलना में कहीं अधिक संवेदनशील होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बच्चों में क्वाशियोरकर रोग किसके कारण होता है?
- A.आहार में पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट किंतु कम वसा
- B.आहार में पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट और वसा किंतु प्रोटीन की कमी
- C.आहार में पर्याप्त विटामिन किंतु वसा की कमी
- D.आहार में पर्याप्त वसा किंतु विटामिन की कमी
उत्तर देखें
क्वाशियोरकर उस बच्चे में होने वाला प्रोटीन की कमी का रोग है जिसे पर्याप्त कैलोरी मिल रही हो। यह प्रायः तब होता है जब बच्चे का माँ का दूध छुड़ाकर उसे कम प्रोटीन वाला, स्टार्च से भरपूर आहार दिया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दिए गए पदार्थों के pH का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.कॉफ़ी < नींबू का रस < मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया < रक्त
- B.मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया < रक्त < कॉफ़ी < नींबू का रस
- C.नींबू का रस < रक्त < कॉफ़ी < मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया
- D.नींबू का रस < कॉफ़ी < रक्त < मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया
उत्तर देखें
सबसे अम्लीय से सबसे क्षारीय की ओर रखने पर ये चारों पदार्थ ठीक इसी क्रम में आते हैं। साइट्रिक अम्ल से भरपूर नींबू के रस का pH लगभग 2 से 2.5 होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा रोग विटामिन C की कमी से हो सकता है?
- A.रिकेट्स (सूखा रोग)
- B.रेबीज़
- C.हेपेटाइटिस
- D.स्कर्वी
उत्तर देखें
स्कर्वी विटामिन C, यानी एस्कॉर्बिक अम्ल, की कमी से होता है; शरीर को कोलेजन बनाने के लिए इसकी ज़रूरत होती है, जो त्वचा, मसूड़ों और रक्त वाहिकाओं को जोड़े रखने वाला प्रोटीन है।
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